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बिहार: नालंदा मेडिकल कॉलेज के 87 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव

बिहार: नालंदा मेडिकल कॉलेज के 87 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव

बिहार में नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल कोरोना के एक बड़े हॉटस्पॉट के रूप में उभरा है। आख़िर बड़ी संख्या में एक साथ डॉक्टर कैसे कोरोना पॉजिटिव हुए?

बिहार के नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 87 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सरकारी अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। ये डॉक्टर या तो बिना लक्षण वाले हैं या फिर उनमें हल्के लक्षण हैं। सभी मरीजों को अस्पताल परिसर में अलग-थलग कर दिया गया है। 

पॉजिटिव होने वालों में पोस्‍ट ग्रेजुएट, अंडर ग्रेजुएट के छात्र और इंटर्न भी शामिल हैं। सवाल है कि एक साथ इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टर ही कोरोना संक्रमित क्यों हो गए?

दरअसल, पिछले सप्ताह बिहार में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का एक समारोह हुआ था। कहा जा रहा है कि उसमें उन डॉक्टरों ने शिरकत की थी। आशंका है कि अधिकतर डॉक्टरों को कोरोना वायरस का संक्रमण वहीं से लगा होगा। आईएमए के उस समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए थे।

यह वही बिहार राज्य है जिसके बारे में आईएमए ने कहा था कि बिहार उन राज्यों में से था जहाँ अप्रैल और मई के बीच देश में दूसरी लहर के दौरान सबसे ज़्यादा डॉक्टरों की मौत हुई थी।

राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच डॉक्टरों का इतनी बड़ी संख्या में कोरोना पॉजिटिव पाया जाना चिंता वाली बात है। 1 जनवरी को पटना एम्स के दो डॉक्टरों को संक्रमण हुआ था। 

पूरे बिहार में रविवार को कोरोना वायरस के 352 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले दिन के आँकड़े से 71 अधिक है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सक्रिय मामले चार अंकों के निशान को पार कर 1074 तक पहुँच गए हैं।

शनिवार और शुक्रवार को बिहार में क्रमश: 281 और 158 नए मामले दर्ज किए गए थे। हालाँकि, पिछले चार दिनों में इस बीमारी से कोई मौत नहीं हुई है और मरने वालों की संख्या 12,096 है।

पटना सबसे बुरी तरह प्रभावित ज़िला रहा है। पटना के अलावा हिंदू और बौद्ध तीर्थस्थल गया में 110 ताज़ा मामले मिले हैं। पटना में 544 और गया में 277 सक्रिय मामले हैं। ख़राब होते हालात को देखते हुए ही बिहार सरकार ने 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक के लिए सभी पार्क और चिड़ियाघरों को बंद कर दिया था। 

बता दें कि देश में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। देश के ज़्यादातर राज्यों में कोरोना के मामलों में वृद्धि हुई है। सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्यों में महाराष्ट्र और दिल्ली हैं। महाराष्ट्र में 8 हज़ार से ज़्यादा मामले आए हैं जबकि दिल्ली में 5 हज़ार से ज़्यादा। 

पूरे देश में सोमवार को कोरोना के 33,750 नए मामले सामने आए हैं। रविवार को कोरोना के मामलों की संख्या 27,553 थी। कोरोना के मामलों में 22 फ़ीसदी का उछाल आया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या 1,45,582 है। 

भारत में ओमिक्रॉन के अब तक 1700 मामले सामने आए हैं। ओमिक्रॉन के मामलों में महाराष्ट्र एक नंबर पर है। यहाँ इस नये वैरिएंट के 510 मामले हैं जबकि दिल्ली में 351 मामले हैं।

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