अखिलेश CBI के सामने पेश नहीं हुए, कहा- ये (भाजपा) यूपी से आए हैं, यूपी से जाएंगे

04:42 pm Feb 29, 2024 | सत्य ब्यूरो

चुनाव से पहले खनन मामले में सीबीआई के समन पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा कि वे (सीबीआई) भाजपा की एक यूनिट के रूप में काम करते हैं। यादव ने लखनऊ में पार्टी कार्यालय में कहा, "चुनाव से पहले सम्मन... वे (सीबीआई) भाजपा के 'प्रकोष्ठ' (सेल) के रूप में कार्य करते हैं।"

जो कागज (सीबीआई समन) आया था, हमने उसका जवाब दे दिया है। सीबीआई भाजपा के सेल के रूप में काम कर रही है। ये (भाजपा) यूपी से आए थे, यूपी से ही जाएंगे। यह कोई पहली बार सीबीआई नहीं बुला रही है, याद करो नेताजी और हमारे परिवार को कितने दिन सीबीआई के अंडर रहना पड़ा। अगर आप राजनीति कर रहे हैं और PDA के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं तो इन सब चीजों का सामना करना पड़ेगा।


-अखिलेश यादव, सपा प्रमुख 29 फरवरी 2024 सोर्सः सपा प्रेस कॉन्फ्रेंस

सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव ने सीबीआई को लिखा है कि सपा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष होने के नाते उत्तर प्रदेश के मतदाताओं के प्रति उनका संवैधानिक कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होकर सीबीआई के समन का पालन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह एक कानून का पालन करने वाले नागरिक के रूप में कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए तैयार और इच्छुक हैं।

अखिलेश यादव ने सीबीआई समन का दबाव महसूस किए बिना गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा पर तीखा हमला बोला।  भाजपा पर हमला करते हुए, यादव ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव का उल्लेख किया और आरोप लगाया कि भाजपा की वोटों की “चोरी” और “डकैती” सामने आ गई क्योंकि चुनाव मतपत्र के माध्यम से हुआ था और सीसीटीवी था। 

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उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता केंद्र की भाजपा सरकार को हटा देगी। उन्होंने कहा, ''भाजपा शासन में महंगाई चरम पर है, कानून-व्यवस्था चरमरा गई है और राज्य में वर्तमान शासन में महिलाएं सबसे अधिक असुरक्षित हैं।'' उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि लोगों को जागरूक किया जाए।

डिंपल की प्रतिक्रिया

मैनपुरी से सपा सांसद और अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव ने कहा-  "वे (अखिलेश) पहले नेता प्रतिपक्ष नहीं है जिन्हें समन भेजा गया है। लगातार नेताओं, उद्योगपतियों, व्यापरियों, छोटे व्यापारियों पर दबाव बनाया जा रहा है... INDIA गठबंधन की मजबूती से यह सरकार डर गई है, इसलिए यह किया जा रहा है।"

यूपी में जब इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस-सपा का समझौता हुआ तो उसके बाद दो घटनाक्रम हुए। सपा के कुछ विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी संजय सेठ के लिए राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग की। इसमें सपा के अगड़े विधायकों की भूमिका ज्यादा थी। इसके बाद अखिलेश यादव को सीबीआी ने बहुत पुराने मामले में समन जारी कर दिया और उन्हें 29 फरवरी को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया। अखिलेश दिल्ली जाने की बजाय मीडिया के सामने आए। सीबीआई समन जारी होने के बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि कहीं अखिलेश सीबीआई समन से डर न जाएं। लेकिन अखिलेश और डिंपल दोनों ने बहुत स्पष्ट तरीके से बताया दिया कि वे लोग डरने वाले नहीं हैं।