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नए आर्थिक पैकेज में सूक्ष्म-लघु-मझोले उद्यमों के लिए क्या होगा?

नए आर्थिक पैकेज में सूक्ष्म-लघु-मझोले उद्यमों के लिए क्या होगा?

बीस लाख करोड़ रुपये के पैकेज में सूक्ष्म-लघु-मझोले उद्यमों यानी एमएसएमई को क्या मिलेगा, यह सवाल उठना लाज़िमी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए आर्थिक पैकेज से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं, कई उम्मीदें जग रही हैं और कई तरह की आशंकाएँ भी सामने आ रही हैं। बीस लाख करोड़ रुपये के इस पैकेज में सूक्ष्म, लघु व मझोले उद्यमों यानी एमएसएमई को क्या मिलेगा, यह सवाल उठना लाज़िमी है।

यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि प्रधानमंत्री ने मंगलवार की रात पैकेज का एलान करते हुए ख़ुद कहा था कि एमएसएमई क्षेत्र के लिए  ख़ास इंतजाम होगा। जानते हैं संक्षेप में।

  • इसकी पूरी संभावना है कि इस पैकेज में सूक्ष्म-लघु-मझोले उद्यमों को 3 लाख करोड़ रुपये के क़र्ज़ की गारंटी देने का इंतजाम हो।
  • अप्रैल-जून तक के कर्मचारियों का वेतन कर्मचारी राज्य बीमा निगम के कोष से दिया जा सकता है।
  • इस बीमा निगम में 21,000 रुपए प्रति माह तक का वेतन पाने वालों को हर माह  पैसा देना होता है। इस कोष से तीन महीने का वेतन दिया जा सकता है।
  • सरकार 30,000 रुपए प्रति माह वेतन पाने वालों का पीएफ़ भुगतान अपनी ओर से कुछ समय के लिए कर सकती है। इस पर सरकार को 5,000 करोड़ रुपए खर्च करने होंगे। 
  •  एमएसएमई उद्यमों को यह छूट दी जा सकती है कि वे पहले से लिए गए क़र्ज़ का एक साल तक भुगतान न करें।
  • यह हो सकता है कि इस सेक्टर के उद्योगों को लिए गए क़र्ज़ के रीस्ट्रक्चर करने पर ब्याज का एक हिस्सा सरकार चुकाए।
  • एमएसएमई सेक्टर में वे उद्यम आते हैं जिनकी कुल लागत 10 करोड़ रुपये से अधिक न हो। इस सेक्टर में भारत में 50 करोड़ कर्मचारी काम करते हैं। देश की अर्थव्यवस्था में इस सेक्टर का योगदान एक चौथाई है। 

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