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पता नहीं वीडियो कैसे लीक हुआः ED, न्यायिक जांच कराओः जैन

पता नहीं वीडियो कैसे लीक हुआः ED, न्यायिक जांच कराओः जैन

दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर मांग की है कि मसाज के लीक वीडियों की न्यायिक जांच कराई जाए। ईडी ने मंगलवार को कोर्ट में कहा कि उसे नहीं मालूम कि वीडियो कैसे लीक हुआ। जानिए मंगलवार का पूरा घटनाक्रमः

दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन ने अपने मसाज के लीक वीडियो को अवमानना का मामला बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मंगलवार 22 नवंबर को न्यायिक जांच की मांग की है। हालांकि ईडी ने मंगलवार को कोर्ट में कहा कि हमने वीडियो लीक नहीं किया है। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन इस समय तिहाड़ जेल में बंद हैं। लीक वीडियो में सत्येंद्र जैन को एक शख्स मसाज करता हुआ नजर आ रहा है। बीजेपी ने इसे मुद्दा बनाकर जैन और मुख्यमंत्री केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए।

सत्येंद्र जैन की ओर से पेश वकील राहुल मेहरा ने कहा कि इस बात की जांच की न्यायिक जांच होनी चाहिए कि दिल्ली हाईकोर्ट को सौंपे जाने से पहले ही वीडियो और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का जवाबी हलफनामा मीडिया में कैसे लीक हो गया। ईडी की ओर से पेश वकील ने कहा कि वित्तीय जांच एजेंसी ने मीडिया को वीडियो या हलफनामा लीक नहीं किया। वकील ने कहा, यह हलफनामा कैसे लीक हो गया, इस बात से मेरे अधिकारी भी दंग रह गए। उन्हें यह बताने दीजिए कि सूचना मीडिया तक कैसे पहुंची। 

मामले की सुनवाई कर रहे जज ने जब कुछ खबरों को देखा और कहा कि समाचार में कहा गया है कि गृह मंत्रालय, सीबीआई और उपराज्यपाल के पास सीसीटीवी फुटेज की एक प्रति है, तो ईडी के वकील ने कहा कि एजेंसी ने यह नहीं कहा है कि उसके पास सीसीटीवी फुटेज है।

इस पर मेहरा ने अदालत से कहा, हलफनामे का कटेंट खबरों में है। कोई भी वास्तविक हलफनामा नहीं देता है...उन्हें इस तक कैसे पहुंच मिली? 

ईडी ने कोर्ट से मामले की सुनवाई बाद की तारीख तक स्थगित करने का अनुरोध किया क्योंकि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू दिल्ली में नहीं थे।

जज ने वकील से कहा- यदि वरिष्ठ वकील नहीं हैं तो हम क्या कर सकते हैं? इस पर राहुल मेहरा ने कहा, वरिष्ठ को बदला जा सकता है। यही वरिष्ठ वकील की खूबसूरती है। वे बदलते रह सकते हैं।" उन्होंने मामले की सुनवाई बाद की तारीख तक स्थगित करने की ईडी की याचिका का विरोध किया।

वकील मेहरा ने कहा कि ईडी के अनुसार, लीक का सोर्स जेल था लेकिन ईडी के ही अनुरोध पर पेन ड्राइव को रिकॉर्ड पर रखा गया था। इसलिए, वीडियो फुटेज जेल अधिकारियों और ईडी दोनों के कब्जे में थी। जब ईडी के वकील ने दावा किया कि पेन ड्राइव की सामग्री सिर्फ जेल अधिकारियों के कब्जे में थी, मेहरा ने अदालत से ईडी के बयान को रिकॉर्ड करने के लिए कहा।

उन्होंने अदालत से जेल अधिकारियों को आगे की जानकारी लीक करने से रोकने के आदेश जारी करने के लिए भी कहा। उन्होंने अदालत से अपने मुवक्किल सत्येंद्र जैन के बारे में किसी भी तरह की जानकारी मीडिया के साथ साझा करने पर रोक लगाने की भी मांग की। मामले में अगली सुनवाई सोमवार को तय की गई है। जेल के अंदर सिर, पीठ और पैरों की मालिश कराने के वीडियो वायरल होने के बाद सत्येंद्र जैन की आलोचना हुई थी।

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