महिला पहलवानों को मिल रही धमकियां, लालच, आरोप बीजेपी सांसद पर

12:31 pm Apr 26, 2023 | सत्य ब्यूरो

सात भारतीय महिला पहलवानों ने आरोप लगाया है कि जब से उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ अध्यक्ष और बीजेपी के बाहुबली सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, उन लोगों को नतीजे भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं। कुछ को पैसे का लालच भी दिया गया है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक ब्रजभूषण शरण सिंह नाबालिग महिला पहलवान की शिकायत को लेकर ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि अगर कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया तो बीजेपी सांसद पर पॉक्सो (POCSO)  लगेगा। जिसमें कठोर सजा है।आरोप है कि उस नाबालिग पहलवान के घर हरियाणा के कुछ अधिकारी धमकाने पहुंचे थे। 

जंतर मंतर पर 7 महिला पहलवानों का धरना जारी है। उनके समर्थन में कई पहलवान और खिलाड़ी भी वहां बैठे हैं। धरने का आज चौथा दिन है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दो बार की विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश फोगट ने कहा कि शिकायतकर्ताओं के 'संकल्प को तोड़ने' के लिए धमकियां दी जा रही हैं। टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया ने सात शिकायतकर्ताओं में से एक, नाबालिग के परिवार को धमकाने के लिए ब्रजभूषण शरण सिंह के लोगों पर आरोप लगाया। 

बजरंग पुनिया ने कहा - वे नाबालिग पीड़िता को धमकाने की कोशिश कर रहे हैं और शिकायत वापस लेने के लिए परिवार के सदस्यों पर दबाव डाला जा रहा है। हमें पता चला है कि उन्हें धमकी देने वालों में एक द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच है और दूसरा हरियाणा कुश्ती संघ का सचिव है। वे उसके घर गए और परिवार पर दबाव बना रहे थे और पैसे की पेशकश भी की। वे चाहते हैं कि वो नाबालिग पहलवान अपनी शिकायत वापस ले लें। बजरंग ने कहा कि जिन महिला पहलवानों ने बीजेपी सांसद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, उन्हें भी धमकी दी जा रही है।

पिछले शुक्रवार को नई दिल्ली के कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में महिला पहलवानों ने बीजेपी सांसद पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। लेकिन दिल्ली पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। शिकायतों में पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के कई उदाहरणों का हवाला दिया है, जो 2012 और हाल ही में 2022 तक के हैं।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पहलवान विनेश फोगाट ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने वाले पीड़ितों के नाम डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष तक को लीक हो गए हैं। विनेश ने कहा- 

अगर कोई लड़की यौन उत्पीड़न की शिकायत करती है, तो पुलिस को क्या करना चाहिए? प्राथमिकी होनी चाहिए, POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) के तहत गिरफ्तारी होनी चाहिए। लेकिन पुलिस ने अब तक ये बुनियादी काम क्यों नहीं किए? और अब शिकायतकर्ताओं को धमकी दी जा रही है और केस वापस लेने के लिए कहा जा रहा है।


- विनेश फोगाट, ओलिंपिक विजेता पहलवान, सोर्सः इंडियन एक्सप्रेस 26 अप्रैल 2023

जनवरी में महिला पहलवानों ने सिर्फ एक दिन धरना दिया था। लेकिन इस बार रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक सहित सभी पहलवान जंतर-मंतर पर रात बिता रहे हैं। प्रदर्शनकारी पहलवानों ने कहा है कि उनका डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए खेल मंत्रालय द्वारा गठित निगरानी समिति से भरोसा उठ गया है।

बबिता फोगाट के आरोप

पीटीआई के मुताबिक पूर्व पहलवान बबीता फोगाट ने दावा किया कि निगरानी समिति की सदस्य राधिका श्रीमन ने डब्ल्यूएफआई प्रमुख ब्रजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों पर तैयार अंतिम रिपोर्ट उनसे छीन ली, इससे पहले कि वो निष्कर्षों को पूरा पढ़ पातीं। बता दें कि केंद्र सरकार ने जो जांच पैनल बनाया था, उसमें बबिता फोगाट भी थी। लेकिन बबिता के आरोप का पूर्व खेल प्रशासक ने जोरदार खंडन किया। 

बबीता ने आरोप लगाया कि उन्हें कुछ आपत्तियां थीं लेकिन राधिका ने उन्हें पूरी रिपोर्ट पढ़ने नहीं दी। चूंकि मैं उसी परिवार (फोगाट) से संबंधित हूं, जो विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं, इसलिए मैं पढ़ नहीं सकती। बबीता ने पीटीआई को बताया कि राधिका ने उनसे कहा कि वो अध्यक्ष (मैरी कॉम) की ओर से काम कर रही थी और मुझे बताया कि अध्यक्ष ने रिपोर्ट पर हस्ताक्षर का निर्णय लिया है। पीटीआई द्वारा संपर्क किए जाने पर, राधिका ने आरोप को "हास्यास्पद" बताते हुए खारिज कर दिया। "मैं ऐसा क्यों करूंगा? ऐसा कुछ करने से मुझे क्या लाभ होगा। वास्तव में उसने रिपोर्ट को 4-5 बार पढ़ा और निष्कर्षों से सहमत हुई। रिपोर्ट में लिखे गए प्रत्येक शब्द को उसे समझाया गया, "राधिका ने कहा। "रिपोर्ट में जो कुछ भी लिखा गया है वह उन सभी की गवाही पर आधारित है जो सुनवाई में उपस्थित हुए और सब कुछ वीडियो रिकॉर्ड किया गया है, इसके साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। अगर मैंने उनसे रिपोर्ट छीनी ही थी तो उन्होंने ऐसा क्यों नहीं लिखा था।" उसका असंतोष नोट," अनुभवी प्रशासक से सवाल किया।

पीटीआई के संपर्क करने पर, राधिका ने बबीता फोगाट के आरोप को "हास्यास्पद" बताते हुए खारिज कर दिया। राधिका ने कहा- मैं ऐसा क्यों करूंगी? ऐसा कुछ करने से मुझे क्या लाभ होगा। वास्तव में उसने रिपोर्ट को 4-5 बार पढ़ा और निष्कर्षों से सहमत हुई। रिपोर्ट में लिखे गए हर शब्द को उसे समझाया गया। राधिका ने कहा कि रिपोर्ट में जो कुछ भी लिखा गया है वह उन सभी की गवाही पर आधारित है जो सुनवाई में उपस्थित हुए और सब कुछ वीडियो रिकॉर्ड किया गया है। रिपोर्ट के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। अगर मैंने उनसे रिपोर्ट छीनी ही थी तो उन्होंने अपना असंतोष नोट क्यों नहीं लिखा था।