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आडवाणी-जोशी को लेकर ट्विटर पर प्रतिक्रिया- 'कर्म का फल भुगतें'

आडवाणी-जोशी को लेकर ट्विटर पर प्रतिक्रिया- 'कर्म का फल भुगतें'

अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को आमंत्रित नहीं किए जाने पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया क्यों?

राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय ने लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को आमंत्रित नहीं किए जाने की बात कही और इसके साथ ही वे सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने लगे। किसी ने कहा कि 'कर्म का फल सबको भुगतना पड़ता है' तो किसी ने इसी बहाने पीएम मोदी पर तंज कसे।

ट्विटर पर लोगों की कैसी-कैसी प्रतिक्रियाएँ रहीं, यह जानने से पहले यह जान लें कि यह मामला क्या है। चंपत राय ने सोमवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के लिए आंदोलन में सबसे आगे रहे लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को आमंत्रित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके स्वास्थ्य और उम्र को ध्यान में रखते हुए यह फ़ैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि मुरली मनोहर जोशी बार-बार आने की ज़िद करते रहे, लेकिन उन्हें नहीं आने को कहा गया। चंपत राय के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी ट्रेंड करने लगे। 

 - Satya Hindi

शिवराज यादव नाम के एक यूज़र ने ट्वीट किया है, 'राममंदिर उद्घाटन में लालकृष्ण आडवाणी (93) और मुरली मनोहर जोशी  (91) को उम्र का हवाला देते हुए आमंत्रित नहीं किया गया है, लेकिन एचडी देवेगौड़ा (91) को आमंत्रित किया गया है। किसी ने सही कहा कि कर्मों फल यहीं मिलता है। अब कोई रामभक्त राममंदिर ट्रस्ट और बीजेपी से कोई सवाल नहीं करेगा।'

ध्रुव त्रिपाठी नाम के यूज़र ने ट्वीट किया है, 'चंपत राय जी आप 78 साल के हो गए हैं, ठंड ज्यादा है, अपनी तबियत का ध्यान रखें, लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जी को न आने की अपील आपने तो कर दी, वहां आपका भी कोई काम नहीं है, अपने घर बैठिए, राम मंदिर प्रचार करने के लिए नहीं बना है, लोगों ने कुर्बानी दी है मंदिर के लिए।'

विधान रावत नाम के यूज़र ने ट्वीट किया है, 'राम मंदिर उद्घाटन और राम लला की प्राण प्रतिष्ठा आंदोलन के नायक लालकृष्ण आडवाणी जी के हाथों ही होनी चाहिए और उन्हें निमंत्रण तक नहीं दिया गया। यह अन्याय है।'

बता दें कि आडवाणी और जोशी को नहीं बुलाए जाने के फ़ैसले के बारे में पत्रकारों से राम ट्रस्ट के प्रमुख चंपत राय ने कहा, "दोनों परिवार के बुजुर्ग हैं और उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें न आने का लालच दिया गया, जिसे दोनों ने स्वीकार कर लिया।' इससे पहले ट्रस्ट ने आम श्रद्धालुओं से भी 22 जनवरी को अयोध्या नहीं आने की अपील की थी, क्योंकि उस दिन वहां वीवीआईपी लोग होंगे। जनता को आने-जाने में परेशानी हो सकती है। जनता के लिए मंदिर 23 जनवरी से खुलेगा।

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