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पेंटागन और जेलेंस्की को रूसी फौज की वापसी पर शक 

पेंटागन और जेलेंस्की को रूसी फौज की वापसी पर शक 

अमेरिकी रक्षा विभग पेंटागन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूसी फौज की वापसी पर शक जताया है।

पेंटागन ने यूक्रेन से रूसी फौजी की वापसी को लेकर संदेह जताया है। पेंटागन का कहना है कि रूस ने अपनी सेनाओं को रिपोजिशन (जगह बदलकर तैनात करना) करने के लिए यह बयान दिया है। पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने एक ब्रीफिंग के दौरान कहा, क्या पिछले कुछ दिनों में कुछ रूसी फौजों ने कीव से दूर कुछ मूवमेंट किया है? बिल्कुल किया है। हमें ऐसा लगता है। लेकिन बहुत कम तादाद में। हम मानते हैं कि यह वास्तविक वापसी नहीं है। हम सभी को यूक्रेन के अन्य क्षेत्रों में एक बड़े हमले के लिए तैयार रहना चाहिए।

रूसी वार्ता दल के एक सदस्य ने वापसी की घोषणा किए जाने के कई घंटे बाद किर्बी ने यह बयान दिया। उन्होंने कहा था कि रूसी रक्षा मंत्रालय ने कीव और चेर्निहाइव की दिशा में सैन्य गतिविधि को कम करने का फैसला किया है।

रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि तुर्की में बातचीत के दौरान जो विश्वास बहाली हुई है, उसी के मद्देनजर वो अपनी फौज को वापस बुला रहा है। हालांकि, किर्बी ने कहा कि यह कदम रूसी सेना की दो उत्तरी शहरों में अपनी चाल में नाकामी के साथ मेल खाता है। रूस कीव पर कब्जा करने के अपने मकसद में नाकाम रहा है। वह यूक्रेन को अपने अधीन करने के अपने मकसद में भी विफल रहा है। लेकिन वे अभी भी यूक्रेन में बड़े पैमाने पर क्रूरता कर सकते हैं।

पेंटागन के प्रेस सचिव की टिप्पणी एक दिन बाद आई जब एक अमेरिकी वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने पत्रकारों से कहा कि रूसी सैनिक कीव में आगे बढ़ने के लिए वास्तव में कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। कुछ दिन पहले, उसी अधिकारी ने कहा था कि रूसी अब डोनबास क्षेत्र पर केंद्रित कर रहे हैं।

पेंटागन का नवीनतम आकलन व्हाइट हाउस के आकलन से मेल खाता है। व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशन डायरेक्टर केट बेडिंगफील्ड ने कीव के चारों ओर की गतिविधियों को "रीपोजिशनिंग" के रूप में बताया, न कि एकमुश्त वापसी के रूप में।

बेडिंगफील्ड ने कहा, हर किसी को उम्मीद करनी चाहिए कि हम पूरे यूक्रेन में हमले देखना जारी रखेंगे। राष्ट्रपति (बाइडन) ने पिछले हफ्ते यूरोप की अपनी यात्रा में महत्वपूर्ण संदेश दिया था कि हम लंबे समय के लिए तैयार रहना है। अपने सहयोगियों और भागीदारों के साथ बने रहने की जरूरत है। रूसी अर्थव्यवस्था पर चोट जारी रखना, युद्ध के मैदान और बातचीत की मेज पर यूक्रेन को मजबूत करना हमारा मकसद होना चाहिए। इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा- 

 

रूस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। यूक्रेनी सैनिकों ने रूस को पीछे हटने को मजबूर किया है। हमें अपनी निगरानी को कम नहीं करना चाहिए। क्योंकि रूसी सेना में अभी भी हमारे देश के खिलाफ हमले जारी रखने की एक बड़ी क्षमता है। हालांकि यूक्रेन वार्ता जारी रखेगा। लेकिन उन पर भरोसा नहीं है जो हमें नष्ट करने के लिए लड़ रहे है।


- जेलेंस्की, राष्ट्रपति, यूक्रेन

अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने सवाल किया है कि क्या रूसी घोषणा वार्ता में प्रगति का संकेत है या मास्को द्वारा अपने हमले को जारी रखने के लिए समय लेने की कोशिश है। हम देखेंगे। मैं इसमें अभी कुछ भी नहीं पढ़ रहा, जब तक कि उनकी हरकतें क्या हैं, यह पता न चल जाए। बता दें कि 24 फरवरी को, रूसी सैनिक यूक्रेन में घुसे थे। रूस के ऑपरेशन के जवाब में, पश्चिमी देशों ने मास्को के खिलाफ व्यापक प्रतिबंध अभियान चलाया है।

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