कोरोना संक्रमितों की तादाद बढ़ कर पौने तीन लाख, अब तक 11,000 से अधिक मरे

12:35 pm Mar 21, 2020 | सत्य ब्यूरो - सत्य हिन्दी

तमाम कोशिशों के बावजूद कोरोना वायरस का संक्रमण थम नहीं रहा है, यह पूरी दुनिया में बढ़ता ही जा रहा है और नए इलाकों को अपनी चपेट में ले रहा है।

ताज़ा आँकड़ों के मुताबिक़, पूरी दुनिया में कोरोना से संक्रमित लोगों की तादाद 2,76,125 हो गई है। इससे 11,404 लोगों की मौत हो चुकी है। दूसरी ओर, 91,952 लोंगों का सफलतापूर्वक इलाज भी किया जा चुका है। 

इटली

इस महामारी की चपेट में आकर इटली में शुक्रवार को 627 लोगों की मौत हो गई है। कोरोना से एक दिन में मरने वालों की यह अब तक की सबसे बड़ी तादाद है। सोशल मीडिया में आ रहे वीडियो और फ़ोटो में दिख रहा है कि इटली के कई शहर वीरान हो गए हैं। इटली में अब तक 47,027 लोग कोरोनी की चपेट में आए हैं और 4,032 लोगों की मौत हो चुकी है। 

चीन

चीन के ऊहान शहर में बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है। यह अहम इसलिए है कि ऊहान ही वह जगह है, जहाँ सबसे पहले कोरोना संक्रमण का मामला सामने आया था।

दूसरी ओर, चीन सरकार ने उस डॉक्टर से माफ़ी माँगी है, जिसने सबसे पहले कोरोना वायरस के बारे में बताया था और उसके फैलने की चेतावनी दी थी। चीन ने डॉक्टर ली वेनलियांग के ख़िलाफ़ जो अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी, उसे वापस ले लिया है। 

ब्रिटेन

ब्रिटिश सरकार ने कोरोना की वजह से घर पर बैठे सभी कर्मचारियों को वेतन का 80 प्रतिशत देने का एलान किया है। प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन ने कहा है कि ग़ैरज़रूरी सामाजिक संपर्क रोकने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। इसके पहले ब्रिटेन ने 400 अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी, जिसके तहत कोरोना की चपेट में आए उद्योग-धंधों की मदद की जाएगी। 

अमेरिका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि पूरे देश में लॉकडाउन यानी बंदी की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन सभी एहतियाती कदम उठाए जाएंगे। अमेरिका ने मेक्सिको से लगी सीमा को बंद कर दिया है। अमेरिका ने एक बार फिर लोगों से कहा है कि वे सामाजिक संपर्क कम से कम करें। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट समेत कई बड़ी अमेरिकी कंपनियों ने कर्मचारियों से घर से ही काम करने को कहा है। गूगल ने डेवलपर्स सम्मेलन आई/ओ रद्द कर दिया है। 

कोलंबिया

कोलंबिया ने कहा है कि पूरे देश का ही क्वरेन्टीन कर दिया जाएगा, यानी देश के हर आदमी को अलग-थलग कर दिया जाएगा और उन्हें क्वरेन्टीन केंद्रों में भेजा जाएगा। कोलंबिया लातिन अमेरिकी देश है और अमेरिका के पास ही है, जहाँ संक्रमण बड़े पैमाने पर फैलने की आशंका है। 

कुल मिला कर हालत यह है कि पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है। चीन और इटली जैसे देशों की स्थिति से घबराए देशों की कुल रणनीति यह है कि किसी तरह संक्रमण को रोका जाए क्योंकि फैलने के बाद इसे रोकना बेहद मुश्किल होगा। इसकी कोई दवा अब तक नहीं बनी है और जो ट्रायल स्टेज में हैं, उनके नतीजों पर संदेह बना हुआ है। जिस टीके की बात अमेरिका कर रहा है, वह यदि परीक्षण में सफल हो भी गया तो बाज़ार तक पहुँचते पहुँचते कम से कम 18 महीन लगेंगे, तब तक बहुत देर होे चुकी होगी।