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मोहाली धमाका: बब्बर खालसा-आईएसआई की साजिश, छह गिरफ्तार

मोहाली धमाका: बब्बर खालसा-आईएसआई की साजिश, छह गिरफ्तार

मोहाली धमाके से आईएसआई के नापाक मंसूबे एक बार फिर उजागर हो गए हैं और वह खालिस्तानी आतंकवादियों के साथ मिलकर पंजाब के नौजवानों को भड़काने के काम में जुटी हुई है।

मोहाली में पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग के दफ्तर पर हुए हमले के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। पंजाब पुलिस ने कहा है कि इस हमले ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल यानी बीकेआई और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस यानी आईएसआई के नापाक गठजोड़ को उजागर किया है। पुलिस ने कहा है कि इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

पंजाब पुलिस के डीजीपी वीके भावरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कनाडा में बैठा गैंगस्टर लखबीर सिंह लांडा इस हमले का मास्टरमाइंड है। डीजीपी ने कहा कि इस मामले में तीन और लोगों की तलाश की जा रही है जिनमें से दो बाहरी हैं। एक शख्स का नाम चरहट सिंह है और वह पंजाब के तरनतारन जिले का ही रहने वाला है। 

लखबीर सिंह लांडा तरनतारन जिले का रहने वाला है और 2017 से कनाडा में रह रहा है। डीजीपी ने कहा कि लखबीर सिंह पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा का बेहद करीबी है। हरविंदर सिंह रिंदा को बीकेआई के प्रमुख वधावा सिंह और आईएसआई का खास माना जाता है। 

ये हैं गिरफ्तार किए गए लोग

डीजीपी ने कहा कि जिन छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनके नाम- जगदीप कंग, कंवर बाठ, बलजीत कौर, अनंतदीप सिंह सोनू और बलजिंदर सिंह रैम्बो हैं। छठा शख़्स तरनतारन जिले के कुल्ला गांव का निशान सिंह है जिसे फरीदकोट पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। 

अनंतदीप सिंह उर्फ ​​सोनू अमृतसर के गुरु नानक कॉलोनी, कंवर बाठ अमृतसर के गुमटाला, बलजीत कौर अमृतसर के कोट खालसा, बलजिंदर सिंह रैम्बो पट्टी के रहने वाले हैं। 

डीजीपी ने कहा कि चरहट सिंह ने जगदीप कंग के साथ मिलकर खुफिया विभाग के दफ्तर की रेकी की थी। जगदीप कंग मोहाली का रहने वाला है।

उन्होंने कहा कि निशान सिंह ने बाहरी हमलावरों को अपने घर में ठहराया था। कंवर बाठ और बलजीत कौर के घरों में भी उन्हें रुकवाया गया था। 

डीजीपी ने कहा कि हमलावर पाकिस्तान से लगने वाले जिलों में 15 दिन तक रुके रहे, वहां से 7 मई को निकले और 9 मई को इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि लखबीर सिंह के निर्देश पर निशान सिंह को आरपीजी मिला। इसके अलावा बलजिंदर सिंह रैंबो को एके 47 मिली और उसने इसे चरहट सिंह को दे दिया।

पंजाब पुलिस के पर्दाफाश से उन तमाम दावों पर मुहर लगती है जिनमें यह कहा जाता रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई लगातार खालिस्तानी आतंकवादियों के साथ मिलकर पंजाब के नौजवानों को भारत के खिलाफ भड़काने के काम में जुटी हुई है।

पंजाब पुलिस के खुलासे के बाद पंजाब सरकार और भारत सरकार को भी अलर्ट हो जाना चाहिए जिससे आईएसआई और खालिस्तानी आतंकवादी भारत का माहौल खराब न कर सकें। 

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