सस्पेंस से भरी फ़िल्म लंदन कॉन्फिडेंशियल की समीक्षा, जानिए कैसी है यह फ़िल्म

12:50 pm Sep 21, 2020 | दीपाली श्रीवास्तव - सत्य हिन्दी

फ़िल्म- लंदन कॉन्फिडेंशियल

डायरेक्टर- कंवल सेठी

स्टार कास्ट- मौनी रॉय, पूरब कोहली, कुलराज रंधावा

स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म- ज़ी 5

शैली- स्पाई-थ्रिलर

रेटिंग- 3/5

इस वक़्त जहाँ एक तरफ़ देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है वहीं दूसरी तरफ़ भारत-चीन सीमा पर भी लगातार तनाव बना हुआ है। इसी बीच ओटीटी प्लेटफॉर्म ज़ी 5 पर फ़िल्म 'लंदन कॉन्फिडेंशियल' रिलीज़ हुई है। इसमें शुरुआत में ही यह बताया गया कि चीन ने एक और ख़तरनाक वायरस बना लिया है और उसे बॉर्डर पर छोड़ने की तैयारी में है। जिसका भंडाभोड़ भारत के अंडर कवर एजेंट लंदन में होने वाली कॉन्फ्रेंस में करने वाले हैं। फ़िल्म का निर्देशन कंवल सेठी ने किया और इसकी कहानी हुसैन ज़ैदी ने लिखी है। इसके साथ ही फ़िल्म 'लंदन कॉन्फिडेंशियल' में मौनी रॉय, पूरब कोहली और कुलराज रंधावा लीड रोल में हैं। तो आइये जानते हैं इसकी क्या है कहानी-

क्या है 'लंदन कॉन्फिडेंशियल' में ख़ास

फ़िल्म की कहानी है कि 7 दिनों में लंदन में दुनिया भर के वायरस विशेषज्ञों की एक कॉन्फ्रेंस होनी है और इससे पहले लंदन में काम कर रहे भारतीय एजेंट बीरेन घोष को अपने एक चीनी सूत्र से यह मालूम पड़ता है कि कोरोना के बाद चीन भारत की सीमा पर एक और वायरस अटैक करने जा रहा है। यह बात वो भारतीय इंटेलिजेंस टीम को लीड कर रही उमा (मौनी रॉय) को बताने ही वाला होता है कि चीनी एजेंट बीरेन को किडनैप करके उसकी हत्या कर देते हैं। उमा के साथ ही उसके सहयोगी अर्जुन (पूरब कोहली) के आगे अब यह चुनौती खड़ी हो जाती है कि आख़िर वो चीनी सूत्र कौन है और इसके साथ ही उमा को यह भी पता चलता है कि इंडियन इंटेलिजेंस टीम में कोई ऐसा व्यक्ति है जो चीनी ख़ुफ़िया एजेंसी एमएसएस को यहाँ की पूरी जानकारी दे रहा है। 

एक तरफ़ उमा और अर्जुन के लिए लंदन कॉन्फ्रेंस से पहले सब कुछ पता लगाने की चुनौती होती है वहीं दूसरी तरफ़ चीनी ख़ुफ़िया एजेंसी एमएसएस भी काफ़ी सक्रिय है। अब ऐसे में उमा और अर्जुन 7 दिनों में सब कुछ कैसे पता लगायेंगे क्या वो चीनी सूत्र मिल पायेगा या चीन भारत की सीमा में वायरस अटैक करने में कामयाब हो जायेगा भारतीय इंटेलिजेंस में कौन है जो सारी जानकारी इधर से उधर कर रहा है ये सब कुछ आपको ज़ी 5 पर फ़िल्म 'लंदन कॉन्फिडेंशियल' देखने के बाद पता चलेगा। यह फ़िल्म सिर्फ़ 1 घंटे 17 मिनट की है। 

निर्देशन

फ़िल्म निर्माता कंवल सेठी ने फ़िल्म में कास्ट का चुनाव बेहतर तरीक़े से किया है लेकिन इसकी कहानी काफ़ी भागती हुई नज़र आती है। फ़िल्म 'लंदन कॉन्फिडेंशियल' की काफ़ी सस्पेंस के साथ शुरुआत होती है लेकिन उसे इतनी जल्दी में दिखाया जाता है, जिसे देखकर ऐसा लगता है कि काफ़ी कुछ बीच में ही छोड़ दिया गया।

एक्टिंग

फ़िल्म ‘गोल्ड’ या ‘मेड इन चाइना’ में मुख्य किरदार निभा चुकीं मौनी रॉय ने फ़िल्म 'लंदन कॉन्फिडेंशियल' में अच्छा अभिनय किया है। अर्जुन के किरदार में पूरब कोहली ने भी एजेंट के रोल में काफ़ी शानदार एक्टिंग की। भारतीय राजदूत के रोल में कुलराज रंधावा का किरदार भले ही फ़िल्म में ज़्यादा बड़ा न हो लेकिन एक्ट्रेस ने अच्छा काम किया है। इसके अलावा फ़िल्म के बाक़ी सभी स्टार्स ने भी बख़ूबी अपने रोल को निभाया।

फ़िल्म 'लंदन कॉन्फिडेंशियल' सिर्फ़ डेढ़ घंटे की फ़िल्म है इसे आप एक बार देख सकते हैं। फ़िल्म में कई ऐसे सस्पेंस हैं जो आख़िर में ही खुलेंगे और ये आपको अंत तक बांधे रखेंगे। इस फ़िल्म की कमजोर कड़ी बस ये है कि जिस तरह से भारी भरकम संवाद के साथ फ़िल्म की शुरुआत होती है उस तरीक़े से इसका क्लाइमेक्स नहीं होता और फ़िल्म काफ़ी जल्दी में भागती हुई नज़र आती है। परफॉर्मेंस के मामले में फ़िल्म में मौजूद सभी स्टार्स ने अच्छा काम किया है और इसलिए भी आप फ़िल्म को एक बार देख सकते हैं।