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मौर्य के समर्थन में बीजेपी विधायकों के धड़ाधड़ इस्तीफे

मौर्य के समर्थन में बीजेपी विधायकों के धड़ाधड़ इस्तीफे

स्वामी प्रसाद मौर्य और कई विधायकों का पार्टी छोड़कर जाना निश्चित रूप से 45 फ़ीसदी ओबीसी आबादी वाले राज्य में बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका है। 

कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद बीजेपी में भगदड़ मच गई है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पिछड़ों के बड़े नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा में शामिल होने के बाद बीजेपी में उनके समर्थक विधायकों के धड़ाधड़ इस्तीफे हो रहे हैं। 

अब तक बिल्हौर से बीजेपी विधायक भगवती सागर, तिलहर से विधायक रोशनलाल वर्मा और तिंदवारी से विधायक बृजेश प्रजापति और विधायक विनय शाक्य ने भी इस्तीफा दे दिया है।

अमर उजाला के मुताबिक, विधायक ममतेश शाक्य, धर्मेंद्र शाक्य और नीरज मौर्य भी इस्तीफ़ा दे सकते हैं। इसे इस तरह भी देखा जा सकता है कि ओबीसी वर्ग के कई विधायक बीजेपी छोड़कर जा रहे हैं। 

यह निश्चित रूप से 45 फ़ीसदी ओबीसी आबादी वाले राज्य में बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका है। इसके अलावा यूपी श्रम बोर्ड के सदस्य रजनीकांत मौर्य सहित बोर्ड के कई और सदस्यों ने भी इस्तीफा दे दिया है।

उत्तर प्रदेश के चुनाव में बीजेपी का अपना दल (एस) और निषाद पार्टी के साथ गठबंधन है जबकि समाजवादी पार्टी ने महान दल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोक दल के साथ गठबंधन किया हुआ है। बीएसपी और कांग्रेस चुनाव मैदान में अकेले उतर रहे हैं। 

स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्र मौर्य बीजेपी के टिकट पर लोकसभा सांसद हैं। मौर्य इससे पहले बीएसपी प्रमुख मायावती के साथ थे और बीएसपी के कद्दावर नेताओं में शुमार थे। मौर्य ने राज्यपाल को भेजे इस्तीफ़े में लिखा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में विपरीत परिस्थितियों व विचारधारा में रहकर भी काम किया लेकिन दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार नौजवानों एवं छोटे- लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षा के कारण वे मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे रहे हैं। 

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय और समता-समानता की लड़ाई लड़ने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य एवं उनके साथ आने वाले सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है।  

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