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पंजाब: टाइम्स नाउ रिपोर्टर की गिरफ़्तारी 'ऑपरेशन शीशमहल' का बदला?

पंजाब: टाइम्स नाउ रिपोर्टर की गिरफ़्तारी 'ऑपरेशन शीशमहल' का बदला?

टाइम्स नाउ समूह की पत्रकार भावना किशोर की गिरफ़्तारी को लेकर पंजाब पुलिस और भगवंत मान सरकार क्यों निशाने पर है? जानिए, गिरफ्तारी को लेकर आप सरकार पर क्या आरोप लग रहे हैं।

पंजाब पुलिस द्वारा शुक्रवार को गिरफ़्तार टाइम्स नाउ नवभारत की पत्रकार भावना किशोर को शनिवार को 14 दिन की हिरासत में भेज दिया गया। उनपर गाड़ी से धक्का मारने और दलित महिला के ख़िलाफ़ 'जातिसूचक' शब्दों का इस्तेमाल करने के लिए एससी, एसटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई से पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार पर कई सवाल उठ रहे हैं।

टाइम्स नाउ ने पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई को बदले की कार्रवाई क़रार दिया है और कहा है कि केजरीवाल सरकार के ख़िलाफ़ इसके 'ऑपरेशन शीशमहल' के बदले में यह गिरफ्तारी की गई है। इधर, आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा है कि 'पंजाब की अदालत ने प्रथम दृष्टया उस टीवी रिपोर्टर को दोषी पाया और 19 मई तक हिरासत में भेज दिया है।'

संजय सिंह ने कहा है कि बीजेपी और टाइम्स नाउ चैनल दलित विरोधी हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या उन्हें अदालत पर भरोसा नहीं है?

एक दिन पहले लुधियाना पुलिस ने कहा था कि तेज कार से एक महिला को धक्का मारने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसने कहा, 'महिला के दाहिने हाथ में चोट लगी है। साथ ही अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। भावना कुमारी, मृत्युंजय कुमार और ड्राइवर परमिंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया है। गगन नाम की महिला ने शिकायत में कहा है कि तेज आ रही इनोवा कार ने टक्कर मारी और उसका फोन भी गिरकर टूट गया।' पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई की तीखी आलोचना की जा रही है। कई पत्रकारों ने भगवंत मान सरकार को कोसा है और कहा है कि मीडिया को स्वतंत्र होना चाहिए।

इस मामले में टाइम्स नाउ न्यूज चैनल की एडिटर इन चीफ़ नाविका कुमार ने कहा है कि पंजाब की लुधियाना पुलिस ने भावना किशोर, मृत्युंजय कुमार, परमिंदर को गलत धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा है कि वे पंजाब के सीएम भगवंत मान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यक्रम को कवर करने गए थे। उन्होंने दावा किया कि भावना को उस समय गिरफ़्तार किया गया जब वह मोहल्ला क्लिनिक के उद्घाटन की कवरेज करने जा रही थीं, इसका इनविटेशन भी आम आदमी पार्टी ने भेजा था। 

नाविका कुमार ने सवाल उठाया है कि क्या पत्रकार को सवाल पूछने की इजाजत नहीं है? उन्होंने कहा है कि उन पर ऐसी कई धाराएं लगाई गई हैं, जिससे वह डर जाएँ। उन्होंने कहा, 'पंजाब सरकार बदले की कार्रवाई कर रही है। हम थोड़े परेशान हो सकते हैं लेकिन पराजित नहीं।' चैनल ने साफ कर दिया है कि ऑपरेशन शीशमहल जारी रहेगा और हम अपना धर्म निभाते रहेंगे।

बता दें कि टाइम्स नाउ समूह ने हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया था कि आम आदमी की राजनीति का दावा करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकारी बंगले पर 'अनाप-शनाप पैसे' खर्च किये। उस रिपोर्ट में कहा गया था कि केजरीवाल ने अपने सरकारी आवास की मरम्मत पर क़रीब 45 करोड़ रुपये ख़र्च कर दिए। उसने यह भी आरोप लगाया कि यहाँ तक कि केजरीवाल ने एक-एक पर्दे पर आठ-आठ लाख रुपये ख़र्च किए। 

अब टाइम्स नाउ की पत्रकार की गिरफ़्तारी को लेकर भी आप सरकार पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। टाइम्स नाउ ने पूर्व डीजीपी निर्मल कौर का बयान छापा है। निर्मल कौर ने कहा है कि जो घटना हुई उसमें पत्रकार का क्या रोल है? लड़की तो ड्राइव ही नहीं कर रही थी, क्या किसी ने जाति देखकर धक्का मारा होगा? टाइम्स नाउ ने कई सवाल पूछे हैं- नए शहर में गई महिला रिपोर्टर को कैसे पता होगा कि रास्ते में मिलने वाला कोई अपरिचित किस जाति या वर्ग से है, भावना कार नहीं चला रही थीं तो उनकी गिरफ्तारी क्यों, गिरफ्तार करने वाले पुलिसकर्मी का बैच क्यों नहीं था, गिरफ्तारी के वक्त वहां महिला पुलिसकर्मी क्यों नहीं थी और गिरफ्तारी के बाद भावना के घरवालों और ऑफिस में सूचना क्यों नहीं दी गई?

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