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सामने ही ई-रिक्शा पलटा, यात्री फँसे रहे, वीआईपी काफिला गुजरता रहा

सामने ही ई-रिक्शा पलटा, यात्री फँसे रहे, वीआईपी काफिला गुजरता रहा

यूपी की गड्ढायुक्त सड़कों का हाल तो बेहाल है ही, अब ऐसी ही एक सड़क पर वीआईपी गाड़ियों के काफिले की असंवेदनशीलता को लेकर अधिकारी सोशल मीडिया यूजरों के निशाने पर हैं।

वीआईपी गाड़ियों के काफिले को जगह देने के प्रयास में उत्तर प्रदेश की गड्ढों वाली एक सड़क पर ई-रिक्शा पलट गया। यात्री रिक्शे में फँसे रहे और काफिले की गाड़ियां गुजरती रहीं। कहा जा रहा है कि वीआईपी लोगों का यह काफिला था। उन वीआईपी लोगों की गाड़ियाँ पलटे हुए रिक्शे में फँसे यात्रियों को निकलने के लिए रुकीं तक नहीं, उनको मदद करने की तो बात ही दूर है!

सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है। लोग इस पर टिप्पणी कर सवाल पूछ रहे हैं कि आख़िर ग़रीब का रिक्शा पलट गया, लेकिन इन गाड़ियों में से एक आदमी नहीं उतरा। एक यूज़र ने तंज में लिखा है कि 'लोग बाल-बाल बचे। और देखिए कितनी ज़हमत उठाई गाड़ी से उतर कर मदद करने में'।

इस वीडियो में दिखता है कि वीआईपी गाड़ियों का एक काफिला गुजर रहा होता है। सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे हैं और उसमें बारिश का पानी जमा है। इसी बीच सामने से आ रहा एक ई-रिक्शा जगह देने के प्रयास में पलट जाता है। रिक्शे में कई लोग सवार होते हैं जो या तो उसके नीचे तबे होते हैं या फिर उसमें फँसे। काफिले की गाड़ियाँ एक-एक कर निकलती जाती हैं। कोई भी गाड़ी नहीं रुकती है। उसमें से कोई भी मदद को आगे नहीं आता है। गाड़ियों के काफिले के नहीं रुकने से रिक्शे को सीधा करने में दिक्कत भी आती हुई लगती है। 

हालाँकि, वीडियो के आख़िर में दिखता है कि सड़क के किनारे खड़े कुछ लोग मदद को दौड़ते हैं और वे रिक्शे को सीधा करते हुए नज़र आते हैं।

बहरहाल, इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने तरह तरह की टिप्पणी की है। एक यूज़र कहता है कि यह तसवीर यूपी के सीतापुर की है और वह डीएम, पुलिस के आला अफसरों और अन्य वीआईपी का काफिला था। 

पत्रकार रणविजय सिंह ने लिखा है कि वीआईपी काफिले को रास्ता देने के चक्कर में गरीब का रिक्शा पलट गया, इतनी गाड़ियाँ थीं, एक आदमी नहीं उतरा। उन्होंने यूपी की सड़कों की स्थिति पर भी चिंता जताई है।

दीपक सिंह नाम के यूज़र ने लिखा है कि उत्तर प्रदेश में पीडब्ल्यूडी मंत्री बदला है, हालात नहीं योगी जी। दरअसल उन्होंने इस वीडियो के साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो भी साझा किया है जिसमें वह कहते सुने जा सकते हैं कि 2017 के पहले सड़कों को गड्ढामुक्त किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस महीने की शुरुआत में भी अधिकारियों को 15 नवंबर तक राज्य में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया था। उन्होंने एक उच्च स्तरीय बैठक में कहा था कि 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाना चाहिए।

एक यूज़र सड़क की स्थिति की ओर इशारा करते हुए कहता है कि 'याद है न गडकरी जी कह चुके हैं कि 2024 तक अमेरिका जैसी सड़कें बनाएंगे।'

बता दें कि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया है कि यूपी की सड़कों को 2024 से पहले अमेरिका से भी बेहतर बनाया जाएगा। यानी सवा साल में ही सड़कों को चमका दिया जाएगा। 

गडकरी की इस घोषणा से एक दिन पहले ही उत्तर प्रदेश का पूर्वांचल एक्सप्रेसवे सड़क धंसने से सुर्खियों में रहा और इसके लिए सोशल मीडिया पर सरकार को जमकर कोसा गया है। जुलाई महीने में बारिश की वजह से नए बने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का कुछ हिस्सा धंस गया था। इसको लेकर भी सोशल मीडिया पर सरकार की खूब किरकिरी हुई थी।

लोगों ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उन वादों को याद दिलाना शुरू किया जिनमें उन्होंने कहा था कि राज्य की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाया जाएगा।

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