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घरेलू सहायिका से हैवानियत: बीजेपी की निलंबित नेता गिरफ्तार

घरेलू सहायिका से हैवानियत: बीजेपी की निलंबित नेता गिरफ्तार

झारखंड में बीजेपी नेता सीमा पात्रा पर अपनी घरेलू सहायिका से अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगा है। अमानवीयता भी ऐसी कि सुनकर और सोचकर भी रूह काँप जाए। 

अपनी घरेलू सहायिका से बेहद अमानवीय व्यवहार करने वाली सीमा पात्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सीमा पात्रा के द्वारा आदिवासी समुदाय की घरेलू सहायिका के साथ हैवानियत किए जाने का मामला सामने आते ही बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। बीजेपी नेता के द्वारा हैवानियत किए जाने का एक वीडियो भी सामने आया था। 

सीमा पात्रा रिटायर्ड आईएएस अफसर की पत्नी हैं जबकि पीड़िता का नाम सुनीता खाखा है। 

बीजेपी नेता पर आरोप है कि उन्होंने आदिवासी महिला को 6 साल तक कैद रखा। जीभ से फर्श साफ़ करने और पेशाब चाटने को मजबूर किया, रॉड से दांत तोड़ दिए और गर्म तवे से उसके शरीर को जला दिया। 

अमानवीयता की शिकार हुई आदिवासी महिला को रांची पुलिस ने छुड़ाया था। 29 वर्षीय यह महिला अस्पताल में भर्ती है। महिला ने आरोप लगाया है कि सीमा पात्रा उन्हें गर्म तवे से जलाती और नियमित रूप से उनकी पिटाई करती थी।

हालाँकि, पीड़िता ने यह भी कहा है कि पात्रा का बेटा उन्हें अपनी माँ से बचाने की कोशिश करते थे और वह उनकी वजह से जिंदा हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पात्रा ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया और उसे खाना और पानी नहीं दिया। एक रिपोर्ट के अनुसार सुनीता ने कहा कि उन्हें 'सजा' के रूप में प्रताड़ित किया गया था, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनकी गलतियां क्या थीं।

स्थानीय मीडिया 'न्यूज़ विंग' द्वारा चलाए गए पीड़िता महिला के बयान को सोशल मीडिया पर साझा किया गया है। सोशल मीडिया यूज़रों ने उस घटना की अमानवीयता व हैवानियत कहकर निंदा की है। 

'न्यूज़ विंग' की रिपोर्ट के अनुसार घर में काम करने वाली सुनीता खाखा को प्रताड़ित करने के मामले में बीजेपी ने कार्रवाई करते हुए सीमा पात्रा को पार्टी से निलंबित कर दिया था। प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।

कैसे घरेलू सहायिका के रूप में रखा

महेश्वर पात्रा और सीमा पात्रा को एक बेटा आयुष्मान पात्रा और एक बेटी वत्सला पात्रा हैं। न्यूज़ विंग की रिपोर्ट के अनुसार करीब 10 साल पहले वत्सला की एनटीपीसी में नौकरी लगी तो वो दिल्ली चली गयीं। किसी ने गुमला की रहने वाली सुनीता खाखा को दिल्ली में उनके यहाँ रखवा दिया। चार साल काम करने के बाद आज से करीब छह साल पहले वत्सला वापस रांची आ गईं और उसके साथ सुनीता भी। आरोप है कि वत्सला की मां यानी सीमा पात्रा के हाथों पिछले छह साल से सुनीता को प्रताड़ित किया जा रहा था। 

कैसे छुड़ाया गया सुनीता को

सुनीता पर हो रही उत्पीड़न की जानकारी कार्मिक विभाग के अफसर विवेक बास्की को मिली। उन्होंने डीसी राहुल कुमार सिन्हा के पास शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मैजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सुनीता को मुक्त कराया। बता दें कि विवेक बास्की की शिकायत पर ही मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, इस मामले में अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। 

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