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मोदी के जन्मदिन पर क्यों ट्रेंड कर रहा 'बेरोज़गार दिवस', 'जुमला दिवस'?

मोदी के जन्मदिन पर क्यों ट्रेंड कर रहा 'बेरोज़गार दिवस', 'जुमला दिवस'?

बीजेपी जहाँ प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर छवि चमकाने में जुटी है वहीं, युवा रोज़ग़ार मांग रहे हैं और बेरोज़ग़ारी दिवस मना रहे हैं। युवा हल्ला बोल आंदोलन 'जुमला दिवस' मना रहा है। आख़िर वे ऐसा क्यों कर रहे हैं?

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर बीजेपी की आईटी सेल को कड़ी चुनौती मिली और मोदी की छवि चमकाने में जुटे लोगों को भी। 'राष्ट्रीय बेरोज़गार दिवस', 'मोदी रोज़गार दो' और 'जुमला दिवस' जैसे हैशटैग ट्रेंड करते रहे। इन हैशटैग का इस्तेमाल करने वालों में अधिकतर युवा शामिल थे। कांग्रेस सहित दूसरे विपक्षी दलों ने भी ट्वीट किया। युवाओं ने रोज़गार मांगे। रिकॉर्ड बेरोज़ग़ारी की बात की। प्रधानमंत्री मोदी के ही रोज़ग़ार देने के वादे को याद दिलाया। उनके बयान वाले वीडियो पोस्ट की। मोदी के पकोड़े तलने वाले बयान पर तंज कसे। डीजल-पेट्रोल-रसोई गैस की बढ़ती क़ीमतों का ज़िक्र किया। इसके उलट बीजेपी समर्थकों ने 'हैप्पी बर्थडे मोदीजी' ट्रेंड कराकर प्रधानमंत्री के कार्यों का गुणगान किया और उनकी छवि चमकाने की कोशिश की। 

वैसे, युवाओं के सोशल मीडिया पर अभियान से पहले ही बीजेपी ने बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर 'छवि चमकाने' का अभियान शुरू कर दिया था। 

बीजेपी ने अख़बारों में लेख लिखकर प्रधानमंत्री को 'महान सुधारक' और 'स्वप्न दृष्टा' बताया। अख़बारों में कई-कई पेज के विज्ञापन दिए गए। बीजेपी ने सोशल मीडिया पर भी अभियान छेड़ा। बीजेपी ने वीडियो साझा किया है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को 'एक स्वप्न दृष्टा', 'एक सुधारक' बताया गया है। इसमें देश के इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर स्वास्थ्य, टीकाकरण, खेल, महिला विकास, संस्कृति और आर्थिक विकास के दावे किए गए हैं। इसमें भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने के प्रयास की बात कही गई है। ऐसा तब है जब इन मुद्दों पर मोदी सरकार की जबरदस्त आलोचना होती रही है। ख़ासकर देश की ख़राब आर्थिक हालात के लिए तो सरकार की चौतरफ़ा आलोचना होती रही है। 

बीजेपी के इस छवि चमकाने वाले अभियान के विरोध में युवाओं ने ट्विटर पर देश की ख़राब होती स्थिति की तसवीर पेश करने की कोशिश की। 'जुमला दिवस' मनाने की घोषणा करने वाले 'युवा हल्ला बोल' ने वह वीडियो साझा किया है जिसमें प्रधानमंत्री बनने से पहले मोदी ने रोज़ग़ार देने के कई भाषण दिए थे। वह उस वीडियो में हर गली-मोहल्ले में रोज़ग़ार देने के वादे करते सुने जा सकते हैं। 

पुनीत कुमार सिंह नाम के एक यूज़र ने पढ़े-लिखे युवाओं के पकोड़ने तलने की एक तसवीर साझा करते हुए लिखा है कि भारत 45 साल में सबसे ज़्यादा बेरोज़ग़ारी झेल रहा है...!

गोविंद मिश्रा नाम के एक यूज़र ने कई तसवीरें साझा करते हुए लिखा है कि उन्होंने 'जुमला दिवस' पर जुमलों का केक काटकर प्रधानमंत्री जी का जन्मदिन मनाया। 

जर्नलिस्ट किशन गुप्ता नाम के यूज़र ने तसवीरें ट्वीट कर लिखा कि युवा हल्ला बोल यूपी टीम द्वारा 'जुमला दिवस' मनाया गया।

कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने 'नेशनल अनएंप्लोयमेंट डे' लिखे बड़े बैनर वाले एक वीडियो को शेयर करते हुए ट्वीट किया है, 'मोदी जी आपको बधाई। तमिलनाडु यूथ कांग्रेस की तरफ़ से।'

आशुतोष मिश्रा ने बेरोज़ग़ारी के कारण आत्महत्याओं के बढ़ने की एनसीआरबी की एक रिपोर्ट को ट्वीट करते हुए लिखा है कि आख़िर क्यों युवा ऐसे क़दम उठाने को मजबूर हुए हैं। 

प्रदीप पटेल नाम के एक यूज़र ने लिखा है, '3 साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन #SSCGD2018 के सभी मेडिकल फिट उम्मीदवारों को नियुक्ति नहीं दी गई है। प्रधानमंत्री जी, मैं आपसे इन उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आदेश जारी करने का अनुरोध करता हूँ।'

बिपिन भारती नाम के एक यूज़र ने डीजल-पेट्रोल, एलपीजी और जीडीपी को लेकर तंज कसे हैं।

बता दें कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर कांग्रेस की यूथ विंग 'राष्ट्रीय बेरोजगारी दिवस' के रूप में मना रही है। कांग्रेस की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि ऐसा देश में बढ़ती बेरोज़ग़ारी को देखते हुए किया जा रहा है। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी. ने कहा था, 'मोदी सरकार 2 करोड़ रोजगार प्रति वर्ष देने के बड़े-बड़े वादे कर सत्ता में आई थी, पर आज केंद्र सरकार रोजगार के मुद्दे पर पूरी तरह मौन है।' 

युवाओं के लिए रोज़गार की मांग उठाने वाले एक राष्ट्रीय युवा आंदोलन 'युवा हल्ला बोल' ने पहले ही 17 सितंबर को 'जुमला दिवस' मनाने की घोषणा की थी। इसके तहत इसने सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में रैली भी निकाल रहे हैं।

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