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ट्रंप समर्थक कैपिटल बिल्डिंग में घुसे, हिंसा में 4 मरे, 52 गिरफ़्तार

ट्रंप समर्थक कैपिटल बिल्डिंग में घुसे, हिंसा में 4 मरे, 52 गिरफ़्तार

अमेरिका में डोनल्ड ट्रंप के हार न मानने से जिस हिंसा का डर था वही हुआ। कैपिटॉल हिल में 4 लोग मारे गये। 52 लोगों को गिरफ़्तार किया गया। हिंसा के बाद सांसदों की बैठक करने वाली जगह कैपिटल बिल्डिंग को बंद करना पड़ा था।

अमेरिका में डोनल्ड ट्रंप के हार न मानने से जिस हिंसा का डर था वही हुआ। कैपिटॉल हिल में हिंसा हुई और इसमें कम से कम 4 लोग मारे गए हैं। घायलों की संख्या के बारे में पुष्ट जानकारी नहीं है। 'रायटर' ने ख़बर दी है कि हिंसा में शामिल होने के आरोप में 52 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। हिंसा के बाद कैपिटल बिल्डिंग को बंद करना पड़ा था। अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन के शहर कैपिटल हिल में सांसदों की बैठक करने वाली जगह का नाम यूएस कैपिटल या कैपिटल बिल्डिंग है। यहीं हिंसा हुई है। 

जो बाइडन की जीत को प्रमाण पत्र मिलने से पहले ट्रंप ने कहा था कि 'हम कभी हार नहीं मानेंगे।' इसके बाद ही ट्रंप समर्थकों ने कैपिटल बिल्डिंग में घुसने की कोशिश की और हिंसात्मक प्रदर्शन किया। उनकी पुलिस से झड़प हुई। अब पुलिस ने कहा है कि वह इस घटना की जाँच करेगी। दुनिया भर के नेताओं ने ट्रम्प के समर्थकों द्वारा अमेरिकी कैपिटल बिल्डिंग में ऐसी हिंसात्मक कार्रवाई की निंदा की है।

दरअसल, यह घटना तब हुई जब यूएस हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट ने इलेक्टोरल कॉलेज के परिणामों के प्रमाणन पर विचार करने के लिए एक संयुक्त सत्र बुलाया था। इसमें पता चल रहा था कि डेमोक्रेट जो बिडेन ने डोनल्ड ट्रम्प को हरा दिया है। लेकिन शुरुआती चुनाव नतीजों के बाद से ही हार नहीं मानने पर अड़े ट्रंप ने बुधवार दोपहर वाशिंगटन में अपने समर्थकों की एक रैली में कह दिया कि 'हम कभी हार नहीं मानेंगे।' 

इसके कुछ घंटों बाद ही उनके समर्थक लोहे के बैरिकेड को तोड़ते हुए कैपिटल बिल्डिंग की सीढ़ियों पर चढ़ने लगे। दंगों को नियंत्रित करने वाली पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई। भीड़ 'देशद्रोहियों' की आवाज़ लगाते आगे बढ़ रही थी। थोड़ी ही देर में भीड़ कैपिटल बिल्डिंग में घुस गई। इसी दौरान फ़ायरिंग की आवाज़ सुनी गई। 

हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर जो तसवीरें वायरल हुईं उनमें वह तसवीर दिखी जो अमेरिकी लोकतंत्र के इतिहास में शायद पहले कभी नहीं दिखी थी। अमेरिकी संसद में प्रदर्शनकारी घुस गए थे और हिंसा हुई। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ट्रंप के पोस्टर थे।

जो बाइडन ने कैपिटल बिल्डिंग पर हुए हंगामे को राजद्रोह करार दिया है। उन्होंने कहा कि 'मैं साफ कर दूँ कि कैपिटल बिल्डिंग पर जो हंगामा हमने देखा हम वैसे नहीं हैं। ये क़ानून न मानने वालों की छोटी संख्या है।'

भावी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने कैपिटल में हिंसा को ख़त्म करने के भावी राष्ट्रपति जो बिडेन का समर्थन किया। उन्होंने ट्वीट किया, "मैं भावी राष्ट्रपति जो बाइडन का समर्थन करती हूँ कि कैपिटल और हमारे देश के लोक सेवकों पर हमले को ख़त्म होना चाहिए। और जैसा कि उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र के काम को आगे बढ़ने दें'।"

रिपब्लिकन सीनेटर मिट रोमनी ही कैपिटल में एक हिंसक 'विद्रोह' के लिए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प को दोषी ठहरा रहे हैं।

ट्रम्प के लगातार आलोचक रहे रोमनी ने बुधवार को कहा कि कैपिटल की हिंसक घटना एक स्वार्थी व्यक्ति के ठेस लगे गर्व और उनके समर्थकों के आक्रोश का नतीजा है। उन्होंने यह भी कहा कि समर्थकों को ट्रंप ने पिछले दो महीनों से जानबूझकर गलत जानकारी दी थी।

दुनिया भर के नेताओं ने बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के समर्थकों द्वारा अमेरिकी कैपिटल में ऐसी हिंसात्मक कार्रवाई की निंदा की। 

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है, 'अमेरिकी कांग्रेस में शर्मनाक नज़ारा। संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया भर में लोकतंत्र के लिए जाना जाता है और अब यह महत्वपूर्ण है कि सत्ता का शांतिपूर्ण और व्यवस्थित हस्तांतरण होना चाहिए।'

हालाँकि हिंसा के बाद राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने समर्थकों से शांति की अपील की है। अपने समर्थकों से शांति पूर्ण प्रदर्शन करने की अपील करते हुए ट्रंप ने कहा कि प्रदर्शन में हिंसा नहीं होनी चाहिए। इस बीच हिंसा के बाद ट्विटर ने डोनल्ड ट्रंप का एकाउंट लॉक कर दिया है।  

इस हिंसा के छह घंटे बाद फिर से कैपिटल बिल्डिंग में कामकाज को सुचारू किया किया। सीनेट में जो बाइडन की जीत पर रिपब्लिकन की चुनौती पर बहस शुरू हो गई। 

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