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MP में नमाज विवाद, मुस्लिम पार्षद बोलीं, ‘एतराज है तो बम से उड़ा दो’

MP में नमाज विवाद, मुस्लिम पार्षद बोलीं, ‘एतराज है तो बम से उड़ा दो’

मध्य प्रदेश के इंदौर नगर निगम में नमाज विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मुस्लिम महिला पार्षदों द्वारा परिसर में नमाज पढ़ने पर मेयर और हिंदूवादी संगठनों ने एतराज जताया, जिसके बाद कांग्रेस पार्षद रुबीना खान ने तीखी प्रतिक्रिया दी।जानिए पूरा मामलाः

मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर नगर निगम कार्यालय में महिला पार्षदों के नमाज पढ़ने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मेयर के ऐतराज बाद कांग्रेस संगठन की मुस्लिम पार्षद भड़क गई हैं। एक पार्षद ने तो यहां तक कह दिया है, ‘ज्यादा एतराज है तो हमें बम से उड़ा दो।’

इंदौर नगर निगम का बजट आया है। शुक्रवार 4 अप्रैल को नगर निगम परिसर में बजट पर चर्चा हुई थी। बजट चर्चा के दौरान लंच के बाद मुस्लिम महिला पार्षदों ने नगर निगम परिसर में ही नमाज पढ़ी थी। इन पार्षदों का कहना था, नमाज के लिए सभापति की अनुमति ली थी।

उधर इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा, ‘बिना अनुमति के ऐसा करना (नमाज पढ़ना) ठीक नहीं है। संबंधित पार्टी की ओर से कोई व्हिप जारी नहीं किया गया था, ऐसे में नमाज के लिए निगम परिसर के आसपास किसी अन्य स्थान का चयन किया जा सकता था।’

मामले के तूल पकड़ने, हिन्दूवादी संगठनों के भड़कने और सवाल उठाये जाने के बाद सभापति मुन्नालाल यादव का बयान सामने आया है। उन्होंने शनिवार को कहा, ‘लंच ब्रेक हुआ था। नमाज की अनुमति नहीं दी थी।’

तमाम, दावों-प्रतिदावों, आरोप-प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस पार्षद रुबीना खान ने कहा है, ‘यह तो हद है। अगर ज्यादा ही एतराज है तो हमें फांसी पर चढ़ा दो। जैसे हमने इतना बड़ा गुनाह कर दिया। हर चीज पर रोक लगा रहे हैं, हर कानून में घुस रहे हैं, हर चीज अपने आप से कर रहे हो तो फिर मुसलमानों की ऑक्सीजन पर भी रोक लगा दो कि हमारे से पूछे बगैर सांस भी मत लो।

उन्होंने कहा, ‘दूसरे धर्म के लोग भी अपने धर्म का पालन करते हैं। गरबा, गणेश चतुर्दशी सारे त्योहार होते हैं। हम भी वहां जाते हैं और मजे भी लेते हैं। तुम्हें हमारी नमाज से क्या एतराज है, फालतू की बात करते हैं।’

रूबीना खान ने बिना किसी का नाम लिए सवाल उठाते हुए यह भी कहा, ‘इतने बड़े पद पर भी रहकर लोग कितना झूठ बोलते हैं? मैं उनके सामने निकली थी, सभापति और मेयर को इशारा करके बताया था कि मैं नमाज पढ़ने जा रही हूं। वे बोल देते कि यहां नमाज मत पढ़ो, जमीन नापाक हो जाएगी।’

कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान ने अपने पलटवार में यह भी कहा है, ‘अब क्या फांसी पर चढ़ा देंगे या उलटी नमाज पढ़े। हम नमाज ही पढ़ने गए थे, कोई आतंकवादी जैसे बम लेकर तो नहीं गए थे।’

संगठन के निर्देश- ‘ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए’: पूरे विवाद पर अब तक भाजपा के नेताओं और निगम पदाधिकारियों का खुलकर तो कोई बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्र बतला रहे हैं, संगठन ने मेयर और सभापति को ताकीद दी है। बताया जा रहा है, ‘संगठन ने सख्ती दिखाते हुए सभापति मुन्नालाल यादव और महापौर भार्गव से कहा है कि ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए।’

सूत्रों का कहना है, नगर निगम परिसर में नमाज पढ़ने पर बीजेपी संगठन पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की तरफ से दबाव बनाया गया है। बताते हैं, ‘विहिप एवं बजरंग दल की ओर से कहा गया है, एक तरफ जहां मोदी सरकार वक्फ संशोधन बिल पेश कर रही है तो दूसरी तरफ इंदौर नगर निगम में नमाज पढ़ाई जा रही है। जिससे जनता के बीच में गलत मैसेज जा रहा है। हम जहां बोल रहे हैं कि नमाज पढ़ने की जगह सिर्फ मस्जिद में है तो वहीं इंदौर नगर निगम में महापौर और सभापति नमाज पढ़ा रहे हैं।’

जुम्मे की नमाज ज़रूरी

पार्षद रुबीना इकबाल खान ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा है, ‘मैं पिछले 12 साल से पार्षद हूं और पहले भी कई बार यहां नमाज पढ़ चुकी हूं। यह यूपी नहीं, इंदौर है। यहां पर हिंदू-मुस्लिम आपस में भाई हैं। जुम्मे का दिन था, इस दिन नमाज अदा करना जरूरी होता है और अगर अन्य कोई दिन होता तो घर जाकर नमाज अदा कर लेते।’

संस्कृति बचाओ के प्रमुख चंद्रशेखर तिवारी ने कहा है, ‘इंदौर में शासकीय कार्यालय में महिलाएं नमाज पढ़ रही हैं। कल संस्कृति बचाओ मंच वहां पर हनुमान चालीसा और अखंड रामायण के पाठ भी करना प्रारंभ करेगी।’

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