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शिवसेना के 16 बागी विधायकों को डिप्टी स्पीकर ने भेजा नोटिस

शिवसेना के 16 बागी विधायकों को डिप्टी स्पीकर ने भेजा नोटिस

शिवसेना से बगावत करने वाले विधायकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। क्या उनकी विधानसभा की सदस्यता बच पाएगी?

शिवसेना से बगावत करने वाले 16 विधायकों को महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने उन्हें अयोग्य ठहराने वाला नोटिस शनिवार को भेज दिया गया है। सभी विधायकों को उनका लिखित जवाब दाखिल करने के लिए 27 जून शाम 5.30 बजे तक का वक्त दिया गया है। ये सभी विधायक गुवाहाटी के एक होटल में रुके हैं। 

उधर, शिवसेना ने भी पार्टी से बगावत करने वाले 16 विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। यह नोटिस पार्टी के व्हिप सुनील प्रभु की ओर से बुलाई गई बैठक से गैरहाजिर रहने के लिए जारी किया गया है। सभी विधायकों से कहा गया है कि वह अपने समर्थन में जो भी दस्तावेज हैं उन्हें 27 जून शाम 5 बजे तक जमा करा दें।

इसके अलावा महाराष्ट्र के डिप्टी स्पीकर के दफ्तर से बागी नेता एकनाथ शिंदे को नोटिस जारी कर कहा गया है कि वह 27 जून शाम 5:30 बजे तक हाजिर होकर अपना पक्ष रखें। 

नोटिस में कहा गया है कि अगर वह इसका जवाब नहीं देते हैं तो यह माना जाएगा कि उन्हें कुछ नहीं कहना है और इसके बाद तय प्रक्रिया के मुताबिक आगे का फैसला ले लिया जाएगा। 

लेकिन एकनाथ शिंदे ने कहा था कि किसी भी तरह का व्हिप विधानसभा की कार्यवाही के दौरान ही लागू होता है और पार्टी की किसी बैठक के लिए यह नियम लागू नहीं होता। उन्होंने कहा था कि शिवसेना का नेतृत्व उन्हें डराने की कोशिश नहीं करे और वह लोग डरने वाले नहीं हैं।

महाराष्ट्र में चल रहा यह सियासी संघर्ष अब काफी आगे बढ़ चुका है और एकनाथ शिंदे गुट ने अपनी नई पार्टी बनाने का एलान कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस पार्टी का नाम बालासाहेब शिवसेना रखा जाएगा। 

लेकिन शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में हुई शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कहा कि कोई और बालासाहेब ठाकरे के नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकता। इस मामले में शिवसेना ने चुनाव आयोग जाने की भी बात कही है।

आघाडी से बाहर निकलने की मांग

मुंबई और महाराष्ट्र में कई जगहों पर शिवसेना के बागी विधायकों का विरोध होने के बाद कुछ अन्य शिवसैनिक मैदान में उतर आए हैं। इन शिवसैनिकों ने मांग की है कि शिवसेना प्रमुख और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को महा विकास आघाडी गठबंधन से बाहर निकलना चाहिए। शिवसैनिकों ने शनिवार को कुछ जगहों पर प्रदर्शन किया और अपनी मांग को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सामने रखा। 

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