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ईपीएस और ओपीएस के गुटों में झड़प, एआईएडीएमके दफ्तर पर लगा ताला

ईपीएस और ओपीएस के गुटों में झड़प, एआईएडीएमके दफ्तर पर लगा ताला

ईपीएस गुट के द्वारा लिए गए फैसलों के बाद दोनों गुटों के नेता आपस में भिड़ गए हैं और इससे चेन्नई का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है।

ई.के. पलानीस्वामी (ईपीएस) और ओ. पन्नीरसेलवम (ओपीएस) के गुटों के बीच झड़प होने के बाद एआईएडीएमके ने राजस्व विभाग के दफ्तर पर ताला लगा दिया है। बता दें कि सोमवार को एआईएडीएमके की जनरल काउंसिल की बैठक से पहले ही ईपीएस और ओपीएस के गुटों के बीच जबरदस्त झड़प हुई और इस वजह से चेन्नई का राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो गया है।

ईपीएस और ओपीएस के गुटों के बीच हुई झड़प के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। 

एआईएडीएमके की जनरल काउंसिल की बैठक में ईपीएस को अंतरिम महासचिव चुने जाने के बाद ओपीएस के समर्थकों ने ईपीएस का पुतला फूंका और पार्टी मुख्यालय पर धावा बोल दिया। ईपीएस गुट ने आरोप लगाया है कि शिकायत किए जाने के बाद भी पुलिस ने सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई। 

ईपीएस गुट के नेताओं के द्वारा ओपीएस पर आरोप लगाया गया है कि वह डीएमके के नेताओं के संपर्क में थे और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। एआईएडीएमके की जनरल काउंसिल की बैठक में ओपीएस को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।  

ओपीएस ने दिया धरना

ओपीएस ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद चेन्नई में स्थित एआईएडीएमके के मुख्यालय के बाहर धरना दिया। उनके समर्थक पार्टी मुख्यालय में घुस गए और उन्होंने दरवाजों को तोड़ दिया। हालात को देखते हुए राजस्व विभाग के अफसर वहां पहुंचे और उन्होंने मुख्यालय को खाली कराने के बाद यहां पर ताला जड़ दिया।

 - Satya Hindi

निष्कासन गैर कानूनी: ओपीएस 

ओपीएस ने कहा कि उन्हें पार्टी से निकाला जाना गैर कानूनी है और किसी को यह हक नहीं है कि वह उन्हें पार्टी से बाहर कर दे क्योंकि उन्हें पार्टी के डेढ़ करोड़ कार्यकर्ताओं ने चुना है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे और ईपीएस गुट के द्वारा लिए गए फैसले को अदालत में चुनौती देंगे।

ओपीएस की जगह पर डीसी श्रीनिवासन को एआईएडीएमके का नया कोषाध्यक्ष चुना गया है।

जनरल काउंसिल की बैठक में पार्टी से कोआर्डिनेटर और ज्वाइंट कोऑर्डिनेटर के पदों को खत्म करने का फैसला लिया गया। ओपीएस पार्टी में कोआर्डिनेटर की भूमिका में थे जबकि ईपीएस ज्वाइंट कोऑर्डिनेटर की। 

ईपीएस गुट की ओर से कहा गया कि दोहरे नेतृत्व नेतृत्व वाले मॉडल की वजह से पार्टी के भीतर फैसले लेने में परेशानी हो रही थी।

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