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ठीक से नहीं दिखता? आईड्रॉप ख़त्म कर देगी चश्मे की ज़रूरत!

ठीक से नहीं दिखता? आईड्रॉप ख़त्म कर देगी चश्मे की ज़रूरत!

क्या आपने उम्रदराज लोगों को अक्सर रिडिंग ग्लास यानी पढ़ने वाले चश्मे रखे देखे हैं? क्या ऐसा हो सकता है कि ऐसे ही 40 से ज़्यादा के उम्र के लोगों को अब ऐसे चश्मे रखने की ज़रूरत ही नहीं रहे?

यदि आपकी आँखें ठीक से देख नहीं पातीं, आपको नज़दीक देखने में दिक्क्त है तो आपके लिए अच्छी ख़बर है! अख़बार पढ़ना हो या फिर दूर साइन बोर्ड पर लिखा हुआ देखना हो, यदि हर जगह आपको चश्मे ले जाने से छुटकारा मिल जाए तो कितना बेहतर होगा! दरअसल, अमेरिका में एक ऐसे आईड्रॉप के इस्तेमाल की मंजूरी मिली है जो चश्मे की ज़रूरत को ख़त्म कर देगा।

अमेरिका के यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने हाल ही में उम्र से जुड़ी आँखों की रोशनी की दिक्कतों को ठीक करने वाली आईड्रॉप को मंजूरी दी है। यह आईड्रॉप उम्र से जुड़ी निकट दृष्टि में सुधार के लिए है। Vuity नाम के इस आईड्रॉप से पूरे दिन ठीक दिखाई देने के लिए आँखों में डाला जा सकता है। रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि हर रोज़ दोनों आँखों में एक-एक बूंद डालें और पूरे दिन आपको हर जगह चश्मे ले जाने की ज़रूरत नहीं होगी।

यह आईड्रॉप 40 से 55 वर्ष की आयु के लोगों में सबसे प्रभावी है। जिन लोगों को मोबाइल फोन या कम्प्यूटर स्क्रीन पढ़ने जैसे हर रोज़ का काम करते समय साफ़-साफ़ देखने में कठिनाई होती है उनके लिए यह कारगर है।

प्रत्येक आँख में प्रतिदिन एक बूंद डालने की सलाह दी जाती है। आँखों में दवा डालने के 15 मिनट बाद यह काम करना शुरू कर देती है और इसका प्रभाव लगभग छह घंटे तक रहता है। प्रत्येक नुस्खा मोटे तौर पर 30 दिनों तक के लिए है और 30 दिनों के उपयोग के बाद आईड्रॉप की प्रभावशीलता बढ़ जाती है।

किसके लिए यह आईड्रॉप कारगर

रिपोर्टों में कहा गया है कि उम्र के साथ हमारी आंखों के भीतर लचीलापन कम हो जाता है और लेंस के सामने चुनौतियाँ बढ़ जाती हैं। यह तब होता है जब प्रेसबायोपिया हो जाता है। प्रेसबायोपिया आँख की एक ऐसी स्थिति है जो आमतौर पर 40 साल की उम्र के बाद शुरू होती है। इसमें पढ़ने के लिए करीब की चीजों पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है और ऐसे में पढ़ने के लिए चश्मे की ज़रूरत होती है। यह काफी सामान्य है और दुनिया भर में लगभग 1.8 बिलियन लोग प्रेसबायोपिया से पीड़ित हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार इस आईड्रॉप को वे लोग इस्तेमाल कर सकते हैं जो हल्के से मध्य स्तर के प्रेसबायोपिया से पीड़ित हैं। 65 वर्ष की आयु के बाद यह आईड्रॉप कम प्रभावी होती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि रात में गाड़ी चलाते समय या कम रोशनी की स्थिति में कोई काम करते समय इस आईड्रॉप का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। 30 दिन तक डालने के लिए इस ड्रॉप की कीमत लगभग 79 डॉलर है। 

क्लिनिकल ट्रायल का परिणाम

दो क्लिनिकल ट्रायल किए गए हैं जिनमें 40 से 55 वर्ष की आयु के प्रेसबायोपिया वाले 750 लोग शामिल थे। आधे प्रतिभागियों को नई आईड्रॉप मिली, जबकि अन्य को प्लेसीबो आईड्रॉप मिली। प्रतिभागियों ने दिन में एक बार VUITY की एक आईड्रॉप या प्रत्येक आंख में एक प्लेसबो डाला। दवा ने लगभग 15 मिनट में सकारात्मक प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया और इसका असर लगभग 6-10 घंटे तक रहा।

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