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यूक्रेन में फँसे अपनों को ऐसे नहीं छोड़ सकते: राहुल गांधी

यूक्रेन में फँसे अपनों को ऐसे नहीं छोड़ सकते: राहुल गांधी

यूक्रेन में फँसे भारतीयों के लगातार आ रहे वीडियो परेशान करने वाले हैं। वे बेहद पीड़ा से गुज़र रहे हैं। जानिए, इसी पीड़ा को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने मोदी सरकार को क्या कहा।

यूक्रेन में फँसे हज़ारों भारतीयों की पीड़ा को लेकर राहुल गांधी, वरुण गांधी समेत विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा है और उन्हें तुरंत वापस लाने को कहा है। उन्होंने कुछ भारतीयों को वापस लाने पर वीडियो बनाकर अपनी पीठ थपथपाने के कथित प्रयास के लिए सरकार की खिंचाई की है। राहुल गांधी ने कहा है कि सरकार को भारतीयों को वापस लाने की योजना बताना चाहिए और 'अपनों को इस तरह से नहीं छोड़ा जा सकता है'।

राहुल गांधी ने एक वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया है, 'इस तरह की हिंसा झेल रहे भारतीय छात्रों और इन वीडियो को देखने वाले उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदना है। किसी भी अभिभावक को इससे नहीं गुजरना चाहिए। भारत सरकार को तत्काल विस्तृत निकासी योजना को फंसे हुए लोगों के साथ-साथ उनके परिवारों के साथ साझा करना चाहिए। हम अपनों को ऐसे नहीं छोड़ सकते।'

कांग्रेस पार्टी यूक्रेन से भारतीय छात्रों को समय पर नहीं निकालने के लिए सरकार की आलोचना कर रही है और उन्हें बाहर निकालने के लिए तत्काल क़दम उठाने का आह्वान किया है।

कई कांग्रेस नेताओं ने यूक्रेन में भारतीय छात्रों की दुर्दशा को उजागर करते हुए और भारत सरकार से उन्हें जल्द से जल्द निकालने की अपील करते हुए वीडियो साझा किए हैं।

प्रियंका गांधी ने भी कहा है, 'नरेंद्र मोदी जी, डॉ. एस जयशंकर जी यूक्रेन से आ रहे भारतीय छात्र-छात्राओं के वीडियो मन को बहुत ही ज्यादा व्यथित करने वाले हैं। इन बच्चों को भारत वापस लाने के लिए जो कुछ भी बन पड़ता है, भगवान के लिए, वह करिए। पूरा देश इन छात्र-छात्राओं और इनके परिवारों के साथ है।...'

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट किया है, 'सभी मंत्री जो टीवी दृश्यों के लिए छात्रों के आगमन पर इठला रहे थे और वहां फंसे भारतीयों को लाने और वही उत्साह देने के लिए यूक्रेन की सीमाओं पर भेजा जाना चाहिए। आशा है कि कहीं न कहीं वे संवेदनशीलता और प्राथमिकता के बजाय खुद की पीठ थपथपाने के लिए कुछ अपराध बोध महसूस करेंगे।'

बीजेपी के ही सांसद वरुण गांधी ने सोमवार को ट्वीट कर कहा है कि सही समय पर सही फैसले न लिए जाने के कारण 15 हजार से अधिक छात्र भारी अव्यवस्था के बीच अभी भी युद्ध भूमि में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा है कि ठोस रणनीतिक और कूटनीतिक कार्रवाई कर इनकी सुरक्षित वापसी इन पर कोई उपकार नहीं बल्कि हमारा दायित्व है। वरुण ने आगे कहा कि हर आपदा में ‘अवसर’ नहीं खोजना चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित करते हुए पूछा है कि 'आप देश के बच्चे/बच्चियों पर ऐसे ज़ुल्म देखकर भी मुँह फ़ेर लेंगे?'

यूक्रेन में फँसे भारतीयों के परेशान करने वाले वीडियो, उनके परिजनों और विपक्ष के दबाव के बीच सरकार ने अब और कुछ क़दम उठाने की बात कही है। 

यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों व अन्य नागरिकों के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को हाई लेवल बैठक बुलाई। इस बैठक में फैसला लिया गया कि चार केंद्रीय मंत्रियों को वहां फंसे भारतीयों को लाने के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों में भेजा जाएगा। इन मंत्रियों में हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरण रिजिजू और जनरल वीके सिंह शामिल हैं। इस हाई लेवल बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद रहे। 

इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने शनिवार को कहा था कि यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने का कार्य प्रगति पर है और वह स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं। जयशंकर ने ट्वीट किया था कि यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने का कार्य प्रगति पर है तथा हमारी टीम 24 घंटे काम कर रही है।

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