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‘ऑफ़र’ देने का सबूत है तो FIR क्यों नहीं कराते सिसोदिया?

‘ऑफ़र’ देने का सबूत है तो FIR क्यों नहीं कराते सिसोदिया?

अगर मनीष सिसोदिया के पास ऐसी कोई ऑडियो रिकॉर्डिंग है और उन्होंने इसे जारी कर दिया तो बीजेपी क्या बुरी तरह फंस जाएगी?

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पास बीजेपी के एक नेता की ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा किया गया है। आम आदमी पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, रिकॉर्डिंग में कहा गया है कि अगर सिसोदिया आम आदमी पार्टी छोड़ देते हैं तो उनके खिलाफ सीबीआई के द्वारा दर्ज मुकदमे को वापस ले लिया जाएगा।

बताना होगा कि सोमवार को मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा था कि उनके पास बीजेपी का संदेश आया है कि वह आम आदमी पार्टी को तोड़कर उनके साथ आ जाएं तो उनके खिलाफ चल रहे सीबीआई और ईडी के सारे मुकदमे बंद हो जाएंगे।

एनडीटीवी के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के एक नेता ने कहा कि वह इस मौके पर इस ऑडियो रिकॉर्डिंग को जारी नहीं करना चाहते लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो पार्टी इस ऑडियो रिकॉर्डिंग को जारी करेगी। 

जारी करें ऑडियो रिकॉर्डिंग

अगर वास्तव में मनीष सिसोदिया के पास ऐसी कोई ऑडियो रिकॉर्डिंग है तो उन्हें इसे निश्चित रूप से जारी करना चाहिए। क्योंकि ऐसी कोई रिकॉर्डिंग होने से बीजेपी बुरी तरह फंस जाएगी।

मनीष सिसोदिया देश की राजधानी दिल्ली में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उपमुख्यमंत्री जैसे बड़े ओहदे पर हैं। अगर उन्हें किसी तरह का लालच देने की कोशिश की गई, खरीदने की कोशिश की गई और इसकी कोई ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास है तो उन्हें पुलिस में जाकर तुरंत इसकी एफआईआर करानी चाहिए।

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हालांकि बीजेपी ने सिसोदिया के इस तरह के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि अगर आम आदमी पार्टी के पास कोई सबूत है तो उसे इसे जारी करना चाहिए। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने कहा है कि मनीष सिसोदिया जैसे ही सार्वजनिक करेंगे कि उन्हें बीजेपी में आने के लिए किसका मैसेज आया किस नंबर से और कब आया तो वैसे ही उनके पास भी एक वीडियो है और वह उसे जारी कर देंगे।

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बता दें कि तमाम विपक्षी दल लगातार यह आरोप लगाते हैं कि बीजेपी केंद्रीय एजेंसियों के जरिए उनकी सरकारों में और उनके दलों में तोड़फोड़ का काम करती है।

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज का कहना है कि ऐसे दर्जनों उदाहरण हैं जहां पर बीजेपी अपने विरोधी दलों के नेताओं पर दबाव बनाकर उनका पाला बदल करवाती है और पाला बदल करने के बाद उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस हो जाते हैं।

आबकारी नीति पर घमासान

बता दें कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार की नई आबकारी नीति को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी आमने-सामने हैं। बीजेपी और कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी पर आबकारी नीति के जरिए शराब माफियाओं को फायदा पहुंचाने और करोड़ों रुपए का घोटाला करने का आरोप लगाया है। जबकि आम आदमी पार्टी और केजरीवाल सरकार का कहना है कि उसके द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए बेहतर कामों से परेशान होकर केंद्र सरकार उसे फंसा रही है।

सिसोदिया के द्वारा खुद को महाराणा प्रताप का वंशज बताने को लेकर भी बीजेपी ने उन पर हमला बोला था। बीजेपी नेताओं ने कहा था कि भ्रष्टाचार के मामले का सामना कर रहे किसी शख्स का अपना नाम महाराणा प्रताप से जोड़ना गलत है।

मनीष सिसोदिया के साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी कह चुके हैं कि उन्हें केंद्रीय एजेंसियां गिरफ्तार कर सकती हैं। ऐसे में आने वाले कुछ दिन और दिल्ली की राजनीति में बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच जबरदस्त घमासान चलता रहेगा। 

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