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हार्दिक पटेल ने ओढ़ा भगवा शॉल, बायो से कांग्रेस शब्द हटाया

हार्दिक पटेल ने ओढ़ा भगवा शॉल, बायो से कांग्रेस शब्द हटाया

क्या पाटीदार नेता हार्दिक पटेल कांग्रेस को अलविदा कहने वाले हैं? अगर वह ऐसा करते हैं तो यह निश्चित रूप से कांग्रेस के लिए गुजरात में बड़ा झटका होगा। 

बीते कई दिनों से कांग्रेस नेतृत्व से नाराजगी जाहिर कर रहे पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के एक कदम के बाद कांग्रेस में खलबली मच गई है। हार्दिक पटेल ने अपने वॉट्सएप अकाउंट और टेलीग्राम बायो से कांग्रेस शब्द हटा दिया है। इसके अलावा उन्होंने इन दोनों ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी डिस्प्ले पिक्चर बदल दी है। 

अपनी नई तसवीर में वह एक भगवा शॉल ओढ़े नजर आ रहे हैं। 

हार्दिक पटेल बीते कुछ दिनों में तमाम टीवी चैनलों और अखबारों को दिए इंटरव्यू में गुजरात में कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर खुलकर अपनी बात कह चुके हैं। तभी से उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लग रही हैं। 

पटेल ने कहा था कि पार्टी को उनका इस्तेमाल करना चाहिए।

हार्दिक पटेल ने एक इंटरव्यू में हिंदू होने पर गर्व होने की बात कही थी और कहा था कि वह भगवान राम के भक्त हैं। उन्होंने यह भी कहा था कांग्रेस के मुकाबले बीजेपी में फैसले तेजी से लिए जाते हैं।

पाटीदारों के आरक्षण के लिए गुजरात में बड़ा आंदोलन खड़ा करने वाले हार्दिक ने दैनिक भास्कर से कहा था कि उन्होंने अपनी बातों को कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के सामने रखा है।

पटेल ने कुछ दिन पहले द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में अपनी उपेक्षा की बात कही थी और इसके बाद गुजरात में आम आदमी पार्टी ने कहा था कि उसके दरवाजे हार्दिक पटेल के लिए हमेशा खुले हैं।

क्या हार्दिक पटेल कांग्रेस छोड़ देंगे, इस तरह की चर्चाएं जब मीडिया के गलियारों में तैरने लगी तो हार्दिक ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा था कि यह सिर्फ अफवाह है कि वह कांग्रेस छोड़ रहे हैं।

लेकिन बायो से कांग्रेस शब्द हटाने और भगवा शॉल ओढ़ने के बाद एक बार फिर से यह अटकलें लगने लगी हैं कि क्या हार्दिक पटेल कांग्रेस का साथ छोड़ देंगे और क्या वह बीजेपी में शामिल हो जाएंगे?

नज़दीक हैं चुनाव 

गुजरात में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले हार्दिक पटेल की नाराजगी कांग्रेस के लिए मुसीबत का सबब बन सकती है। हार्दिक पटेल पाटीदार युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं और बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को उनकी लोकप्रियता का फायदा भी मिला था।

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