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गाड़ी के पीछे दौड़ते रहते हैं कुत्ते: अजय मिश्रा टेनी 

गाड़ी के पीछे दौड़ते रहते हैं कुत्ते: अजय मिश्रा टेनी 

लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद से ही अजय मिश्रा टेनी को कैबिनेट से हटाने की मांग को लेकर किसानों  ने मोर्चा खोला हुआ है। शायद इसीलिए टेनी राकेश टिकैत पर भड़क गए हैं। 

लखीमपुर खीरी से बीजेपी के सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। टेनी ने किसान नेता राकेश टिकैत को दो कौड़ी का आदमी बताया है। बता दें कि अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने लखीमपुर खीरी में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी थी। आशीष मिश्रा जेल में हैं। 

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में कुल 8 लोगों की मौत हुई थी जिसमें 4 किसान भी शामिल थे। किसानों के साथ ही बीजेपी के तीन कार्यकर्ताओं शुभम मिश्रा, श्याम सुंदर निषाद और हरि ओम मिश्रा की भीड़ ने जान ले ली थी। एक पत्रकार की भी मौत इस घटना में हुई थी। 

अजय मिश्रा टेनी का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह अपने कार्यालय में मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे हैं। 

संबोधन के दौरान टेनी ने कहा कि जितने राकेश टिकैत वगैरह आएं, कोई फर्क नहीं पड़ता, मैं राकेश टिकैत को अच्छे से जानता हूं, वह दो कौड़ी का आदमी है, उसने दो बार चुनाव लड़ा और दोनों बार उसकी जमानत जब्त हो गई थी। 

टेनी ने कहा कि ऐसे लोगों के विरोध का कोई मतलब नहीं है और इसलिए वह ऐसे लोगों को कोई जवाब भी नहीं देते। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा कि समय आने पर ऐसे लोगों को जवाब दिया जाएगा। टेनी ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कभी भी कोई गलत काम नहीं किया है और ना ही कभी कोई भ्रष्टाचार किया है।

टेनी ने कहा कि सड़क पर जब हम अपनी गाड़ी से जा रहे होते हैं तो कई बार कुत्ते भौंकते हैं और गाड़ी के पीछे दौड़ने लगते हैं। उन्होंने कहा कि वह कुत्तों का स्वभाव होता है और वह अपने स्वभाव के हिसाब से ही काम करते हैं। उन्होंने कहा कि वह हर एक व्यक्ति को पूरा-पूरा जवाब देते हैं। 

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने पत्रकारों पर हमला करते हुए कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जो उल्टी-सीधी बातें पूछते रहते हैं, उनका पत्रकारिता से कोई संबंध नहीं है। 

 - Satya Hindi

कैबिनेट से हटाने की मांग 

लखीमपुर खीरी विवाद के बाद एक बार अजय मिश्रा टेनी एक पत्रकार पर भड़क गए थे और उन्होंने उससे बदसलूकी की थी। बता दें कि कुछ दिन पहले ही संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में अजय मिश्रा टेनी को केंद्रीय कैबिनेट से हटाने की मांग को लेकर किसान 75 घंटे तक लखीमपुर खीरी में धरना दे चुके हैं। किसानों ने मोदी सरकार से मांग की थी कि टेनी को जल्द से जल्द कैबिनेट से हटाया जाए।

लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद भी किसानों और विपक्षी दलों ने मोदी सरकार से मांग की थी कि टेनी को केंद्रीय कैबिनेट से हटाया जाए लेकिन मोदी सरकार ने उन्हें कैबिनेट में बनाए रखा था। हालांकि बीजेपी इस बात को जानती थी कि अगर टेनी चुनावी सभाओं में दिखाई दिए तो इससे पार्टी को बड़ा नुकसान हो सकता है इसलिए उत्तर प्रदेश के चुनाव में पूरे प्रचार के दौरान टेनी किसी भी चुनावी मंच पर नहीं आए। 

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा था कि केंद्र सरकार को टेनी को बर्खास्त करना चाहिए क्योंकि कोई भी मुजरिम देश का गृह राज्य मंत्री नहीं हो सकता। याद दिलाना होगा कि कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में जोरदार आंदोलन चला था और मोदी सरकार को बैकफुट पर आते हुए कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा था। 

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने टेनी को बर्खास्त करने की मांग को लंबे वक्त तक उत्तर प्रदेश में मुद्दा बनाए रखा था। लखीमपुर खीरी कांड में एसआईटी की रिपोर्ट के आने के बाद बीजेपी बुरी तरह घिर गई थी। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि किसानों की हत्या के पीछे सोची-समझी साजिश थी। 

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