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राजस्थान पर दिल्ली में कांग्रेस के टॉप नेताओं की बैठक, सचिन पायलट मौजूद

राजस्थान पर दिल्ली में कांग्रेस के टॉप नेताओं की बैठक, सचिन पायलट मौजूद

राजस्थान में इसी साल चुनाव होने वाले हैं। कांग्रेस आलाकमान ने आज राज्य के नेताओं की बैठक बुलाई। इस बैठक में सचिन पायलट तो खुद पहुंचे लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि प्रदेश में गहलोत और पायलट के बीच खुला टकराव हो चुका है लेकिन दोनों खेमे अब शांत हैं।

एआईसीसी मुख्यालय में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनावों पर विचार-विमर्श करने के लिए गुरुवार 6 जुलाई को राज्य के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। राज्य में नवंबर-दिसंबर में चुनाव हो सकते हैं। बैठक में जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वर्चुअली शामिल हुए, वहीं दिल्ली बैठक में सचिन पायलट समेत अन्य सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। गहलोत को कुछ दिन पहले उनके बाएं पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी।

कांग्रेस नेतृत्व पार्टी की रणनीति को मजबूत करने के लिए उन राज्यों के नेताओं के साथ बैठकें कर रहा है जहां चुनाव होने वाले हैं। राजस्थान कांग्रेस नेतृत्व के साथ बैठक दिलचस्प है क्योंकि गहलोत और पायलट के बीच सत्ता संघर्ष अभी तक पूरी तरह हल नहीं हो सका है। 2020 में राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग को लेकर विद्रोह हुआ था। उसके बाद पायलट कई नाकाम मुहिम गहलोत के खिलाफ छेड़ चुके हैं।

बहरहाल, सूत्रों के मुताबिक सचिन पायलट एआईसीसी में कोई भूमिका पाने के इच्छुक नहीं हैं क्योंकि वह सिर्फ राजस्थान की राजनीति में भूमिका चाहते हैं। वह एक ऐसी भूमिका चाहते हैं जिसमें आगामी विधानसभा चुनावों के लिए टिकट वितरण में उनकी हिस्सेदारी हो सके। हालांकि, उनके समर्थकों का मानना ​​है कि उन्हें राज्य में चुनाव के मद्देनजर दोबारा राज्य का पार्टी अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए।

सचिन पायलट भी अपनी तीनों मांगों पर कार्रवाई चाहते हैं, हालांकि सीएम अब तक उन मांगों पर ज्यादा स्पष्ट नहीं हैं। केंद्रीय नेतृत्व इसे जल्द से जल्द सुलझाना चाहता है ताकि पार्टी अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दे और अगला चुनाव एकजुट होकर लड़े। 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी राजस्थान चुनाव पर कल शुक्रवार को मीडिया को संबोधित कर सकते हैं। राहुल की यह मीडिया कॉन्फ्रेंस आज होने वाली थी। लेकिन अब इसे टाल दिया गया है।


पार्टी ने कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वरिष्ठ नेता टीएस सिंह देव को उप मुख्यमंत्री नियुक्त करके इसी तरह की खींचतान को सुलझाने में कामयाबी हासिल की थी। सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने काफी हद तक राजस्थान का मामला सुलझा लिया है। अब बाकी समस्याएं भी हल हो जाएंगी।

दिसंबर 2018 में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही गहलोत और पायलट के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान चल रही है। सत्ता के लिए उनकी खींचतान जुलाई 2020 में सार्वजनिक हो गई, जब पायलट ने बदलाव के लिए पार्टी में एक असफल विद्रोह का नेतृत्व किया। 

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