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सनातन के विरोधियों की जुबान खींच लेंगे, आँखें निकाल लेंगे: बीजेपी मंत्री

सनातन के विरोधियों की जुबान खींच लेंगे, आँखें निकाल लेंगे: बीजेपी मंत्री

बीजेपी के मंत्री ने सनातन धर्म का विरोध करने वालों पर विवादास्पद बयान दिया है। जानिए, आख़िर उन्होंने क्यों कहा कि जुबान खींच लेंगे…आंखें निकाल लेंगे।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सनातन धर्म का विरोध करने वालों की जुबान खींचने और आँखें निकालने की चेतावनी दी है। बीजेपी नेता गजेंद्र सिंह शेखावत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इसमें वह कहते नजर आ रहे हैं, 'जो सनातन के विरोध में बात करेगा उस जुबान को खींचकर बाहर निकाल लेंगे। जो सनातन की तरफ आँख उठाएगा उस हर आंख को हम अंगुली डालकर निकाल लेंगे।'

शेखावत का यह बयान तब आया है जब सनातन धर्म पर डीएमके नेताओं के बयान आए हैं। उदयनिधि स्टालिन ने कुछ दिनों पहले एक बयान में कहा था कि सनातन धर्म लोगों को जाति और धर्म के नाम पर विभाजित करता है और इसे ख़त्म करने की ज़रूरत है। विवाद बढ़ने के बाद भी अपने बयान पर कायम रहते हुए उन्होंने कहा था, 'मुझे अपने भाषण के महत्वपूर्ण पहलू को दोहराना चाहिए- मेरा मानना है कि मच्छरों द्वारा डेंगू और मलेरिया और कोविड -19 जैसी बीमारियों के फैलाए जाने की तरह ही सनातन धर्म कई सामाजिक बुराइयों के लिए जिम्मेदार है।' बाद में दो और नेताओं के बयान भी आए।

इसी बीच शेखावत का अब बयान आया है। उन्होंने राजस्थान के बीकानेर में परिवर्तन संकल्प यात्रा के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा है, 'हम चुनौती देते हैं कि सनातन के ख़िलाफ़ बात करने वाला कोई भी व्यक्ति देश में राजनीतिक हैसियत और ताकत नहीं बनाकर रख पाएगा। इस देश में कितने आक्रांता आए, भारत के वैभव को लूटने के लिए, भारत की संस्कृति को कमजोर करने के लिए, भारत की सभ्यता और सनातन धर्म को कमजोर करने के लिए।... लेकिन आपके और मेरे पूर्वज सक्षम थे, उन्होंने अपने पुरुषार्थ पर, अपनी भुजाओं की ताकत पर इस भारत की सभ्यता और संस्कृति को बचाकर रखा।'

उन्होंने कहा, 'राजस्थान मर्दों का प्रदेश है। यहाँ की मर्दानगी की वजह से हिंदुस्तान में हिंदुत्व और सनातन धर्म जिंदा है। अगर पृथ्वीराज चौहान, बप्पा रावल, राणा सांगा, वीर दुर्गादास, चंद्रसेन, महाराणा प्रताप, महाराजा सूरजमल न हुए होते तो आज आपके, मेरे नाम कुछ और होते। 

डीएमके नेताओं के सनातन धर्म को लेकर बयान पर शेखावत ने कहा कि अब यह 'घमंडिया' गठबंधन के नेता एक होकर सनातन को मिटाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, 'मैं उनसे कहना चाहता हूं कि इतने सारे मुगल आक्रांता भी सनातन को मिटा नहीं पाए तो तुम क्या मिटा पाओगे... जिस सनातन धर्म को हमारे पूर्वजों ने अपनी जान पर खेलकर बचाए रखा। अब कुछ लोग सनातन धर्म को समाप्त करने की बात कहते हैं, अब हम उनको बर्दाश्त नहीं करेंगे।'

बीजेपी सनातन धर्म विवाद को मुद्दा बनाने की कोशिश में लगी है। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया है कि सनातन धर्म का विरोध 'इंडिया' गठबंधन का संकल्प है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'डीएमके के शिक्षा मंत्री के पोनमुडी कहते हैं कि इंडिया अलायंस सनातन धर्म के विरोध के लिए ही बना है और उसको ख़त्म करना है। जो उन्होंने उसी सनातन धर्म विरोधी कार्यक्रम में कहा था जिसमें मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के पुत्र ने सनातन की तुलना डेंगू, मलेरिया से की थी और बाद में तो राजा ने कहा कि ये एड्स से भी ज़्यादा संक्रामक है।' प्रसाद ने आरोप लगाया कि सनातन धर्म को लेकर यह इनका छुपा हुआ एजेंडा है और इसके लिए वे लंबे समय से लगे हुए हैं। 

गृहमंत्री अमित शाह ने भी तब इस मुद्दे को लपक लिया था जब उदयनिधि स्टालिन का इस पर पहली बार बयान आया था। अमित शाह ने आरोप लगाया था कि 'इंडिया' गठबंधन हिंदू धर्म को ख़त्म कर सत्ता हथियाना चाहता है। उन्होंने राजस्थान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "I.N.D.I.A गठबंधन के दो प्रमुख दल कांग्रेस और डीएमके कह रहे हैं कि सनातन धर्म को समाप्त कर देना चाहिए। तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करने के लिए इन लोगों ने 'सनातन धर्म' का अपमान किया है।"

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