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यूपी में आजम खान के ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे

यूपी में आजम खान के ठिकानों पर आयकर विभाग के छापे

सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान के ठिकानों पर केंद्रीय जांच एजेंसी आयकर विभाग ने बुधवार 13 सितंबर को छापे मारे।

आयकर विभाग ने बुधवार सुबह समाजवादी पार्टी नेता आजम खान से जुड़े कई परिसरों पर छापेमारी की। ये छापे लखनऊ, रामपुर, मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर और सीतापुर में की गई। इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक छापेमारी जारी है। खबरों के मुताबिक, ये छापे अल जौहर ट्रस्ट को लेकर है। आयकर अधिकारियों ने बुधवार को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में कम से कम 30 परिसरों की तलाशी ली। ये छापे आजम खान के खिलाफ कथित टैक्स चोरी की जांच का हिस्सा है।

पूर्व मंत्री आजम खान अल जौहर ट्रस्ट के प्रमुख हैं। इस साल की शुरुआत में, यूपी सरकार ने ट्रस्ट को एक रिसर्च सेंटर स्थापित करने के लिए रामपुर में दिए गए 3.24 एकड़ प्लॉट का पट्टा रद्द कर दिया। इस प्लॉट का पट्टा 2013-14 में ₹100 प्रति वर्ष के हिसाब से 30 साल से अधिक के लिए साइन किया गया था। अनियमितता के आरोप में सरकार ने इसे रद्द कर किया था। बहरहाल, रिसर्च सेंटर कई वजहों से शुरू नहीं हो पाया। आजम खान तमाम मुश्किलों में घिरते चले गए।

सूत्रों का कहना है कि आजम के करीबी माने जाने वाले समाजवादी पार्टी के विधायक नसीर अहमद खान के घर पर भी तलाशी चल रही है।

यूपी में 2017 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से, आजम के खिलाफ रामपुर में भूमि कब्जा, धोखाधड़ी और आपराधिक अतिक्रमण सहित विभिन्न आरोपों में 81 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से कुछ मामलों में उनकी पत्नी और बेटे पर भी मामला दर्ज किया गया था। तीनों फिलहाल जमानत पर हैं।

इससे पहले जुलाई में, खान को 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दर्ज हेट स्पीच मामले में दो साल जेल की सजा सुनाई गई थी। उन्हें अब तक तीन अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। इस वजह से उनकी विधानसभा की सदस्यता भी चली गई थी।

आजम खान सपा के वरिष्ठ नेताओं में से हैं और मुलायम सिंह यादव ने जब सपा खड़ी की तो उसमें आजम खान की प्रमुख भूमिका रही। आजम रामपुर से दस बार से ज्यादा विधायक रहे हैं और दो बार सांसद रहे हैं। उनकी पत्नी डॉ ताजीन खान भी सांसद रह चुकी हैं। उनका बेटा अब्दुल्लाह आजम भी विधायक रह चुका है। जब आजम ने जौहर यूनिवर्सिटी खोलने की घोषणा की तो वो तमाम परेशानियों में घिर गई। रामपुर में अब तक कोई यूनिवर्सिटी नहीं है। यहां के स्टूडेंट्स को या तो बरेली या फिर मुरादाबाद जाना पड़ता है। 

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