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नागरिकता क़ानून: जामिया छात्रों के समर्थन में पंजाब के विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन

नागरिकता क़ानून: जामिया छात्रों के समर्थन में पंजाब के विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन

नागरिकता क़ानून का विरोध कर रहे जामिया मिल्लिया इसलामिया के छात्रों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के ख़िलाफ़ पंजाब के कई विश्वविद्यालयों, कॉलेजों में प्रदर्शन किए गए।

नागरिकता क़ानून का विरोध कर रहे जामिया मिल्लिया इसलामिया के छात्रों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के ख़िलाफ़ पंजाब के कई विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में प्रदर्शन किए गए और रैलियाँ निकाली गईं। इसमें हज़ारों की संख्या में छात्र शामिल हुए। कई शिक्षण संस्थानों में हड़ताल भी रखी गई। छात्र नागरिकता संशोधन क़ानून का भी पुरजोर विरोध कर रहे हैं। पंजाब के विश्वविद्यालयों में सक्रिय छात्र संगठन विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े कॉलेजों में एक दिवसीय हड़ताल की भी तैयारी कर रहे हैं।

कई जगह छात्र-छात्राओं ने जामिया मिल्लिया इसलामिया के विद्यार्थियों के समर्थन में मोमबत्ती मार्च भी किया। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों को छोड़कर सैकड़ों छात्रों ने विरोध मार्च निकाला। अमृतसर के गुरु नानक देव विश्वविद्यालय और पटियाला के पंजाबी विश्वविद्यालय में भी बड़े प्रदर्शन हुए। केंद्रीय विश्वविद्यालय बठिंडा में भी सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के ख़िलाफ़ ज़ोरदार प्रदर्शन किया। पंजाब के माझा, मालवा और दोआबा यानी हर इलाक़े के कॉलेजों में छात्रों ने रैलियाँ निकालीं। 

राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जामिया की घटना के विरोध में पोस्टर लगने शुरू हो गए हैं। दिल्ली और अन्य जगहों पर छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज और नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ पंजाब में छात्रों का संगठित आंदोलन आने वाले दिनों में वजूद में आ सकता है। इसके साफ़ संकेत मिल रहे हैं। 50 साल से राज्य में चले आंदोलनों और छात्र राजनीति पर अध्ययन करने वाले समाजशास्त्री डॉक्टर राकेश कुमार के मुताबिक़ पंजाब से बाहर घटी किसी घटना के ख़िलाफ़ सूबे के छात्र-छात्राओं ने क़रीब 35 साल में पहली बार ऐसी एकजुटता के साथ प्रदर्शन किया है।

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इसी तरह विभिन्न छात्र जत्थेबंदियों की अगुवाई में पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में भी बड़ी रैली की गई। जानकारी के मुताबिक़ मंगलवार और बुधवार को पंजाब के लगभग डेढ़ सौ कॉलेजों में इसी तरह के विरोध-प्रदर्शन छात्र-छात्राओं की ओर से किए गए। ग़ुस्से के बावजूद विद्यार्थी शांत रहे और क़ानून-व्यवस्था में किसी तरह की अड़चन नहीं डाली। दोआबा इलाक़े में छात्रों ने पंजाब स्टूडेंट यूनियन ललकार, पंजाब स्टूडेंट यूनियन शहीद रंधावा, पंजाब रेडिकल स्टूडेंट यूनियन और पंजाब स्टूडेंट यूनियन के नेतृत्व में विरोध मार्च किए।

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पीएयू के छात्र नेता नवदीप शर्मा कहते हैं, ‘पंजाब के छात्र जामिया मिलिया इसलामिया के छात्रों और अन्य जगहों पर होने वाली ज़्यादतियों का पुरजोर विरोध करते हैं। आने वाले दिनों में राज्य के तमाम छात्र संगठन एकजुट होकर केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ बाक़ायदा विरोध आंदोलन चलाएँगे और दिल्ली जाकर वहाँ के आंदोलनरत तथा पीड़ित छात्रों का साथ देंगे।’ कुछ टीचर्स यूनियनों ने भी विरोध कर रहे पंजाब के छात्रों का समर्थन किया है। पंजाब के एकमात्र कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना में भी विरोध-प्रदर्शन हुआ।

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