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कार्रवाई करने के लिए सीबीआई को 'ऊपर' से है आदेश: केजरीवाल 

कार्रवाई करने के लिए सीबीआई को 'ऊपर' से है आदेश: केजरीवाल 

आबकारी नीति को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच चल रहा घमासान चरम पर पहुंच गया है। क्या सिसोदिया के खिलाफ जांच में सीबीआई को कुछ मिलेगा?

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर सीबीआई की छापेमारी को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के सबसे बड़े अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में दिल्ली के शिक्षा मॉडल की तारीफ की गई और मनीष सिसोदिया की तस्वीर छपी है। केजरीवाल ने कहा कि यह पूरी दिल्ली ही नहीं पूरे भारत के लिए गर्व की बात है लेकिन केंद्र सरकार ने मनीष सिसोदिया के घर पर सीबीआई भेज दी। उन्होंने कहा कि सिसोदिया सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मंत्री हैं।

उन्होंने कहा कि सिर्फ अमेरिका के ही नहीं दुनिया के कई बड़े देशों के अखबारों पर भारत की ऐसी तस्वीरें होनी चाहिए। 

केजरीवाल ने कहा कि इससे पहले भी उनके खिलाफ, मनीष सिसोदिया के खिलाफ और दिल्ली सरकार के कई अन्य मंत्रियों के खिलाफ कई तरह की जांच हो चुकी है लेकिन कुछ नहीं निकला। 

उन्होंने कहा कि सीबीआई को ऊपर से आदेश है कि दिल्ली सरकार के मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने कुछ दिन पहले ही मेक इंडिया नंबर वन मिशन लांच किया था।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने इस मौके पर एक नंबर 95 1000 1000 जारी किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत को दुनिया का नंबर वन देश बनाना चाहते हैं वे इस मिशन से जुड़ें और इस नंबर पर मिस्ड कॉल करें। 

केजरीवाल ने कहा कि खुद भी मिस्ड कॉल करें और अन्य लोगों से भी कराएं। उन्होंने कहा कि हमें 130 करोड़ लोगों को मेक इंडिया नंबर वन मिशन से जोड़ना है।

इससे पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर कहा कि अगर शराब मुद्दा है तो गुजरात में जांच क्यों नहीं हुई? बीजेपी के ज़िला पंचायत सदस्य के घर से नक़ली शराब पकड़ी गई। उन्होंने सवाल पूछा कि क्या कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा जेल गए? क्या असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की जांच में कुछ निकला? क्या सीबीआई, ईडी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का कुछ कर पाई?

उन्होंने कहा कि इस तरह की छापेमारी का केवल एक मक़सद अरविंद केजरीवाल को रोकना है। 

संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली का 'शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल' पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो रहा है जिसे केंद्र सरकार हर हाल में रोकना चाहती है। अगर देश में ऐसी छोटी सोच के प्रधानमंत्री हैं जो 'शिक्षा और स्वास्थ्य' पर काम ना करने दें तो वो देश को क्या आगे लेकर जाएंगे।

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