रहस्य-रोमांच से भरपूर सीरीज़ 'ब्रीद' की कमज़ोर कड़ियाँ कर सकती हैं निराश

02:09 pm Jul 11, 2020 | दीपाली श्रीवास्तव - सत्य हिन्दी

सीरीज़- ब्रीद इंटू द शैडोज़

निर्देशक- मयंक शर्मा

कलाकार- अभिषेक बच्चन, अमित साध, नेत्या मेनन, इवाना कौर, ह्रषिकेश जोशी, श्रीकांत वर्मा

स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म- अमेज़न प्राइम

शैली- सस्पेंस-थ्रिलर

रेटिंग- 2.5/5

थ्रिलर!

ओटीटी प्लैटफॉर्म अमेज़न प्राइम वीडियो पर 10 जुलाई को सीरीज़ 'ब्रीद इंटू द शैडोज़' रिलीज़ हुई। यह सीरीज़ क्राइम, सस्पेंस और थ्रिलर से भरपूर है। सीरीज़ का निर्देशन किया है मयंक शर्मा ने और इसकी कहानी मयंक, भवानी अय्यर और विक्रम टुली ने मिलकर लिखी है।

सीरीज़ 'ब्रीद' में अभिषेक बच्चन, अमित साध, नेत्या मेनन और इवाना कौर मुख्य भूमिका में हैं। यह सीरीज़ रहस्य और रोमांच से भरपूर है तो इसमें हत्या, अपहरण और पुलिस की छानबीन सबकुछ दिखाया गया है। आइये, जानते है इसकी कहानी। 

क्या है खास?

सीरीज़ 'ब्रीद' की कहानी शुरू होती है एक खुशहाल परिवार से, जिसमें तीन सदस्य हैं, अविनाश सबरवाल (अभिषेक बच्चन), आभा (नेत्या मेनन) और सिया (इवाना कौर)। अविनाश एक जाने-माने सायकायट्रिस्ट हैं। 

सबकुछ सही चल रहा होता है कि अचानक सिया का अपहरण हो जाता है। अविनाश और आभा को लगता है कि फिरौती के लिए फ़ोन आयेगा, लेकिन ऐसा नहीं होता है। अपहरण  के 10 महीने बीत जाने के बाद अपहरणकर्ता अविनाश से कहता है कि सिया को बचाना है तो एक आदमी का ख़ून करना होगा।

ख़ून!

आभा और अविनाश सिया को बचाने के लिए पहला खून कर देते हैं, लेकिन यह सिलसिला यहीं ख़त्म नहीं होता है। अपहरणकर्ता दूसरी हत्या करने के लिए कहता है और तब तक इस केस की कमान सीबीआई अफ़सर कबीर सावंत (अमित साध) के हाथों में आ जाती है। कबीर के साथ प्रकाश (ह्रषिकेश जोशी) और जयप्रकाश (श्रीकांत वर्मा) भी इस केस में लग जाते हैं।

अब सवाल है कि अपहरणकर्ता ये हत्याएं क्यों करवा रहा है? अविनाश से क्यों ख़ून करवाए जा रहे है क्या उसका कोई कनेक्शन है? सिया वापस मिलेगी भी या नहीं?

कबीर इस केस को सुलझा पायेगा और कौन होगा वह आदमी जो लोगों को मारने के लिए कह रहा है? ये सब जानने के लिए आपको अमेज़न प्राइम पर सीरीज़ 'ब्रीद' देखनी पड़ेगी। सीरीज़ में कुल 12 एपिसोड है और एक एपिसोड 43 मिनट का है। 

निर्देशन

मयंक शर्मा ने अच्छी कहानी लिखी है और उस पर काम भी काफी अच्छे तरीके से किया है। बस अगर सीरीज़ की थोड़ी एडिटिंग और कर देते तो थोड़ी भी बोरियत महसूस नहीं होती। कई बार कुछ चीजें दुहराई गई हैं और इसे काफी खींचा गया है जो निराश करता है। इसके अलावा कैमरा वर्क, सिनेमेटोग्राफी और बैकग्राउंड म्यूज़िक काफी अच्छा है।

अभिनय

अभिषेक बच्चन ने अविनाश का किरदार बखूबी निभाया है। पिता का रोल हो या एक डॉक्टर का, जूनियर बच्चन ने हर एक इमोशन को बखूबी पर्दे पर पेश किया है। अमित साध ने पुलिस अफ़सर की भूमिका में बेहतरीन अभिनय किया है।

नेत्या मेनन ने भी अपने रोल को अच्छे से निभाया। इवाना कौर काफी छोटी हैं, लेकिन उनकी मासूमियत और उनका अभिनय आपका दिल जीत लेंगे। इसके अलावा ह्रषिकेश जोशी, श्रीकांत वर्मा, संयमी खेर और श्रुति बपना ने भी शानदार काम किया है।

सुस्त, बोरिंग

नई कहानी के साथ क्राइम थ्रिलर सीरीज़ 'ब्रिद' मयंक शर्मा दर्शकों के लिए लेकर आये हैं, लेकिन इसमें कुछ कमियाँ भी हैं।

12 एपिसोड की सीरीज़ बीच-बीच में काफी बोरिंग लगने लगती है तो वहीं कुछ दृश्यों को देखकर ऐसा लगता है कि दुहराव है। इससे बचा जा सकता था, सीरीज़ और चुस्त हो सकती थी।

इसके अलावा सीरीज़ में रावण के 10 सिर और उससे जुड़ी भावनाओं पर भी तमाम बातें की गई है लेकिन अंत में उन सबका ताल्लुक कहानी से कुछ समझ नहीं आता। तीसरे एपिसोड तक आप सीरीज़ से ख़ुद को जोड़ नहीं पायेंगे।

लेकिन चौथे एपिसोड से यह काफी दिलचस्प मोड़ ले लेती है और वहाँ से इसे आपको देखने में मजा आने लगेगा। सस्पेंस जानने के लिए आप यह सीरीज़ देख लेंगे। एक बार इस सीरीज़ को देखा जा सकता है, लेकिन इसके लिए आपको काफी समय देना पड़ेगा और धैर्य रखना होगा।