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'चीनी मुठभेड़ में जवानों के शहीद होने पर सफ़ाई दे सरकार'

'चीनी मुठभेड़ में जवानों के शहीद होने पर सफ़ाई दे सरकार'

लद्दाख की गलवान घाटी में तीन भारतीय जवानों के शहीद होने पर देश में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। सोशल मीडिया पर नेताओं और लोगों ने शहीदों को नमन किया, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सरकार को सफ़ाई देने को कहा है। 

लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प में सेना के एक अफ़सर सहित तीन भारतीय जवानों के शहीद होने पर देश में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। सोशल मीडिया पर नेताओं और लोगों ने शहीदों को नमन किया, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सरकार को सफ़ाई देने को कहा है। वैसे, जब से सीमा पर विवाद हुआ है तब से सरकार से सफ़ाई माँगी जा रही है कि नियंत्रण रेखा पर वास्तविक स्थिति क्या है। सरकार की ओर से हर बार यही कहा जा रहा है कि इस मुद्दे को बातचीत से सुलझा लिया जाएगा। लेकिन इसी बीच चीन सेना ने यह हरकत कर दी। 

इस पर प्रतिक्रिया में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को भारत-चीन सीमा पर वास्तविक स्थिति पर सफ़ाई देनी चाहिए। उन्होंने इस बारे में ट्वीट किया। 

जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ़्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, 'यदि "डी-एस्केलेशन प्रक्रिया" के दौरान चीनी एक भारतीय सेना के कर्नल और दो जवानों को गोली चलाकर मार दे तो कल्पना करें कि स्थिति कितनी बढ़ गई होगी। यह तब होता है जब मीडिया सरकारी लाइन का प्रचार करता है कि सवाल पूछना राष्ट्र-विरोधी है।'

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पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने लिखा, "लगता है कि चीन ने आक्रामक 'घर में घुस के मारेंगे’ के कार्रवाई वाले दृष्टिकोण को हाइजैक कर लिया है। देश यह जानने का हकदार है कि तीन भारतीय सेना के जवानों की मौत का बदला लेने के लिए प्रतिशोध की बात क्यों नहीं की जा रही है।"

बता दें कि लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प में तीन भारतीय जवान शहीद हो गए हैं। इनमें एक आर्मी अफ़सर भी शामिल हैं। यह झड़प सोमवार (15 जून) को हुई थी। भारतीय आर्मी ने कहा है कि दोनों ओर के सैन्य अधिकारी हालात को सामान्य करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। जबकि चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि भारत एकतरफा कार्रवाई न करे और कोई परेशानी नहीं बढ़ाए। बीते दो महीने से भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील इलाक़े में तनाव चल रहा है।

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