
जिस चंपारण से गांधी ने सत्याग्रह शुरू किया था वहीं उनकी प्रतिमा तोड़ी गई
पूर्वी चंपारण के मोतीहारी में महात्मा गांधी की प्रतिमा से तोड़फोड़ की गई है। यह वही चंपारण है जहाँ से महात्मा गांधी ने 1917 में सत्याग्रह शुरू किया था। सत्याग्रह का मतल है- सत्य के प्रति अडिग रहकर और अहिंसा से अपनी लड़ाई लड़ना। लेकिन उसी अहिंसा के पुजारी की प्रतिमा को उसी चंपारण में किसी ने तोड़ दिया। वैसे तो यह नफ़रत का नतीजा लगता है, लेकिन पुलिस का कहना है कि नशाखोरों ने यह तोड़फोड़ की है।
मामला मोतिहारी के चरखा पार्क का है। पुलिस का कहना है कि सोमवार को कथित तौर पर कुछ नशा करने वालों ने महात्मा गांधी की एक प्रतिमा को तोड़ दिया था। एएनआई से एसपी कुमार आशीष ने कहा, 'कुछ चश्मदीदों ने पुलिस को बयान दिए हैं। आरोपी को पकड़ने के लिए एक पुलिस टीम बनाई गई है। यहाँ एक होमगार्ड तैनात किया गया है।'
पहले इसको लेकर कहा गया था कि असमाजिक तत्वों ने रविवार देर रात को प्रतिमा को तोड़ दिया। इसकी सूचना मिलने के बाद सोमवार सुबह डीएम-एसपी समेत आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे। चरखा पार्क का निर्माण ऐतिहासिक गांधी स्मारक के सामने 2017 में किया गया। यहाँ महात्मा गांधी की बड़ी प्रतिमा की स्थापना की गई थी। इस प्रतिमा का अनावरण पूर्व केन्द्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने किया था।
गांधी की प्रतिमा को तोड़े जाने पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया हुई। भरत तिवारी नाम के यूज़र ने ट्विटर पर वीडियो साझा करते हुए लिखा है, 'हम निश्चित रूप से बर्बाद हो गए हैं!'
WE DEFINITELY ARE DOOMED! #SHAME
— Bharat Tiwari (@BharatTiwari) February 14, 2022
A life-size statue of Mahatma #Gandhi in #Motihari of #Bihar’s East Champaran district vandalised!
Video: @umashankarsinghpic.twitter.com/1iBzPV0K74
इस मामले में नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। प्रशासन का कहना है कि आरोपी की पहचान कर बहुत जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जायेगा। इधर आरजेडी ने इसके लिए नीतीश कुमार सरकार और आरएसएस की सोच को ज़िम्मेदार ठहराया है।
संघी नीतीश कुमार का गोडसेवादी शासन बिहार में चल रहा है। यहाँ गांधी जी की मूर्तियाँ इसी तरह तोड़ी जाएंगी। क्योंकि नीतीश कुमार को अब नागपुर आरएसएस हेडक्वार्टर चलाता है। ये नतमस्तक हो चुके हैं। @RJDforIndia @TeamTejashwi @yadavtejashwi @manojkjhadu @ShyamMeeraSingh @rohini_sgh pic.twitter.com/CnVZOfPAYv
— RJD West Champaran (@wchamparan_rjd) February 14, 2022
पूर्वी चंपारण के डीएम एस कपिल अशोक ने कहा है कि, 'पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन द्वारा सीएसआर गतिविधि के तहत महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। चूँकि यह जगह औपचारिक रूप से प्रशासन को नहीं सौंपी गई थी, हम उनसे पूछेंगे कि उन्होंने यहाँ सुरक्षा के उचित इंतजाम क्यों नहीं किए।'
डीएम ने नगर निगम के आयुक्त को पार्क की पूरी निगरानी कराने का निर्देश दिया है। 'प्रभात ख़बर' की रिपोर्ट के अनुसार डीएम ने संबंधित एजेंसी को प्रतिमा फिर से स्थापित करने व पार्क की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि सीसीटीवी कैमरे से पार्क की निगरानी होगी और रात में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।