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शिंदे के विधायक छात्रों से बोले- माता-पिता मुझे वोट न दें तो 2 दिन खाना मत खाना

शिंदे के विधायक छात्रों से बोले- माता-पिता मुझे वोट न दें तो 2 दिन खाना मत खाना

शिवसेना (शिंदे) के विधायक संतोष बांगर स्कूलों में वोट देने के एक बयान को लेकर विवादों में फँस गए हैं। जानिए, आख़िर उन्होंने स्कूली छात्रों से ऐसा क्या कह दिया। 

शिवसेना (एकनाथ शिंदे) विधायक संतोष बांगर ने अपने लिए स्कूली छात्रों के घरवालों के वोट पाने के लिए उनको 'भूख हड़ताल' करने की नसीहत दे दी। विधायक ने स्कूली छात्रों से कहा कि अगर उनके माता-पिता आगामी चुनावों में उन्हें वोट नहीं देते हैं तो वे दो दिनों के लिए खाना बंद कर दें। विधायक अपने इस बयान से विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैं।

विधायक संतोष बांगर का यह बयान चुनाव के लिहाज से भी सही नहीं है। चुनाव आयोग ने कुछ दिन पहले ही एक सख्त निर्देश जारी कर कहा है कि चुनाव संबंधी गतिविधियों में बच्चों का उपयोग नहीं किया जा सकता है। लेकिन इसी बीच संतोष बांगर का वह वीडियो वायरल हो गया जिसमें वह छात्रों से उनके परिवार के लोगों का वोट पाने के लिए भूखे रहने की बात कहते सुने जा सकते हैं।

रिपोर्ट है कि वह वीडियो महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के विधायक का शुक्रवार को जिला परिषद द्वारा संचालित एक प्राथमिक विद्यालय का दौरा करने के दौरान का है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार विधायक छात्रों से कहते सुने जा सकते हैं, 'यदि आपके माता-पिता आगामी चुनावों में मुझे वोट नहीं देते हैं, तो दो दिन तक मत खाओ।' विधायक ने वीडियो में आगे कहा, 'आप नहीं खाते हैं और जब माता-पिता पूछते हैं कि क्यों, तो उन्हें बताएं कि विधायक संतोष बांगर को वोट देने के बाद मैं खाऊंगा।' इसके बाद उन्होंने छात्रों से उन पंक्तियों को दोहराने के लिए कहा जो वे अपने माता-पिता से कहेंगे।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने उनपर निशाना साधा है। महा विकास अघाड़ी के नेताओं ने बांगड़ की टिप्पणी की आलोचना की और जानना चाहा कि क्या चुनाव आयोग निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा?

अंग्रेजी अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार एनसीपी-शरदचंद्र पवार के प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने कहा, 'चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से कहा है कि वे किसी भी रूप में चुनाव प्रचार में बच्चों का उपयोग न करें और उन्हें बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 का पालन करने के लिए कहा है। इसे 2016 में संशोधित किया गया था। कहा गया है कि इसका उल्लंघन करने पर गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन शिंदे समूह के विधायक संतोष बांगर को एक वीडियो में चुनाव आयोग के निर्देश के खिलाफ जाते हुए सुना जा सकता है... उनके खिलाफ उक्त अधिनियम के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।'

उन्होंने कहा कि वह आदतन अपराधी हैं और भाजपा का सहयोगी होने के कारण दोषमुक्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को बिना किसी पूर्वाग्रह के उन पर कार्रवाई करनी चाहिए। बता दें कि बांगड़ कई बार अपने बयानों से विवाद खड़ा कर चुके हैं। हाल ही में विधायक ने कहा था कि अगर आगामी लोकसभा चुनाव के बाद नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बने तो वह आत्महत्या कर लेंगे। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा शिवसेना विधायक अयोग्यता मामले में फैसला सुनाए जाने के बाद बांगड़ ने यह बयान दिया था। 

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