स्वयंभू बाबा दे रहे जान से मारने की धमकी: राजेंद्र पाल गौतम 

10:52 am Oct 29, 2022 | सत्य ब्यूरो

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने ट्वीट कर कहा है कि उन्हें कुछ स्वयंभू बाबाओं द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने इस संबंध में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर जानकारी दी है। 

बताना होगा कि कुछ दिन पहले दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें कथित रूप से हिंदू समुदाय के हजारों लोगों का बौद्ध धर्म में धर्म परिवर्तन कराने की बात कही गई थी। इस दौरान 22 प्रतिज्ञाएं ली गई थीं। 

इसे लेकर बीजेपी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और राजेंद्र पाल गौतम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और मांग की थी कि राजेंद्र पाल गौतम को कैबिनेट से हटाया जाए। 

विवाद बढ़ने पर राजेंद्र पाल गौतम ने कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। दिल्ली बीजेपी के नेताओं ने इस मामले में राजेंद्र पाल गौतम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

हालांकि राजेंद्र पाल गौतम ने कहा था कि इस तरह की प्रतिज्ञाएं साल 1956 से लगातार ली जाती रही हैं और उन्होंने किसी भी धर्म का कोई अपमान नहीं किया है। बताना होगा कि साल 1956 में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने हजारों लोगों के साथ धर्म परिवर्तन कर बौद्ध धर्म अपनाया था। 

अपने पत्र में राजेंद्र पाल गौतम ने कहा है कि हर साल देश के लाखों लोग धम्म दीक्षा कार्यक्रम में शामिल होते हैं और इन कार्यक्रमों में ली जाने वाली 22 प्रतिज्ञाओं में किसी की भी धार्मिक भावनाओं को आघात पहुंचाने जैसी कोई बात नहीं है और ना ही यह संविधान व कानून का उल्लंघन करती हैं। उन्होंने कहा है कि वह सभी धर्मों की आस्था का पूरा सम्मान करते हैं और यह उनका संवैधानिक अधिकार है कि वह किस धर्म को मानें या ना मानें।  

सीमापुरी सीट से विधायक गौतम ने पत्र में लिखा है कि कुछ स्वयंभू बाबाओं ने जनता की धार्मिक भावनाओं को भड़काकर लोगों को उनके खिलाफ हिंसा के लिए प्रेरित किया है और आतंक का माहौल बनाने की कोशिश की है। उन्होंने लिखा है कि समाज और देश के ऐसे दुश्मनों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। 

उन्होंने कहा है कि इन स्वयंभू बाबाओं के पास पैसा कहां से आता है, पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए। 

राजेंद्र पाल गौतम ने इस मामले में विवाद होने के बाद कहा था कि जिन 22 प्रतिज्ञाओं को बीजेपी ने मुद्दा बनाया है उसे भारत सरकार का सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय खुद ही छापता है। उन्होंने कहा था कि कुछ साल पहले नागपुर में इन्हीं 22 प्रतिज्ञाओं को दोहराया गया था और तब वहां केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले भी मौजूद थे। 

उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे भाजपा की गंदी राजनीति को जिम्मेदार बताया था।