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मुंबई में कोरोना बेकाबू, एक दिन में सबसे ज़्यादा 5185 केस आए

मुंबई में कोरोना बेकाबू, एक दिन में सबसे ज़्यादा 5185 केस आए

मुंबई में फिर से कोरोना बेकाबू हो गया है! शहर में एक दिन में 5185 संक्रमण के मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। एक दिन में यह अब तक का सबसे ज़्यादा आँकड़ा है। एक दिन में शहर में छह लोगों की मौत हुई है।

मुंबई में फिर से कोरोना बेकाबू हो गया है! शहर में एक दिन में 5185 संक्रमण के मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। एक दिन में यह अब तक का सबसे ज़्यादा आँकड़ा है। एक दिन में शहर में छह लोगों की मौत हुई है। महाराष्ट्र देश में सबसे ज़्यादा कोरोना संक्रमण से प्रभावित राज्य है। राज्य में बुधवार को 31 हज़ार 855 मामले दर्ज किए गए। अब हर रोज़ कोरोना संक्रमण के क़रीब 30 हज़ार केस आने लगे हैं। 

मुंबई शहर में जो 5000 से ज़्यादा मामले दर्ज किए गए हैं वह पिछले दिन से 48 फ़ीसदी ज़्यादा है। एक दिन पहले ही शहर में क़रीब 3500 मामले दर्ज किए गए थे। शहर में अब क़रीब 30 हज़ार सक्रिय मामले हो गए हैं। 

पूरे महाराष्ट्र में अब सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 2.3 लाख हो गई है। राज्य में अब तक 25 लाख से ज़्यादा संक्रमण के मामले आ चुके हैं और 53 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।  

मुंबई में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने शहर में होली उत्सव पर प्रतिबंध लगा दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने तो नियमों के उल्लंघन पर लॉकडाउन की चेतावनी जारी की है।

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही सरकार ने घोषणा की है कि कोरोना को लेकर महाराष्ट्र में फिर से सख़्ती की जाएगी। सरकार ने शुक्रवार को ही इसकी घोषणा की है। सभी कार्यालय, थिएयर, ऑडिटोरियम में अब क्षमता के आधा ही काम करने की इजाजत होगी। यह सख्ती 31 मार्च तक लागू होगी।

नये निर्देशों में कहा गया है कि स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी निजी कार्यालय में क्षमता का आधा ही कार्य किया जा सकेगा।

इसने यह भी कहा है कि सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों को कर्मचारियों की उपस्थिति पर ख़ुद से निर्णय लेने की अनुमति दी गई है। हालाँकि, विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े कार्यालयों को अभी भी कम कर्मचारियों के साथ काम करना होगा।

सरकार ने कहा है कि उत्पादन ईकाइयों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के उद्देश्य से विनिर्माण ईकाइयों को ज़्यादा शिफ़्ट में काम करने की अनुमति दी जा सकती है। सरकार ने कहा कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए गए किसी भी इकाई को तब तक बंद करना होगा जब तक कि सरकार उसे खोलने की अनुमति नहीं दे।

देश भर में चिंताएँ

कोरोना के मामले अब कई राज्यों में फिर से तेज़ी से बढ़ने लगे हैं और पूरे देश में हर रोज़ संक्रमण के मामले अब 50 हज़ार के क़रीब पहुँच गए हैं। चिंता की बात यह भी है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है कि कोरोना का 'डबल म्यूटेशन स्ट्रेन' यानी नये क़िस्म का कोरोना पाया गया है। यह कम से कम 18 राज्यों में पाया गया है। हालाँकि यह साफ़ नहीं है कि कोरोना संक्रमण के मामलों में जो तेज़ी दिख रही है वह इस नये स्ट्रेन की वजह से है या नहीं। 

 - Satya Hindi

कोरोना का यूके स्ट्रेन यानी इंग्लैंड में पाया गया नये क़िस्म का कोरोना संक्रमण पंजाब में तेज़ी से फैला है। पंजाब में कोरोना संक्रमण के 401 सैंपल में से 81 फ़ीसदी यूके स्ट्रेन के ही वायरस मिले हैं। यह वह वायरस है जो सामान्य कोरोना के मुक़ाबले 70 फ़ीसदी ज़्यादा तेज़ी से फैलता है। इसी बात को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री ने चिंता भी जताई है और उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि राज्य में 60 से कम उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन लगाने की छूट दी जाए। मौजूदा समय में 60 से ज़्यादा उम्र के लोगों और कोमोर्बिडीटीज यानी कई बीमारियों से जूझ रहे 45 वर्ष से ज़्यादा के लोगों को वैक्सीन लगाई जा सकती है। एक अप्रैल से 45 से ज़्यादा उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन लगाई जा सकती है।  

तेज़ी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो 1 अप्रैल से लागू होंगे। इसके तहत राज्यों से टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया है। 

दिशा निर्देश में कहा गया है कि हर राज्य और केंद्र-शासित क्षेत्र अपने आकलन और अपनी ज़रूरत के हिसाब से स्थानीय, शहर-कस्बा, डिवीजन-सब डिवीज़न के स्तर पर प्रतिबंध लगा सकते हैं।

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