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अतीक अहमद को प्रयागराज ले जा रही यूपी पुलिस; 'मुझे मारना चाहते हैं'

अतीक अहमद को प्रयागराज ले जा रही यूपी पुलिस; 'मुझे मारना चाहते हैं'

उत्तर प्रदेश कोर्ट के आदेश के मुताबिक़ अपहरण के एक मामले में फ़ैसला 28 मार्च को सुनाया जाएगा। अतीक अहमद सहित सभी आरोपियों को उसी दिन अदालत में पेश किया जाना है। तो सुरक्षा पर सवाल क्यों?

गैंगस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद को रविवार को यूपी पुलिस अहमदाबाद के एक जेल से प्रयागराज के लिए रवाना हो चुकी है। सुरक्षा के मद्देनज़र एसटीएफ़ के क़रीब 40 जवान साथ निकले हैं। अतीक अहमद ने अपनी सुरक्षा को लेकर आगाह किया है। रविवार को भी जब अतीक अहमद को जेल से निकाल कर वाहन में बिठाया जा रहा था उसने मीडिया कर्मियों से कहा कि 'मुझे उनका प्रोग्राम मालूम है, हत्या करना चाहते हैं'। जेल से शिफ़्ट किए जाने के मामले को लेकर ट्विटर पर भी यह मामला ट्रेंड करने लगा और लोगों ने एक अन्य गैंगस्टर रहे विकास दुबे और उसके साथ घटे घटनाक्रम को याद किया। मध्य प्रदेश से विकास दुबे को यूपी पुलिस लेकर लौट रही थी, रास्ते में गाड़ी पलट गई थी और दुबे का एनकाउंटर हो गया था।

बहरहाल, उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी गैंगस्टर अतीक अहमद को गुजरात की साबरमती जेल से लेकर यूपी पुलिस रवाना हुई है जिसे प्रयागराज में एक अपहरण के मामले में अदालत में पेश किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की एक अदालत के आदेश के अनुसार, 2018 के अपहरण के उस मामले में फैसला 28 मार्च को सुनाया जाएगा। अतीक अहमद सहित मामले के सभी आरोपियों को उस दिन अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया है।

यूपी पुलिस अतीक अहमद को लेकर अहमदाबाद से रविवार शाम क़रीब पौने छह बजे रवाना हुई है और प्रयागराज पहुँचने में क़रीब 36 घंटे का समय लग सकता है। पुलिस ने गैंगस्टर को ले जाने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है।

जून 2019 से साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद ने इस महीने की शुरुआत में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। दावा किया गया था कि उसे और उसके परिवार को प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी के रूप में झूठा फँसाया गया है और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा फर्जी मुठभेड़ में मारा जा सकता है।

अतीक अहमद ने अपनी याचिका में कहा था कि उत्तर प्रदेश पुलिस अहमदाबाद से प्रयागराज ले जाने के लिए उनकी ट्रांजिट रिमांड और पुलिस रिमांड की मांग कर रही थी और उन्हें 'वास्तव में आशंका है कि इस ट्रांजिट अवधि के दौरान उनका सफाया हो सकता है'।

प्रयागराज की एक अदालत ने निर्देश दिया है कि फ़ैसले की तारीख पर सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया जाना है।

इसके बाद यूपी पुलिस अतीक अहमद को प्रयागराज ले जाने के लिए अहमदाबाद पहुंची थी।

अतीक अहमद हाल ही में उमेश पाल हत्याकांड सहित 100 से अधिक आपराधिक मामलों में नामजद है। बहुजन समाज पार्टी के विधायक राजू पाल की 2005 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की इसी साल 24 फरवरी को प्रयागराज स्थित उनके आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

अतीक अहमद की जान को लेकर जो आशंका जताई जा रही है उस पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी तंज कसा है। उन्होंने अतीक अहमद को प्रयागराज जेल में स्थानांतरित किए जाने पर यूपी के मंत्री जेपीएस राठौड़ के बयान पर प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था कि '...कार पलट भी सकती है'। उन्होंने आरोप लगाया, 'सीएम ने उन्हें (यूपी के मंत्री जेपीएस राठौड़) पहले ही बता दिया होगा कि कार कहां और कैसे पलटी जाएगी। अगर आप गूगल और अमेरिका की मदद लेंगे तो वे बता देंगे कि (विकास दुबे) कार कैसे और कब पलटी थी।'

इस पर जेपीएस राठौर ने जवाब दिया, 'जहाँ तक कार पलटने की बात है, तो मैंने सिर्फ इतना कहा था कि अपराधी को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद शांति से कार में बैठना चाहिए, ताकि वह सुरक्षित जेल पहुंच जाए। अगर वह कार से दूर भागने की सोचता है, तो असंतुलन हो सकता है और कार पलट सकती है।'

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