चंपई सोरेन दिल्ली पहुँचे तो बीजेपी में शामिल होने के कयास क्यों? जानें वह क्या बोले

04:10 pm Aug 18, 2024 | सत्य ब्यूरो

चंपई सोरेन रविवार को दिल्ली क्या पहुँचे, उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गईं। झारखंड में विधानसभा चुनाव से पहले पाला बदलने की अटकलें पहले से ही लगाई जा रही हैं। मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि एक दिन पहले ही उन्होंने कोलकाता में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी से मिले थे। हाल में ही वह कथित तौर पर दलबदल क़ानून के तहत जेएमएम से निष्कासित विधायक से मिले थे जिनके बीजेपी में शामिल होने के कयास हैं। तो क्या सच में चंपई सोरेन ऐसा कुछ सोच रहे हैं?

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के तुरंत बाद चंपई सोरेन ने संभावित दलबदल से जुड़े सवालों को टालते हुए कहा, 'मैं यहां अपने निजी काम से आया हूँ। अभी हम जहां पर हैं वहीं पर हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि वह अपनी बेटी से मिलने दिल्ली आये हैं।

रविवार सुबह जब वरिष्ठ झामुमो नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिल्ली के लिए रवाना हुए तो ऐसी अफवाहें उड़ीं कि उनके साथ पार्टी के छह विधायक भी हैं और वे भाजपा में जाने पर विचार कर रहे हैं। हालाँकि, झामुमो ने सोरेन के भाजपा में शामिल होने की खबरों को अफवाह मात्र करार दिया है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडे ने भाजपा को डूबता जहाज बताया और कहा कि सोरेन कभी भी इसमें शामिल होने के बारे में नहीं सोचेंगे।

चंपई सोरेन के दिल्ली दौरे के समय ने अटकलों को हवा दे दी है। एनडीटीवी के अनुसार ऐसा इसलिए है क्योंकि वे अपने प्रवास के दौरान भाजपा नेताओं से मिलने वाले हैं। यह घटनाक्रम झामुमो के पूर्व विधायक लोबिन हेमब्रोम के साथ उनकी हाल ही में हुई मुलाकात के बाद हुआ है। वह कथित तौर पर भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। हेमब्रोम को हाल ही में दलबदल विरोधी कानून के तहत झामुमो विधायक के रूप में अयोग्य घोषित किया गया था। हालांकि, चंपई सोरेन ने इस मुलाकात के महत्व को कम करके आंका और इसे एक नियमित चर्चा बताया। 

भाजपा ने हाल ही में झारखंड के जिला प्रमुखों और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित प्रमुख नेताओं के साथ बैठकें कीं। हालांकि, जब चंपई सोरेन के भाजपा में शामिल होने की संभावना के बारे में पूछा गया तो हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, 'अभी तक कोई भी हमारे संपर्क में नहीं है। मैं भी चैनलों से ये ख़बरें सुन रहा हूं। चंपई सोरेन बहुत वरिष्ठ नेता हैं, मैं उनके बारे में कोई अनौपचारिक टिप्पणी नहीं करना चाहता।' 

झारखंड भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने भी इसी तरह की राय जाहिर की और कहा कि सोरेन को पार्टी में शामिल करने का फ़ैसला केंद्रीय नेतृत्व को लेना है। उन्होंने कहा कि मैंने यह बात केवल रिपोर्ट में सुनी है। मेरे पास कोई प्रामाणिक जानकारी नहीं है।

हेमंत सोरेन को कथित जमीन घोटाले के मामले में 31 जनवरी को ईडी द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया गया था। उन्हें सोरेन परिवार का क़रीबी माना जाता है।

हालांकि, झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा हेमंत सोरेन को जमानत दिए जाने के बाद चंपई सोरेन ने 3 जुलाई को पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि चंपई सोरेन कथित तौर पर इस बात से खुश नहीं थे कि उन्हें शीर्ष पद से हटा दिया गया, ताकि हेमंत सोरेन को एक बार फिर झारखंड का मुख्यमंत्री बनाया जा सके।

इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा उन छह विधायकों से संपर्क करने में असमर्थ रहा है, जो कथित तौर पर चंपई सोरेन के साथ दिल्ली गए थे। सूत्रों ने बताया कि चंपई सोरेन कई शीर्ष भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं। सूत्रों ने बताया कि कल रात वे कोलकाता में थे, जहां उन्होंने बंगाल भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की। इसके अलावा, सूत्रों ने संकेत दिया कि सोरेन केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ लगातार संपर्क में हैं। हालांकि, झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता ने शनिवार को भाजपा में शामिल होने की अफवाहों का खंडन किया।