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जेएनयू में हिंसा के विरोध में दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर पर छात्रों का प्रदर्शन

जेएनयू में हिंसा के विरोध में दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर पर छात्रों का प्रदर्शन

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी जेएनयू में हिंसा के विरोध में छात्रों ने दिल्ली पुलिस के हेडक्वार्टर पर प्रदर्शन किया। छात्र हेडक्वार्टर के बाहर जमे हैं।

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी जेएनयू में हिंसा के विरोध में छात्रों ने दिल्ली पुलिस के हेडक्वार्टर पर प्रदर्शन किया। छात्र हेडक्वार्टर के बाहर जमे हैं। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र हाथों में तिरंगा झंडा लिए हुए हैं। देर शाम को जेएनयू परिसर में दर्जनों नकाबपोश लोगों द्वारा किए गए हमले में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र भी घायल हुए हैं। घालय 18 छात्रों को एम्स में भर्ती कराया गया है। ख़बरों के मुताबिक़ शिक्षकों को भी चोटें आई हैं। परिसर में ख़ूब तोड़फोड़ की गई है। 

आरोप लगाया गया है कि जेएनयू में फीस बढ़ोतरी के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों को निशाना बनाया गया है। क़रीब दो माह से ज़्यादा समय से प्रदर्शन करते रहे हैं। रिपोर्टें हैं कि इसको लेकर कई बार झड़प भी हुई है। 

छात्रों में इस बात को लेकर ग़ुस्सा है कि देश की राजधानी में जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के परिसर में ऐसे लोग कैसे घुसे और लोगों पर हमले किए। घटना के बाद छात्रसंघ ने पुलिस पर आरोप लगाया। ट्विटर पर छात्रसंघ के आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया गया, 'पुलिस जेएनयू में एबीवीपी को छात्रों पर हमला करने में सहायता कर रही है। हमें सहायता चाहिए।...जेएनयू के उत्तरी गेट पर पुलिस छात्रों से कह रही है कि वे भारत माता की जय के नारे लगाएँ।...'

इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि उन्होंने लेफ़्टीनेंट गर्वनर से आग्रह किया है कि वह पुलिस को व्यवस्था बनाए रखने के लिए आदेश दें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने सुनिश्चित किया है कि वह स्थिति पर पूरी नज़र रखे हुए हैं और सभी ज़रूरी क़दम उठाए जा रहे हैं।

एक अन्य ट्वीट में छात्रसंघ के ट्विटर हैंडल से लिखा गया है, 'जो प्रोफ़ेसर हमें बचाने की कोशिश कर रहे थे उन्हें भी पीटा गया है। ये सभी अज्ञात एबीवीपी के गुंडे हैं, सभी छात्र नहीं हैं, वे अपना चेहरा छुपाए हुए थे, वे पश्चिमी गेट के पास होस्टल की ओर बढ़ रहे हैं। सावधान रहें। मानव चेन बनाएँ और एक-दूसरे को बचाएँ।'

जबकि एबीवीपी ने कहा है कि इसके सदस्यों पर वामपंथी छात्रों ने हमला किया।

बता दें कि विश्वविद्यालय में फीस में बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ छात्र क़रीब 70 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें छात्रों और प्रशासन के बीच विवाद रहा है। छात्रों के प्रदर्शन के कारण जेएनयू के कई संकाय बंद भी रहे हैं। इस बीच आज ही एबीवीपी और प्रशासन रजिस्ट्रेशन शुरू करने के लिए बंद गेट को खोलना चाहते थे। इस कारण फीस बढ़ोतरी का विरोध कर रहे वामपंथी विचार वाले छात्रों के साथ उनकी झड़प भी हुई थी।

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