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एडवायज़री :  असम के लोग न जाएं मिज़ोरम, उनकी जान को ख़तरा

एडवायज़री :  असम के लोग न जाएं मिज़ोरम, उनकी जान को ख़तरा

असम सरकार ने एक एडवायज़री जारी कर असम के लोगों से कहा है कि वे मिज़ोरम न जाएं क्योंकि उनकी जान को ख़तरा है और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

असम सरकार ने एक एडवायज़री जारी कर असम के लोगों से कहा है कि वे मिज़ोरम न जाएं क्योंकि उनकी जान को ख़तरा है और इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

असम सरकार ने यह एडवायज़री ऐसे समय जारी की है जब मिज़ोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरमथंगा ने दावा किया है कि उनके राज्य में असमिया मूल के लोग भाईचारे के साथ रह रहे हैं। उन्होंने सबसे शांति बनाए रखने की अपील भी की है। 

असम सरकार ने यह एलान ऐसे समय किया है जब मिज़ोरम को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 306 को असम में बंद कर दिया गया है और कुछ जगहों पर रेल की पटरियाँ उखाड़ दी गई हैं और दो रेल स्टेशनों में तोड़फोड़ की गई है। 

क्या हुआ?

बता दें कि सोमवार को असम-मिज़ोरम सीमा पर दोनों राज्यों की पुलिस में झड़पें हुईं, जिसमें असम पुलिस के छह जवान और एक नागरिक मारे गए।

 इसके अलावा 45 लोग घायल हो गए। इसके बाद असम ने मिज़ोरम की आर्थिक नाकेबंदी कर दी। 

अब असम अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए ख़तरा बता रहा है और उन्हें मिज़ोरम न जाने की सलाह दे रहा है। 

असम सरकार ने कहा है,

कुछ मिज़ो सिविल सोसाइट समूह और छात्र संगठन असम और असमिया लोगों के ख़िलाफ़ भड़काऊ बातें कह रहे हैं। असम पुलिस को मिले वीडियो फुटेज से साफ पता चलता है कि मिज़ोरम के कुछ लोग भारी हथियारों से लैस हैं और खुले आम घूम रहे हैं।


असम सरकार की एडवायज़री का अंश

क्या कहना है मिज़ोरम का

दूसरी ओर, मिज़ोरम के मुख्यमंत्री ने एनडीटीवी से कहा, "हमारे पास पुख़्ता सबूत हैं कि पहले गोलीबारी असम पुलिस ने की। लेकिन पहले वे यह बताएं कि शिलांग में गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई कामयाब बैठक के बाद उन्होंने मेघालय में जो कुछ किया, उसका क्या औचित्य है।"

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ज़ोरमथंगा, मुख्यमंत्री, मिज़ोरम

ज़ोरमथंगा ने यह भी कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सर्मा उनके मित्र हैं और उन्होंने उनसे बात की है। पर असम सरकार में कुछ लोग हैं, जो शांति नहीं चाहते। 

आर्थिक नाकेबंदी

इसके पहले पूर्वोत्तर राज्य मिज़ोरम को शेष भारत से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 306 को असम की सीमा के पास बंद कर दिया गया।

मिज़ोरम की नाकाबंदी का नतीजा यह है कि यह राज्य पूरे देश से कट गया है, वहाँ न कोई चीज पहुँच रही है, न ही वहाँ से कोई चीज बाहर आ रही है। इससे मिज़ोरम के लोगों को खाने-पीने और रोज़मर्रा की दूसरी चीजों की क़िल्लत हो रही है।

मिज़ोरम ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिख कर इसकी शिकायत की है और नाकेबंदी हटाने की गुजारिश की है। 

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केंद्र को चिट्ठी

मिज़ोरम के गृह सचिव ललबियाकसांगी ने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिख कर राष्ट्रीय राजमार्ग 306 खुलवाने का आग्रह किया है। 

उन्होंने लिखा है, "यह चिंता की बात है कि असम आर्थिक नाकेबंदी पर उतारू हो जाता है। वह ऐसा सिर्फ़ इसलिए करता है कि प्रमुख राजमार्ग और रेल लाइन उस राज्य से होकर गुजरती हैं।" 

इन्होंने इसके आगे कहा है, आर्थिक नाकेबंदी से मिज़ोरम के लोगों की आजीविका पर बुरा असर पड़ रहा है। मिज़ोरम जाने वाली दूसरी सड़कों को भी असम में बंद कर दिया गया है। 

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