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जानिए अमिताभ बच्चन ने पान मसाला का विज्ञापन अब क्यों छोड़ा

जानिए अमिताभ बच्चन ने पान मसाला का विज्ञापन अब क्यों छोड़ा

बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन के पान मसाला के विज्ञापन पर विवाद क्यों था और अब आख़िर उन्होंने विज्ञापन से खु़द को अलग क्यों कर लिया है?

अमिताभ बच्चन अब पान मसाला के विज्ञापन में नज़र नहीं आएँगे। उन्होंने आख़िरकार उस विज्ञापन से खुद को अलग कर लिया है। पिछले महीने भर से सोशल मीडिया पर इस पर काफ़ी ज़्यादा बहस हो रही थी कि आख़िर अमिताभ जैसी शख्सियत तंबाकू के उत्पाद का प्रचार कैसे कर सकती है! इस विज्ञापन करने के लिए अपने बचाव में अमिताभ बच्चन पहले ख़ुद ही तर्क पेश करते नज़र आए थे। 

लेकिन अमिताभ बच्चन ने अब उस पान मसाला ब्रांड के साथ अपना अनुबंध यह कहते हुए समाप्त कर दिया है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह 'सरोगेट विज्ञापन' के अंतर्गत आता है। सरोगेट विज्ञापन से मतलब है- जब किसी ब्रांड के उत्पाद की वजह से विज्ञापन नहीं हो पाए तो उसी ब्रांड के कुछ दूसरे उत्पाद का विज्ञापन करा लिया जाता है जिससे ब्रांड के नाम का प्रचार हो जाए। 

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बच्चन ने खुद को ब्रांड से अलग कर लिया है। इसमें कहा गया है, 'कमला पसंद... विज्ञापन प्रसारित होने के कुछ दिनों बाद, बच्चन ने ब्रांड से संपर्क किया और पिछले हफ्ते इससे किनारा कर लिया। इस अचानक क़दम की पड़ताल करने पर पता चला कि जब मिस्टर बच्चन ब्रांड से जुड़े थे, तो उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह सरोगेट विज्ञापन के अंतर्गत आता है, मिस्टर बच्चन ने ब्रांड के साथ अनुबंध समाप्त कर दिया है, उन्हें इसके लिए लिखा है और प्रचार के लिए प्राप्त किए पैसे वापस कर दिए हैं।'

अमिताभ बच्चन का यह फ़ैसला तब आया है जब उन्हें एक राष्ट्रीय तंबाकू विरोधी संगठन ने विज्ञापन अभियान से हटने का अनुरोध किया था। इस संगठन ने कहा कि आपका यह फ़ैसला युवाओं को तंबाकू के आदी होने से रोकेगा। 

अमिताभ बच्चन और राष्ट्रीय तंबाकू उन्मूलन संगठन के अध्यक्ष शेखर साल्कर को एक पत्र लिखा गया था, जिसमें कहा गया था कि पान मसाला नागरिकों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इसमें यह भी कहा गया है कि चूँकि बिग बी पल्स पोलियो अभियान के लिए सरकारी ब्रांड एंबेसडर हैं, इसलिए उन्हें पान मसाला विज्ञापन को तुरंत छोड़ देना चाहिए। 

अमिताभ बच्चन के पान मसाला के विज्ञापन करने के फ़ैसले की उनके कई प्रशंसक ही पिछले क़रीब एक महीने से आलोचना कर रहे थे।

इन आलोचनाओं के बीच ही अमिताभ बच्चन ने एक ट्वीट कर कहा था, 'एक घड़ी खरीदकर हाथ में क्या बांध ली, वक़्त पीछे ही पड़ गया मेरे।' 

उनके उस ट्वीट पर काफ़ी लोगों ने प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने प्रतिक्रिया दी कि 'क्या ज़रूरत है कि आपको भी कमला पसंद पान मसाले का विज्ञापन करना पड़ा। फिर क्या फर्क है आप में और इन टटपूँजियों में?'

इसकी प्रतिक्रिया में अमिताभ बच्चन ने कहा था, 'मान्यवर, क्षमा प्रार्थी हूँ, किसी भी व्यवसाय में यदि किसी का भला हो रहा है, तो ये नहीं सोचना चाहिए कि हम उसके साथ क्यों जुड़ रहे हैं। हाँ, यदि व्यवसाय हो तो हमें भी अपने व्यवसाय के बारे में सोचना पड़ता है। अब आपको ये लग रहा है कि मुझे ये नहीं करना चाहिए था लेकिन हाँ, मुझे भी ये करने में धनराशि मिलती है। हमारे उद्योग में जो बहुत से लोग काम कर रहे हैं...'

इसके अगले ट्वीट में कहा, '...जो कर्मचारी हैं उन्हें भी रोज़गार मिलता है और धन भी। और मान्यवर, टटपूंजिया शब्द आपके मुंह से शोभा नहीं देता और न ही हमारे उद्योग के बाकी कलाकारों को शोभित करता है। आदर समेत नमस्कार करता हूँ।'

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