कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने विजय दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम नहीं लिए जाने के मुद्दे पर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा, "महिला विरोधी बीजेपी सरकार द्वारा देश की अकेली महिला प्रधानमंत्री का नाम विजय दिवस पर जानबूझ कर छोड़ दिया गया है। यह देश की जीत और बांग्लादेश की मुक्ति की 50वीं वर्षगांठ पर हुआ है।"
बता दें कि 16 दिसंबर 1971 को भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तानी सेना ने आत्मसमर्पण किया था, बांग्लादेश को मुक्ति मिली थी। गुरुवार को उसके 50 साल पूरे हो गए। इस दिन को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस मौके पर सरकार कई तरह के कार्यक्रम करती है।
उन्होंने कहा,
“
मोदी जी, महिलाएं आपकी फालतू की बातों पर यकीन नहीं करती हैं। आपका रवैया अस्वीकार्य है। अब समय आ गया है कि आप महिलाओं को उनका हक़ दें।
प्रियंका गांधी, महासचिव, कांग्रेस
प्रियंका गांधी ने इसके साथ ही कुछ पुरानी तसवीरें भी ट्वीट कीं, जिनमें इंदिरा गांधी घायल सैनिकों के साथ और बांग्लादेश के नेता शेख मुज़ीबउर रहमान व भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल सैम मानेकशॉ के साथ दिख रही हैं।
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सरकार पर हमला बोला।
राहुल गांधी ने कहा कि 'इंदिरा गांधी ने देश के लिए 32 गोलियाँ खाईं, पर सरकारी कार्यक्रम में उनका नाम तक नहीं लिया गया।'
राहुल ने यह भी कहा 'जिन लोगों ने देश के लिए कोई बलिदान नहीं दिया है, वे इसे नहीं समझ सकते।'
इसके पहले संसद के दोनों सदनों में बांग्लादेश युद्ध में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि 'सैनिकों के बलिदान से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलती रहेगी।' राज्यसभा के अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने 'अदम्य साहस के लिए सैनिकों की तारीफ की'।