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शहबाज शरीफ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री चुने गए

शहबाज शरीफ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री चुने गए

पाकिस्तान नेशनल असेम्बली में नए प्रधानमंत्री के चयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जानिए, कैसे नये प्रधानमंत्री चुने गए शहबाज शरीफ।

शहबाज शरीफ पाकिस्तान के नये प्रधानमंत्री चुन लिए गये। वह पाकिस्तान के 23वें पीएम बने हैं। वह तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई हैं। 155 सदस्यों वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के बहिष्कार के बाद 342 सीटों वाली नेशनल असेंबली में शहबाज को 174 वोट मिले। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी पीटीआई के नेता शाह महमूद कुरैशी भी रविवार को अपने नामांकन पत्रों को मंजूरी मिलने के साथ प्रधानमंत्री पद के लिए मैदान में थे। लेकिन सत्र शुरू होने से पहले पाकिस्तान तहरीक-इंसाफ यानी पीटीआई ने चुनाव का बहिष्कार करने और निचले सदन से सामूहिक रूप से इस्तीफा देने का फैसला किया।

पाकिस्तान नेशनल असेम्बली में नए प्रधानमंत्री का चुनाव करने के लिए सत्र बुलाया गया था। पीटीआई के पीएम उम्मीदवार शाह महमूद कुरैशी ने पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए मतदान के बहिष्कार की घोषणा की। पीटीआई सांसदों ने संसद से इस्तीफा दे दिया और वाकआउट कर दिया। इससे पहले समाजवादी, उदारवादी और कट्टरपंथी धार्मिक दलों के संयुक्त विपक्ष ने 70 वर्षीय शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद के लिए नामित किया। 

कौन हैं शहबाज शरीफ

1950 में लाहौर में जन्मे शहबाज पाकिस्तान मुसलिम लीग-नवाज यानी पीएमएल-एन के प्रमुख हैं और तीन बार प्रधानमंत्री चुने गए नवाज शरीफ के छोटे भाई हैं। वह तीन बार पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ द्वारा शरीफ भाइयों को सऊदी अरब में निर्वासित करने से पहले उन्होंने 1997-1999, और फिर 2008-2013 और 2013-2018 के बीच पद संभाला था। हाल ही में वह पीटीआई के कार्यकाल के दौरान नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता थे।

शहबाज मियां मोहम्मद शरीफ के दूसरे बेटे हैं। वह एक प्रभावशाली व्यवसायी हैं और संयुक्त रूप से इत्तेफाक ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक हैं। 1985 में उन्हें लाहौर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का अध्यक्ष भी चुना गया था। 1997 के चुनाव में अपनी जीत के बाद शहबाज को पहली बार देश के सबसे बड़े प्रांत में काम करने का मौक़ा मिला और 1999 में मुशर्रफ के सैन्य तख्तापलट तक वह इसके मुख्यमंत्री बने रहे।

बता दें कि नेशनल असेंबली के सत्र से पहले बुलाई गई पीटीआई के संसदीय दल की बैठक के बाद एक वीडियो संदेश में पूर्व सूचना मंत्री ने कहा था कि पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान ने फ़ैसला किया है कि प्रधानमंत्री के चुनाव में शिरकत कर पीटीआई पाकिस्तान में इस 'विदेशी वित्त पोषित शासन परिवर्तन' को वैध नहीं बना सकती।

चोरों के साथ सदन में नहीं बैठूंगा: इमरान

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के चुनाव से पहले नेशनल असेंबली के सदस्य के रूप में अपना इस्तीफा देने का फ़ैसला किया। इससे पहले इमरान खान ने कहा था कि वह 'चोरों' के साथ सदन में नहीं बैठेंगे।

बता दें कि पीटीआई की संसदीय बैठक ने इमरान को सांसदों की ओर से निर्णय लेने का पूरा अधिकार दिया था। फवाद ने कहा कि इमरान के निर्देश पर पीटीआई का कोई भी सांसद प्रधानमंत्री के चुनाव में मतदान नहीं करेगा और उसके बाद पीटीआई के सांसद अपना इस्तीफा नेशनल असेंबली के अध्यक्ष को भी भेजेंगे।

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