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लखीमपुर पहुंचे राहुल और प्रियंका, पीड़ित परिवारों से मिले 

लखीमपुर पहुंचे राहुल और प्रियंका, पीड़ित परिवारों से मिले 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी किसान आंदोलन शुरू होने के बाद से ही कृषि क़ानूनों का लगातार विरोध कर रहे हैं। 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा बुधवार रात को लखीमपुर पहुंचे और मारे गए किसानों के परिजनों से मिले। इससे पहले राहुल लखनऊ एयरपोर्ट से सीतापुर पहुंचे और यहां से प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ लखीमपुर के लिए निकले।  

बता दें कि प्रियंका को सीतापुर के एक पीएसी कपाउंड में बनी अस्थायी जेल में रखा गया था। लेकिन बुधवार को उन्हें रिहा कर दिया गया। राहुल के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला भी हैं। 

राहुल और प्रियंका से पहले आम आदमी पार्टी के नेता भी लखीमपुर पहुंच गए और पीड़ित परिवारों से मिले। लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के मामले को लेकर विपक्ष ने केंद्र और योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। 

पायलट, प्रमोद कृष्णम हिरासत में 

उधर, राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम को लखीमपुर खीरी जाते वक़्त उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुरादाबाद में हिरासत में ले लिया। पायलट ने कहा कि इस तरह के अलोकतांत्रिक क़दमों से यूपी सरकार उन्हें रोक नहीं सकती और वे पीड़ितों को इंसाफ़ दिलाने के लिए आवाज़ उठाते रहेंगे। 

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धरने पर बैठे राहुल 

इससे पहले दिन में राहुल लखनऊ एयरपोर्ट पर धरने पर बैठ गए थे। राहुल का कहना था कि वे अपनी गाड़ी से जाएंगे लेकिन तब उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई थी। इस दौरान एयरपोर्ट पर पत्रकारों, सुरक्षा कर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जबरदस्त जमावड़ा लगा रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाज़ी भी की। 

दिन में कांग्रेस के अलावा बाक़ी राजनीतिक दलों के नेताओं को भी लखीमपुर खीरी जाने की इजाजत दे दी गई थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि हर राजनीतिक दल के 5 लोग लखीमपुर खीरी जा सकते हैं। 

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लखनऊ एयरपोर्ट के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।

लखीमपुर खीरी की घटना में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कार से कथित रूप से किसानों को रौंद दिया। इस घटना में 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 4 किसान भी शामिल हैं। इसे लेकर मिश्रा के ख़िलाफ़ हत्या की एफ़आईआर भी दर्ज हो चुकी है। 

पुलिस ने रोका था 

यहां बताना होगा कि कई सियासी दलों के नेताओं ने लखीमपुर खीरी पहुंचने की कोशिश की लेकिन उत्तर प्रदेश की पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। इनमें प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा, एसपी के मुखिया अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव आदि नेता शामिल रहे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजाब के उप मुख्यमंत्री एसएस रंधावा को भी लखनऊ में हवाई हड्डे पर उतरने की इजाजत नहीं दी गई थी। 

संघर्ष करते रहे हैं राहुल

राहुल गांधी कृषि क़ानूनों का और किसानों के ऊपर हो रहे जुल्म का लगातार विरोध कर रहे हैं। राहुल की अगुवाई में कांग्रेस कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ जबरदस्त मुखर रही है। कांग्रेस इस मामले में संसद परिसर में लगातार प्रदर्शन कर चुकी है। राहुल गांधी संसद सत्र के दौरान ट्रैक्टर चलाकर संसद पहुंचे थे। तब कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश थी कि वह किसानों की आवाज़ को पुरजोर तरीक़े से उठाती रहेगी। 

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‘आज यहां डिक्टेटरशिप है’

बुधवार सुबह ही राहुल गांधी ने लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला था। राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर कहा था कि किसानों पर सुनियोजित हमला किया जा रहा है और उनकी हत्या की जा रही है। उन्होंने इसके लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया था। राहुल ने कहा था कि 'पहले लोकतंत्र हुआ करता था। आज यहां डिक्टेटरशिप है'।

बहरहाल, योगी सरकार के इस फ़ैसले के बाद तमाम दलों के नेता लखीमपुर खीरी पहुंच रहे हैं और यह तय माना जाना चाहिए कि आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश का सियासी माहौल बेहद गर्म रहेगा। 

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