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जगराता में लाउडस्पीकर बंद करवाने गए पत्रकार पर हमला, 'पाकिस्तानी' बताया

जगराता में लाउडस्पीकर बंद करवाने गए पत्रकार पर हमला, 'पाकिस्तानी' बताया

क्या हाल के वर्षों में तैयार हुए नफ़रत के माहौल का शिकार अब किसी ख़ास तबक़े का ही नहीं, बल्कि कोई भी हो सकता है? न्यूज़-18 के पत्रकार सौरभ शर्मा के साथ घटी घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया क्यों आ रही है?

नफ़रत के माहौल का ताज़ा शिकार न्यूज़-18 के पत्रकार सौरभ शर्मा हुए हैं। रिपोर्ट है कि नोएडा एक्सटेंशन में उन पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई। घर में घुसकर उनकी पत्नी के कपड़े फाड़ देने की धमकी दी गई। छह साल का उनका बच्चा दहशत में है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उनको पाकिस्तानी क़रार देते हुए मारने की धमकी दी गई। यह सब सिर्फ़ इसलिए हुआ कि वह रात 11 बजे के बाद जगराता का डीजे बंद करवाने गए थे।

अब इस मामले में सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है। ट्विटर पर काफ़ी सक्रिय रहने वाले पत्रकार और फ़िल्मकार विनोद कापड़ी ने लिखा है, 'न्यूज़-18 के सौरभ शर्मा मॉब लिंचिंग से बचे।'

विनोद कापड़ी ने एक स्क्रीन शॉट शेयर की है उसमें उस घटना का पूरा ज़िक्र है। दरअसल, यह मामला रविवार यानी 10 अप्रैल की देर रात का है। सौरभ शर्मा नोएडा एक्सटेंशन की सोसायटी ऑक्सफोर्ड स्‍क्वायर सुपर टेक इकोविलेज- 3 में रहते हैं। उन्होंने लाउडस्पीकर बंद करने के लिए 112 नंबर पर फ़ोन किया। इसके बाद उनके पास पुलिस का कॉल आया और उन्हें मौक़े पर पहुंचने के लिए कहा गया, वहां पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने लाउडस्पीकर बंद करने के लिए कहा तो वहाँ पर मौजूद भीड़ भड़क गई।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार जगराता आयोजक ने कहा कि उन्हें पुलिस द्वारा रातभर लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार सौरभ ने जब अनुमति पत्र दिखाने की बात कही तो उन्हें राष्ट्रविरोधी बताते हुए पाकिस्तानी करार देकर जान से मारने के लिए कहा गया। न्यूज़-18 की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 'जब सौरभ ने कहा कि लाउडस्पीकर रात दस बजे बाद नहीं बजा सकते हैं तो आयोजक ने कहा कि ये पाकिस्तानी है और इसे यहीं पर खत्म कर देते हैं'। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सौरभ ने बताया कि इस दौरान पीसीआर के दो पुलिसकर्मी मौजूद थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया।

जब सोशल मीडिया पर सवाल उठे तो पुलिस ने सफाई दी है कि उस मामले में बिसरख पुलिस जाँच और ज़रूरी कार्रवाई कर रही है। 

हालाँकि, सबसे ज़्यादा सवाल तो उस नफ़रत को लेकर उठ रहे हैं जो हाल के वर्षों में समाज में घोली गई है। 'एक नागरिक' नाम के यूज़र ने लिखा कि 'हिंसा और भीड़ का न्याय सिर्फ एक समुदाय को नहीं, बल्कि हमारे देश को निगल जाएगा।'

ऑल्ट न्यूज़ के मोहम्मद ज़ुबैर ने ख़बर के स्क्रीन शॉट को साझा करते हुए न्यूज़-18 के एंकरों पर सवाल उठाए हैं कि वे इस मुद्दे पर क्यों नहीं बोल रहे हैं। 

आज़ाद आलम नाम के यूज़र ने भी न्यूज़ चैनलों के एंकरों पर सवाल उठाए हैं।

ऐसा तब है जब सौरभ शर्मा ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनको भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार भीड़ किसी भी बात को सुनने के लिए तैयार नहीं हुई और जगराता को बंद कराने गए सौरभ पर हमला बोल दिया। सौरभ को इस दौरान भागना पड़ा और अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। किसी तरह सौरभ अपने घर पहुंचे और शिकायत देने के लिए थाने गए। 

जब उनकी पत्नी ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर ख़तरा होने की बात कही तो उन्होंने कुछ पुलिसकर्मी मौक़े पर भेजे। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिसकर्मियों ने सौरभ की पत्नी अंकिता शर्मा को मौके पर बुलाया। मौक़े पर पहुंचने पर भीड़ ने अंकिता के साथ भी अभद्रता की और उनको अपशब्द कहे। इस दौरान अंकिता को किसी तरह भीड़ से निकाला जा सका, लेकिन भीड़ के बवाल करने के दौरान अंकिता के हाथ से उनका 6 साल का बच्चा लोगों के बीच में रह गया और क़रीब 45 मिनट तक बच्चा अपनी मां के पास जाने के लिए परेशान होता रहा।

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