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हरियाणा पंचायत चुनाव: बीजेपी को जिला परिषद में 22, आप को 15 सीटें 

हरियाणा पंचायत चुनाव: बीजेपी को जिला परिषद में 22, आप को 15 सीटें 

हरियाणा में साल 2024 के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं और उससे पहले आम आदमी पार्टी वहां सियासी सक्रियता बढ़ा रही है। आम आदमी पार्टी को जिला परिषद में सिरसा, अंबाला, यमुना नगर और जींद में जीत मिली है। 

हरियाणा में हुए पंचायत चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। चुनाव में बीजेपी ने जिला परिषदों में सबसे ज्यादा 22 सीटों पर जीत हासिल की है जबकि आम आदमी पार्टी दूसरे नंबर पर रही है और उसने 15 सीटों पर जीत हासिल की है। हरियाणा में 22 जिला परिषदों की 411 सीटों के लिए चुनाव हुआ था। 

आम आदमी पार्टी ने 114 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे जबकि बीजेपी ने 102 सीटों पर अपने चुनाव चिन्ह पर पार्टी नेताओं को चुनाव लड़ाया था। 

इंडियन नेशनल लोकदल ने जिला परिषद की 72 सीटों पर चुनाव लड़ा था और इसमें उसे 14 सीटों पर जीत मिली है जबकि कांग्रेस ने अपने चुनाव चिन्ह पर पार्टी नेताओं को मैदान में नहीं उतारा था। पंचायत चुनाव में बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली है। 

हरियाणा में साल 2024 के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं और उससे पहले आम आदमी पार्टी वहां सियासी सक्रियता बढ़ा रही है। पंचायत चुनाव के नतीजों से इस बात का पता चलता है कि कुछ जगहों पर आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। आम आदमी पार्टी को जिला परिषद में सिरसा, अंबाला, यमुना नगर और जींद में जीत मिली है। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस प्रदर्शन पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को बधाई दी है। इस साल सितंबर में केजरीवाल ने ‘मेक इंडिया नंबर 1’ मिशन की शुरुआत के तहत आदमपुर और हिसार में रैलियां की थी। 

हरियाणा से लगते हुए राज्यों दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है। ऐसे में केजरीवाल की कोशिश हरियाणा में 2024 का विधानसभा चुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ने की है।

बीजेपी का प्रदर्शन खराब

यह दिख रहा है कि बीजेपी का प्रदर्शन इस चुनाव में बेहद खराब रहा है। बीजेपी को बड़ा झटका अंबाला में लगा है जहां उसके सांसद नायब सैनी की पत्नी सुमन सैनी को हार का सामना करना पड़ा। पंचकुला में बीजेपी जिला परिषद की सभी 10 सीटें हार गई। गुरुग्राम में बीजेपी को जिला परिषद की 10 सीटों में से चार पर जीत मिली जबकि 6 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।

आम आदमी पार्टी का सफर 

भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी ने 2013 में अपनी स्थापना के बाद से अब तक तीन बार दिल्ली में सरकार बनाई है जबकि इस बार पंजाब में भी उसे प्रचंड बहुमत मिला है। 

2013 के विधानसभा चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई थी जबकि 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को अपने दम पर बड़ी जीत मिली थी। 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को 70 सदस्यों वाली दिल्ली में 67 सीटों पर जीत मिली थी जबकि 2020 में यह आंकड़ा 62 सीटों का था।

2014 के लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 4 सीटों पर जीत हासिल की थी लेकिन 2019 में यह आंकड़ा गिरकर एक रह गया था। लेकिन दिल्ली और पंजाब में मिली जीत की वजह से राज्यसभा में पार्टी के सांसदों का आंकड़ा 10 पहुंच गया है। 

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