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राहुल गांधी की 'न्याय यात्रा' में शामिल हुए अखिलेश

राहुल गांधी की 'न्याय यात्रा' में शामिल हुए अखिलेश

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के साथ आने के बाद पहली बार राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में दोनों दलों की भागीदारी साथ दिखी। जानिए, यूपी में यात्रा के आखिर में क्यों शामिल हुए?

आख़िरकार अखिलेश यादव राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल हुए। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने उनका मंच से स्वागत किया। रैली में राहुल गांधी के साथ अखिलेश यादव दिखे। दोनों दलों ने पूरे प्रदेश में साथ मिलकर चुनाव लड़ने की घोषणा की और कहा कि वे बीजेपी को शिकस्त देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। 

मंच से प्रियंका गांधी ने कहा, "'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' में अखिलेश यादव जी का स्वागत है। आज बहुत ख़ुशी का दिन है। हम सब मिलकर देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।'

अखिलेश यादव राहुल की इस यात्रा में तब शामिल हुए हैं जब समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बची सीटों को लेकर तालमेल हो गया है। यानी सीट बँटवारा तय हो गया है। जब यह तय नहीं हुआ था तब अखिलेश यादव ने सीधा-सीधा कह दिया था कि जब तक सीट बँटवारा नहीं हो जाता तब तक वह राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल नहीं होंगे। 

तब राहुल के नेतृत्व वाली यात्रा अमेठी से होकर गुजर रही थी। इसके बाद यह रायबरेली में प्रवेश करनी थी। पहले अखिलेश यादव ने कहा था कि वह इस यात्रा में शामिल होंगे। इससे पहले इसी महीने अखिलेश ने शिकायत की थी कि उन्हें भारत जोड़ो न्याय यात्रा के लिए अभी तक आमंत्रित नहीं किया गया। अखिलेश की इस शिकायत के बाद कांग्रेस ने सफाई जारी की थी और कहा था कि उत्तर प्रदेश में यात्रा के विस्तृत मार्ग और कार्यक्रम को एक या दो दिन में अंतिम रूप दिए जाने के बाद इसे गठबंधन के घटक दलों के साथ साझा किया जाएगा। हालाँकि उसके कुछ दिन बाद ही अखिलेश ने कहा था कि उन्हें कांग्रेस ने यात्रा के लिए निमंत्रण दिया है और वह यात्रा में शामिल होंगे। 

अखिलेश ने अब राहुल गांधी के 'नफरत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान' के नारे का भी ज़िक्र किया है। उन्होंने कहा है, "नफ़रत करनेवालों को भी मोहब्बत सिखा देता है। ये ‘आगरा’ है जनाब, जो दिलों को मिला देता है।"

अखिलेश ने कहा, 'आज लोकतंत्र और संविधान को बचाने की चुनौती है। इसलिए बीजेपी हटाओ, देश को बचाओ और संकट मिटाओ।' उन्होंने कहा, 'यूपी सरकार की कोई ऐसी भर्ती नहीं जिसमें पेपर लीक न हो। ये सरकार जानबूझकर पेपर लीक करवाती है, क्योंकि इसकी नीयत में रोजगार देना नहीं है।' 

सपा प्रमुख ने कहा, "भारत जोड़ो न्याय यात्रा में चल रहे राहुल गांधी जी, श्रीमती प्रियंका गांधी जी और सभी कार्यकर्ताओं-जनता को आभार व धन्यवाद प्रकट करना चाहता हूं। मुझे खुशी है राहुल गांधी जी, जो मोहब्बत की दुकान लेकर चले हैं, वो अब आगरा में है। आगरा मोहब्बत का शहर है, इसलिए आप यहां से मोहब्बत समेटिए और पूरी यात्रा में बांटते चलिए।"

राहुल गांधी ने कहा, "भारत जोड़ो यात्रा के दौरान एक नारा निकला-  'नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान' खोलनी है। इंडिया गठबंधन का सबसे पहला काम 'नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान' खोलना है। नफरत को सिर्फ मोहब्बत से खत्म किया जा सकता है। ये नफरत का नहीं, मोहब्बत का देश है।'

राहुल गांधी ने कहा, 'देश में पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक वर्ग के करीब 88% लोग हैं। लेकिन देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के मैनेजमेंट में इस वर्ग के लोग नहीं मिलेंगे। ये लोग आपको मनरेगा, कांट्रैक्ट लेबर की लिस्ट में मिलेंगे। हमें यही बदलना है और यही सामाजिक न्याय का मतलब है।'

बता दें कि 21 फरवरी को ही कांग्रेस-सपा में सीट-बँटवारा हो पाया है। समझौते के अनुसार, कांग्रेस उत्तर प्रदेश में 17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और बाकी 80 में से 63 सीटें पर समाजवादी पार्टी। मध्य प्रदेश में कांग्रेस सपा को एक सीट देगी। इस घोषणा से पहले ही अखिलेश यादव ने संकेत दिया था कि सब कुछ ठीक है और गठबंधन बरकरार है। 

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