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बेमिसाल सोनू सूदः 50 लीवर प्लांट का ऐसे खोजा रास्ता

बेमिसाल सोनू सूदः 50 लीवर प्लांट का ऐसे खोजा रास्ता

फिल्म अभिनेता सोनू सूद की चैरिटी के किस्से किसी के लिए भी प्रेरणादायक हो सकते हैं। अभी उन्होंने 50 लीवर प्लांट के लिए कैसे हल तलाशा वो बेमिसाल है। सचमुच सोनू सूद बेमिसाल है।  

कोरोना वायरस महामारी के दौरान देशभर में गरीब लोगों को राहत पहुंचाने की उनकी कोशिशों की पूरी दुनिया में तारीफ हुई। अभिनेता सोनू सूद को उस दौरान देवता तक कहा गया। लोग फोन करते थे और सोनू सूद के कार्यकर्ता मदद के लिए पहुंच जाते थे। द मैन पत्रिका के साथ एक इंटरव्यू में, सोनू ने बताया कि कैसे वो अपने मानवीय प्रयासों के जरिए लोगों तक मदद पहुंचाते हैं। सोनू ने कहा कि मैं आपको एक छोटा सा उदाहरण दूंगा: एस्टर अस्पताल के विल्सन नामक एक सज्जन दुबई की हाल की यात्रा में मेरे साथ जुड़े और उन्होंने कहा कि अस्पताल लोगों को उनके इलाज में मदद करने में मेरे साथ सहयोग करना चाहता है। तो, मैंने कहा कि मैं अस्पतालों को बढ़ावा दूंगा, लेकिन मुझे 50 लीवर ट्रांसप्लांट इसके बदले चाहिए। इन पर करीब 12 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। सोनू सूद अब 12 करोड़ के विज्ञापन करके इसकी भरपाई करेंगे। इसके बदले अस्पतालों को कुछ भी नहीं देना पड़ेगा।

हालांकि सोनू सूद से ज्यादा कमाने वाले एक्ट्रेस-एक्ट्रेसेज बॉलीवुड में मौजूद हैं, लेकिन वो दान से कोसों दूर हैं। शाहरुख, आमिर और सलमान की चैरिटी के किस्से सामने आते हैं लेकिन जिस तरह का प्रयास सोनू सूद करते हैं, वैसा प्रयास नामी स्टार तक नहीं करते। सोनू सूद ने यह सलाह उस अस्पताल को उस वक्त दी, जब उन 50 मरीजों को लीवर प्रत्यारोपण की सख्त जरूरत थी। सूद ने कहा, ऐसे दो-दो ट्रांसप्लांट ऐसे लोगों के हो रहे हैं जो कभी भी इन सर्जरी का खर्च उठाने में सक्षम नहीं होंगे। सारी चीजों को जोड़कर मदद पहुंचाने का यही जादू है। लोग आपके पास आते हैं और कहते हैं कि हम कैसे मदद कर सकते हैं, और हम एक रास्ता खोज लेते हैं।

बहरहाल, ऐसा नहीं है कि सोनू सूद हर वक्त परोपकार के कामों में व्यस्त रहते हैं। यशराज फिल्म्स की पीरियड ड्रामा फिल्म पृथ्वीराज और तमिल फिल्म थमेझरासन की रिलीज का इंतजार हो रहा है। मूलतः पंजाब में मोगा के रहने वाले सोनू सूद ने बॉलीवुड में पैर जमाने के लिए लंबा संघर्ष किया है। पंजाब के पिछले विधानसभा चुनाव में उनकी बहन ने कांग्रेस टिकट पर मोगा से चुनाव लड़ा था, जिसमें वो हार गई थीं। 

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