+
चुनाव से पहले स्मृति ईरानी का अमेठी में गृह प्रवेश कई सवाल खड़े कर गया 

चुनाव से पहले स्मृति ईरानी का अमेठी में गृह प्रवेश कई सवाल खड़े कर गया 

अमेठी में गुरुवार को बिना शोर शराबे के एक गृह प्रवेश हुआ, जिसमें न तो कोई बड़ा नेता और न ही बॉलीवुड से कोई फिल्म स्टार था। इस गृह प्रवेश को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आयोजित किया था। चुनाव से ऐन पहले यह गृह प्रवेश कई संकेत दे गया है। हालांकि यह वही अमेठी है, जहां 2020 में उनके लापता होने के पोस्टर से पूरा अमेठी पट गया था। इस रिपोर्ट में कुछ वीडियो हैं, जिन्हें गौर से जरूर देखिए।

बीजेपी अमेठी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जारी ऊपर के वीडियो को गौर से देखिए। यह वीडियो केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के गुरुवार को अमेठी गृह प्रवेश के मौके पर आयोजित सांस्कृति कार्यक्रम का है। पूरा वीडियो देखने से आगे की रिपोर्ट समझने में आसानी होगी।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उनके पति जुबिन ईरानी ने गुरुवार को अमेठी में अपने नए आवास पर गृह प्रवेश की रस्में निभाईं। यह कार्यक्रम लोकसभा चुनाव 2024 से चंद महीने पहले हुआ है। अमेठी के स्थानीय लोगों को इस कार्यक्रम के बारे में पहले से सूचना नहीं थी। दरअसल, यूपी में बुधवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में मिलकर चुनाव लड़ने के लिए समझौता हुआ है। सोनिया-राहुल-प्रियंका गांधी से जुड़ी अमेठी और रायबरेली सीट कांग्रेस के हिस्से में आई है।यह घोषणा होते ही गुरुवार को यह कार्यक्रम सामने आया है। अभी चार दिन पहले अमेठी से राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा भी गुजरी है, लेकिन तब तक भी अमेठी के लोगों को स्मृति ईरानी के कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी।

राहुल के कार्यक्रम में अमेठी में जिस तरह भीड़ जुटी, उससे स्मृति ईरानी कैंप काफी विचलित है। इसके बाद मानहानि केस में जब राहुल गांधी सुल्तानपुर की जिला अदालत में पेश होने गए तो वहां भी भारी भीड़ उनके आसपास नजर आई। हाल ही में अमेठी से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसमें युवक स्मृति ईरानी को 2019 में चुनना एक भूल बता रहे हैं। तो क्या ये सब एक बार फिर अमेठी से स्मृति ईरानी बनाम राहुल गांधी के चुनाव की प्रस्तावना है? 

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने हाल ही में कहा था कि अमेठी के लोग चाहते हैं कि राहुल गांधी यहां से चुनाव लड़ें लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति करेगी। स्मृति ईरानी ने कहा कि वह भी चाहती हैं कि राहुल गांधी एक बार फिर अमेठी से चुनाव लड़ें. "मुझे खुशी है कि जयराम रमेश ने मेरी चुनौती स्वीकार कर ली है और राहुल गांधी, अखिलेश यादव और मायावती के समर्थन के बिना अमेठी से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं...बीजेपी की एक सामान्य कार्यकर्ता होने के नाते, मैं इस चुनौती का स्वागत करती हूं। चूंकि जयराम रमेश ने इसकी घोषणा की है हम सभी, अमेठी के कार्यकर्ता राहुल गांधी की घोषणा का इंतजार करेंगे।" स्मृति ईरानी ने यह बयान मंगलवार को दिया था। उस दिन स्मृति ईरानी और राहुल गांधी दोनों अमेठी में थे।

 

अमेठी में स्मृति ईऱानी का गृह प्रवेश भाजपा के नेता और कार्यकर्ता चुनावी वादे के रूप में प्रचारित कर रहे हैं। यानी स्मृति ईरानी ने अमेठी में घर बनाने का वादा किया था। स्मृति ईरानी के अमेठी वाले घर में एक राम दरबार और पूजा का विशाल कमरा बनाया गया है। यह कार्यक्रम बहुत ही हल्के फुल्के ढंग से किया गया। इसमें अमेठी के स्थानीय लोग मौजूद नहीं थे और न ही उन्हें बुलाया गया था। अलबत्ता भाजपा कार्यकर्ता जरूर दिखाई दिए।

शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुवेर्दी ने इससे पहले राहुल गांधी की यात्रा के साथ-साथ अमेठी में स्मृति ईरानी के योजनाबद्ध 'गृह प्रवेश' पर टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा है-  "कल्पना करें कि निर्वाचन क्षेत्र जीतने के 5 साल बाद गृह प्रवेश किया जाए, जमीन खरीदने के 3 साल बाद। इस हताशा की कल्पना करें कि इसे एक यात्रा के मौके पर किया गया।''

यही अमेठी है, जहां 2020 में स्मृति ईरानी के लापता होने के पोस्टर लगे थे। उस समय यह पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। दरअसल, 2019 का चुनाव जीतने के बाद स्मृति ईरानी लंबे समय तक अमेठी नहीं गईं तो वहां की जनता ने इस तरह के पोस्टर लगा दिए। हालांकि उन्होंने 2019 में वादा किया था कि वो यहां घर बनाएंगी और यहीं रहेंगी। लेकिन वो वादा अब चुनाव से ठीक पहले पूरा किया जा रहा है। अमेठी की जनता यूट्यूबर्स को दिए गए इंटरव्यू में कहती है कि हमें तो अपने सांसद से रोजाना काम पड़ता है। हमें अपना सांसद अपने बीच चाहिए। जब जनता से कहा गया कि राहुल गांधी तो यहां कभी नहीं रहे, उनका कहना था कि राहुल गांधी की एक पूरी टीम यहां काम करती थी। हम लोग उनके पास जिस काम के लिए जाते थे वो होता था।

सत्य हिंदी ऐप डाउनलोड करें