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यूपी: संतों की टोली, विहिप व राम मंदिर ट्रस्ट भी कर रहे बीजेपी का प्रचार 

यूपी: संतों की टोली, विहिप व राम मंदिर ट्रस्ट भी कर रहे बीजेपी का प्रचार 

साधु-संतों और विहिप के द्वारा प्रचार करने से क्या बीजेपी को उत्तर प्रदेश के चुनाव में कोई सियासी फायदा मिलेगा?

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में मतदान खत्म होते ही सूबे के अवध व पूर्वी हिस्सों में बीजेपी ने प्रचार अभियान का तरीका बदल दिया है। पहले दो चरणों में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जिक्र मामूली तरीके से ही किया गया था तो अब इसे प्रमुखता से प्रचारित-प्रसारित किया जा रहा है। 

अयोध्या के साधु संत, विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) और यहां तक कि राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट भी बीजेपी के प्रचार में उतर गया है। 

संतों की टोली अयोध्या सहित कई विधानसभा क्षेत्रों में मंदिर ट्रस्ट, संघ और विहिप के नेताओं के साथ घर-घर जाकर लोगों से वोट मांगने लगी है। संतों की टोली जल्द ही प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी जाकर प्रचार करेगी। 

विहिप ने तो बाकायदा प्रचार अभियान को रफ्तार देने के लिए वोटर हेल्पलाइन भी शुरु कर दी है। 

घर-घर पहुंचा रहे प्रसाद 

अयोध्या में राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य तो घर-घर जाकर बीजेपी को वोट देने की अपील के साथ ही जन्मभूमि मंदिर का प्रसाद भी बांट रहे हैं। मंदिर निर्माण के रजकण भी मतदाताओं को बांटे जा रहे हैं। साधु, संतों के साथ मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने प्रचार अभियान की शुरुआत मंदिरों से आशीर्वाद लेकर शुरु की है। जिसका नेतृत्व मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य डॉ. अनिल मिश्र व आरएसएस के सह प्रांत प्रचारक मनोज, विहिप के महानगर प्रचारक अनिल, संरक्षक पंडित राम जी मिश्र, विभाग अध्यक्ष विजय सिंह बंटी, विभाग मंत्री धीरेश्वर वर्मा, महानगर मंत्री अखिलेश वर्मा आदि कर रहे हैं। 

प्रचार के लिए राम मंदिर के निर्माण स्थल की मिट्टी के हजारों पैकेट बनाए गए हैं जिसे मतदाताओं को दिया जाएगा।

अन्य क्षेत्रों में भी प्रचार

ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के मुताबिक यह जन संपर्क अभियान पूरे चुनाव तक जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि वोटरों से अपील की जा रही है कि उसे ऐसी सरकार चुननी है, जिसका नेतृत्व ईमानदार हो, जो सरकार सांस्कृतिक एवं निर्माण का कार्य करे, जात-पात से मुक्त राजनीति कर समरसता का माहौल तैयार करे। 

 - Satya Hindi

मौर्य के लिए भी प्रचार 

कौशांबी जिले के सिराथू विधानसभा क्षेत्र में जहां से प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य चुनाव लड़ रहे हैं वहां भी राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी और संत इसी तर्ज पर प्रचार करने पहुंच चुके हैं। प्रचार कर रही टीम का कहना है कि मौर्य मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे रहे हैं, इसलिए अयोध्या के साथ ही उनके लिए भी प्रचार किया जा रहा है। वैसे टीम की योजना अवध क्षेत्र के ज्यादा जिलों में पहुंचने की है।

संत समाज भी मैदान में उतरा

अयोध्या के प्रमुख संतों ने कहा है कि संत समाज भी राम भक्त सरकार के पक्ष में प्रचार करेगा। डॉ. राम विलास वेदांती ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण जो सरकार करवा रही है उसे आगे भी बने रहना चाहिए। जिससे भव्य राम मंदिर के निर्माण में किसी तरह की बाधा न आने पाए। अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी के तौर पर विकसित करने की जो योजनाएं चल रही हैं और प्रस्तावित हैं, वे रूकनी नहीं चाहिए।

संतों और मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों के मुताबिक चुनाव प्रचार अभियान में अयोध्या के विकास की योजनाओं व अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्वाचन निर्माण की भी विस्तृत जानकारी दी जा रही है। संघ परिवार की टीम ने अपने संपर्क अभियान में शत प्रतिशत मतदान कर ईमानदार सरकार चुनने की अपील के साथ 'मेरा वोट-आतंकवादियों पर चोट', 'मेरा वोट-अपराधियों पर चोट' के नारे लगाए। 

मतदाता जागरूकता अभियान को लेकर निकली संघ परिवार की टीम ने घर-घर में संपर्क कर लोगों से उन्हीं मुद्दों को ध्यान में रखकर वोट डालने को कहा जो बीजेपी के एजेंडे में शामिल हैं।

पश्चिम में प्रचार से दूर था राम मंदिर ट्रस्ट

बीजेपी ने पश्चिम में ज्यादातर सीटों पर अल्पसंख्यक मतों की बहुलता के चलते वहां के प्रचार में संत समाज अथवा मंदिर ट्रस्ट को नहीं जोड़ा था। पार्टी का मानना था कि इससे अल्पसंख्यक मतों का ध्रुवीकरण होता और कई सीटों पर नुकसान हो सकता है। पार्टी नेताओं का कहना था कि पहले चरण की बहुत सारी अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर प्रमुख प्रतिद्वंद्वी सपा-रालोद ने हिन्दू उम्मीदवार खड़े किए थे तो अन्य दलों जैसे बसपा और कांग्रेस ने मुसलिम प्रत्याशी उतारे थे। 

राम मंदिर को लेकर आक्रामक प्रचार से सपा-रालोद के पक्ष में वोटों की गोलबंदी होने का अंदेशा था। अवध और पूर्वी जिलों में राम मंदिर का प्रचार भी काम आएगा और यहां इसका असर भी होगा।

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