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प्रयागराज हत्याकांड: अभियुक्तों के साथ खड़ी थी पुलिस, दलित परिवार की हत्या

प्रयागराज हत्याकांड: अभियुक्तों के साथ खड़ी थी पुलिस, दलित परिवार की हत्या

उत्तर प्रदेश में बेहतर क़ानून व्यवस्था के योगी सरकार के दावों के बीच दबंगों ने प्रयागराज में एक दलित परिवार की बेरहमी से हत्या कर दी। 

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में दबंग ठाकुरों ने पड़ोस में रहने वाले दलित परिवार का सालों तक जीना दूभर कर दिया। पीड़ित ने थाने पर गुहार लगायी तो वहां से दुत्कार-फटकार मिली और दबंगों ने परिवार के मुखिया सहित चार लोगों को बेरहमी से मार डाला। इतना ही नहीं परिवार की बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार कर उसकी भी हत्या कर दी। 

इस घटना में फूलचंद्र (50 वर्ष) उसकी पत्नी मीनू (45 वर्ष), बेटी (17 वर्ष) और बेटे शिव (10 वर्ष) की हत्या हुई। 

पुलिस अपनी जान को खतरा बता रहे दलित परिवार को थाने से टरकाती रही और अभियुक्तों को कुर्सी पर बैठाकर उनकी आवभगत करती रही।

आत्महत्या बताने की कोशिश 

हत्या के बाद भी पुलिस के रवैये में रत्ती भर फर्क नहीं आया और वारदात के बाद से ही वो इसे आत्महत्या बताने में जुट गयी। पीड़ित परिवार के पक्ष में विपक्षी नेताओं, गांव वालों व अन्य के खड़ा हो जाने के बाद रिपोर्ट लिखी गयी और फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तो दिल को दहला देने वाला सच सामने आया।

बेरहमी से की हत्या 

प्रयागराज के फाफामऊ इलाके के गोहारी गांव में दलित (पासी बिरादरी) फूलचंद्र सहित परिवार के चार लोगों को बेरहमी से मार डाला गया। पूरे परिवार को मौत के घाट उतार कर हत्यारे आराम से फरार हो गए। हत्या के 24 घंटे बाद तक शव घर में पड़े रहे। 

गांव वालों को पता चला तो हड़कंप मचा। प्रयागराज में तीन डॉक्टरों के पैनल ने शवों का पोस्टमार्टम किया तो चारों मृतकों के सिर पर चोट के निशान मिले। फूलचंद्र, उसकी पत्नी, बेटे और बेटी के सिर में वजनी चीज से प्रहार किया गया। चारों की हत्या किसी एक ही हथियार से की गयी है।

बलात्कार कर गला घोटा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि हत्या से पहले किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। दुष्कर्म के बाद उसका गला घोट कर मार दिया गया। किशोरी के सिर पर भी किसी वजनी चीज से प्रहार किया गया है। किशोरी के 10 साल के भाई को भी गला घोट कर मारा गया है। 

छोटे भाई के हाथ-पैर में पड़े घसीटे जाने के निशान से पता चलता है कि उसने अपनी बहन को बलात्कार से बचाने के लिए भरसक संघर्ष भी किया था।

थाने के चक्कर काटे थे 

मृतक परिवार की गांव के ही दबंग ठाकुर परिवार से मामूली अदावत ने गंभीर रुप ले लिया था। दलित परिवार ने इस मामले में 2019 में पुलिस को जानकारी देकर रिपोर्ट लिखाई थी। इसी साल 21 सितंबर को भी दलित परिवार के साथ दबंगों ने मारपीट की थी और जान से मारने की धमकी दी थी।

 - Satya Hindi

पुलिस ने नहीं की सुनवाई 

पीड़ित पक्ष थाने पर गया तो वहां उसके ही ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया गया। परिवार के बचे लोगों का कहना है कि पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। जान का ख़तरा बताने पर भी कोई सुरक्षा नहीं दी गयी और न ही अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गयी। 

अभियुक्तों को सम्मान

पीड़ित परिवार का कहना है कि इस साल सितंबर में जब हमला हुआ, तो फूलचंद्र पासी ने थाने में शिकायत की। फूलचंद्र को कई बार थाने के चक्कर कटवाए गए। हर बार जब उसे थाने बुलाया गया तो वहां अभियुक्त बैठे मिले। 

अभियुक्तों को जहां पुलिस ससम्मान कुर्सी पर बैठाती थी वहीं उसे जमीन पर घंटों बैठा कर और जलील कर आरोप वापस लेने को कहती रही।

पुलिस की संवेदनहीनता का पता हत्या व बलात्कार हो जाने के बाद भी चलता है। घटना के सामने आने के बाद घंटों तक पुलिस इसे सामूहिक आत्महत्या का ही रंग देती रही। काफी होहल्ला मचने और विपक्षी दलों के सक्रिय होने के बाद पुलिस ने तेजी दिखाई और नामजद एफआईआर दर्ज की।

पीड़ितों से मिलीं प्रियंका 

घटना की सूचना मिलने के बाद शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी प्रयागराज के गौहारी गांव पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मिलकर पूरी जानकारी ली। घटना के बारे में सुन कर सन्न रह गयीं प्रियंका ने आनन-फानन में कांग्रेस के स्थानीय 11 नेताओं की टीम बनाकर उसे पीड़ितों की हर तरह से मदद करने को कहा। 

मामला रफा-दफा करने की कोशिश 

हत्याकांड को उछालने और पुलिस से लेकर प्रशासन पर दबाव बनाने में आगे रहे कांग्रेस नेता अनुग्रह नारायण सिंह ने कहा कि पुलिस तो मामला रफा-दफा करने में ही जुटी रही। उन्होंने कहा कि घटना के बाद भी काफी देर तक कार्रवाई सिफर रही।

जागी सरकार, आठ गिरफ्तार

मामले को तूल पकड़ता देख और विपक्ष के इसे बड़ा मुद्दा बना लेने के बाद सरकार हरकत में आयी और आनन-फानन में पीड़ित परिवार को 16.50 लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया। मृतक फूलचंद्र के भाई को शस्त्र लाइसेंस, सुरक्षा, जमीन का पट्टा देने के साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से भी सहायता दिलाने का प्रस्ताव है। 

परिजनों की ओर से दबंग ठाकुर परिवार के 11 लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर करायी गयी है जिसमें से आरोपी बबली पत्नी अमित सिंह, आकाश, रवि और मनीष को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। अमित सिंह, अभय सिंह, राजा, रंचू, कुलदीप, कान्हा ठाकुर और अशोक सिंह में से भी चार को शुक्रवार देर रात को गिरफ्तार किया गया है। 

अभियुक्तों में दो की लोकेशन मुंबई में होने का दावा पुलिस ने किया है। शक के आधार पर भी दो लोगों को पुलिस ने उठाया है।

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